फतेहपुर: साल 2014 की एक वारदात, जिसमें 9 लाख रुपये की लूट हुई थी। 9 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका था, लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस की फाइलों में एक नाम धूल फांक रहा था – बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला। इस शातिर बदमाश पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और लोग सोच रहे थे कि क्या ये कभी पकड़ा भी जाएगा या नहीं। लेकिन उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून के लंबे हाथ देर से ही सही, लेकिन अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं। लखनऊ STF और फतेहपुर की औंग थाना पुलिस ने मिलकर इस लुटेरे के मास्टरमाइंड को सुल्तानपुर से दबोच लिया है।
मामला 22 दिसंबर 2014 का है, जब फतेहपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अहीपुर गांव के रहने वाले श्रीपाल पांडेय अपने घर की तरफ लौट रहे थे। उनकी बाइक की होडल में एक बैग टंगा था, जिसमें 9 लाख रुपये रखे थे।
उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि कुछ अज्ञात बदमाश उनकी घात लगाए बैठे हैं। जैसे ही उन्हें मौका मिला, बदमाशों ने श्रीपाल पांडेय को निशाना बनाया और पलक झपकते ही उनके पास से 9 लाख रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।
इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था।
इस सनसनीखेज लूट के बाद थाना औंग में मुकदमा संख्या 127/14 धारा 394 (लूट), 411 (बेईमानी से चोरी की संपत्ति प्राप्त करना) और 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन मास्टरमाइंड बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला लगातार फरार चल रहा था।
लूट की पूरी कहानी और मास्टरमाइंड की तलाश
श्रीपाल पांडेय, रामनारायण पांडेय के पुत्र हैं। वो अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे थे जब अचानक उन्हें इस भयावह अनुभव से गुजरना पड़ा।
9 लाख रुपये की बड़ी रकम उस दौर में किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए बहुत मायने रखती थी। लूट की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई थी, लेकिन अपराधियों ने बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम दिया था।
शुरुआती जांच और दबिशों के बाद कुछ आरोपियों को पुलिस ने पकड़ा भी था।
पुलिस के रिकॉर्ड बताते हैं कि इस मामले में अखिलेश पाल, राजकिशोर कुमार, अजय उर्फ हीरालाल और जावेद जैसे कुछ आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके थे। इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने लूटी गई रकम में से 4 लाख रुपये भी बरामद कर लिए थे।
लेकिन, जैसा कि अक्सर होता है, इस गिरोह का असली सरगना यानी मास्टरमाइंड बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। वह वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
50 हजार का इनाम और STF की कड़ी मेहनत
इस केस की गंभीरता को देखते हुए और आरोपी की लगातार फरारी के चलते, आईजी प्रयागराज परिक्षेत्र ने बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। यह साफ संकेत था कि पुलिस इस अपराधी को किसी भी कीमत पर पकड़ना चाहती है।
फतेहपुर के पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने इस मामले को प्राथमिकता पर रखा। उनके निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक और सीओ बिंदकी के नेतृत्व में लखनऊ STF की एक विशेष टीम और औंग थाने की पुलिस ने मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम देने की रणनीति बनाई।
STF अपनी खुफिया जानकारी और अत्याधुनिक तकनीकों के लिए जानी जाती है। टीम ने इनामिया बदमाश की तलाश में कई जिलों की खाक छानी।
सूचनाएं जुटाई गईं, मुखबिरों का जाल बिछाया गया और आखिर में उन्हें एक अहम सुराग मिला। बाबा उर्फ मुन्ना उर्फ हसीनउल्ला, जो सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात स्थित वज्जूपुर हडही का रहने वाला है, वहीं कहीं छिपा हुआ था।
देर रात की कार्रवाई और गिरफ्तारी
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात में सुल्तानपुर में जाल बिछाया। ये ऐसी कार्रवाई थी जिसमें जरा सी चूक से सालों की मेहनत पर पानी फिर सकता था।
बेहद गोपनीय तरीके से और पूरी तैयारी के साथ पुलिस टीम ने उस जगह को घेर लिया जहाँ बाबा उर्फ मुन्ना के छिपे होने की सूचना थी। बिना किसी बड़े ड्रामे या चुनौती के, पुलिस ने इस शातिर बदमाश को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को फतेहपुर लाया गया और कोर्ट में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी है।
उस पर सिर्फ 2014 की ये लूट ही नहीं, बल्कि 2016 में भी थाना औंग में आईपीसी की धारा 174 (किसी आदेश का पालन न करना या सूचना न देना) के तहत एक और मामला दर्ज है। यह दर्शाता है कि बाबा उर्फ मुन्ना पहले से ही कानून की नजर में था और उसका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पुलिस टीम को बधाई और आगे की रणनीति
इस सफल ऑपरेशन में निरीक्षक शिवनेत्र सिंह, उपनिरीक्षक मनोज सिंह, उपनिरीक्षक रामनरेश, हेड कांस्टेबल अमित कुमार और हेड कांस्टेबल कमांडो रामविलास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन जांबाज अधिकारियों और जवानों की टीम वर्क और लगन के चलते ही एक लंबे समय से फरार चल रहे अपराधी को पकड़ा जा सका।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने टीम की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।
पुलिस विभाग जनता को ये भरोसा दिलाना चाहता है कि कोई भी अपराधी चाहे कितना भी शातिर हो या कितने भी सालों तक फरार रहे, उसे एक न एक दिन कानून के शिकंजे में आना ही पड़ेगा। फतेहपुर पुलिस अब जिले में सक्रिय अन्य फरार अपराधियों की तलाश में भी जुट गई है, ताकि कानून व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।

