जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक भयानक वारदात ने पूरे गांव को सन्न कर दिया है। रामपुरा थाना क्षेत्र के जायघा गांव में बुधवार की रात को एक ऐसी घटना घटी, जिसने सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। एक 50 साल की महिला, जो अपने घर के बाहर चारपाई पर सुकून से सो रही थी, उसकी किसी अज्ञात हमलावर ने सिर पर भारी हथियार से बेरहमी से वार करके हत्या कर दी। सुबह जब लोगों ने देखा तो चारों तरफ खून पसरा था और महिला की लाश चारपाई पर पड़ी थी। इस खबर के बाद पूरे गांव में हाहाकार मच गया। पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, क्षेत्राधिकारी (CO) समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और आनन-फानन में जांच शुरू कर दी गई।
ये दर्दनाक घटना जायघा गांव की मीना देवी के साथ हुई। मीना देवी, स्वर्गीय कल्लू सिंह राजावत की पत्नी थीं और पति की मौत के बाद वो घर में अकेली ही रहा करती थीं।
बुधवार रात को रोज की तरह वो भी घर के बाहर चारपाई पर सो गईं, उन्हें क्या पता था कि वो रात उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी। आधी रात के करीब कोई अज्ञात कातिल आया और बिना किसी रहम के उनके सिर पर किसी भारी चीज से एक के बाद एक कई वार कर दिए।
हमला इतना जबरदस्त था कि मौके पर ही मीना देवी की जान चली गई और चारों तरफ, काफी दूर तक खून के छींटे बिखर गए। जिसने भी देखा वो सदमे में आ गया।
गुरुवार की सुबह जब काफी देर तक मीना देवी चारपाई से नहीं उठीं और कोई हलचल नहीं दिखी, तो पड़ोसियों को कुछ गड़बड़ लगी। जब पास जाकर देखा, तो मीना देवी का शरीर खून से लथपथ पड़ा था और उनकी मौत हो चुकी थी।
ये मंजर देखते ही गांव वालों के होश उड़ गए और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
अकेली महिला को बनाया निशाना; बेटे गुजरात में
मीना देवी के दो बेटे हैं, देवेंद्र सिंह (30) और विकेश सिंह (25)। ये दोनों फिलहाल गुजरात के अंकलेश्वर में टाइल्स लगाने का काम करते हैं।
घटना के बाद थाना प्रभारी शिव प्रकाश सिंह ने बड़े बेटे देवेंद्र से फोन पर संपर्क किया। देवेंद्र ने बताया कि वह गुजरात से निकल चुका है और गांव की तरफ आ रहा है।
उसने पुलिस से निवेदन किया है कि उसके पहुंचने तक पोस्टमार्टम और बाकी जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली जाए। बेटे ने कहा कि वह गांव पहुंचने के बाद खुद लिखित तहरीर देकर केस दर्ज कराएगा।
पुलिस ने फिलहाल मीना देवी के देवर रूपेंद्र सिंह, जिन्हें लला के नाम से भी जाना जाता है, उनकी सूचना के आधार पर कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का एक्शन और जांच के पहलू
इस गंभीर वारदात की जानकारी मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) अंबुज यादव, रामपुरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिव प्रकाश सिंह और उपनिरीक्षक रमाशंकर सिंह फौरन अपनी टीम के साथ जायघा गांव पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल को चारों तरफ से घेरकर सुरक्षित किया, ताकि कोई सबूत खराब न हो।
इसके बाद, क्राइम सीन पर बहुत बारीकी से जांच-पड़ताल की गई और हर छोटे से छोटे साक्ष्य को जुटाया गया। सारे जरूरी सबूत इकट्ठा करने के बाद, शव का पंचनामा भरा गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत की असल वजह और समय का पता चल पाएगा।
जैसा कि हमने बताया, मीना देवी अपने पति की मौत के बाद घर में अकेली रहती थीं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि कातिल ने इसी बात का फायदा उठाया और इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस अभी कई पहलुओं से इस मामले की जांच कर रही है। गांव वालों से पूछताछ की जा रही है कि क्या मीना देवी की किसी से कोई पुरानी रंजिश थी? या फिर ये लूटपाट का मामला है, जिसमें हत्या कर दी गई? या फिर कोई करीबी ही इस वारदात के पीछे है? पुलिस हर एंगल से मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
सीओ अंबुज यादव ने मीडिया को बताया कि घटनास्थल का गहन निरीक्षण कर लिया गया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि मृतका के बेटों के गांव पहुंचने के बाद उनकी तहरीर के आधार पर विधिवत FIR दर्ज की जाएगी और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करके इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
इस सनसनीखेज हत्या के बाद से पूरे जायघा गांव में डर और मातम का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और बस यही दुआ कर रहे हैं कि जल्द से जल्द कातिल पकड़ा जाए और मीना देवी को इंसाफ मिले।