बक्सर: बिहार के बक्सर जिले के नया भोजपुर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल दहल जाएगा। यहां इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है, जहां महज पांच हजार रुपयों के लिए एक युवक को ऐसी बर्बर यातनाएं दी गईं कि सुनने वाले के रोंगटे खड़े हो जाएं। सोचने भर से डर लगता है कि कैसे कुछ दरिंदों ने एक शख्स के हाथों के नाखून उखाड़ दिए और फिर गर्म खुरपी से उसके शरीर को जगह-जगह दागा। यह घटना न सिर्फ लूटपाट की है, बल्कि अमानवीय क्रूरता का वो चेहरा दिखाती है, जिसे देखकर आत्मा कांप उठे।
मामला नया भोजपुर के रहने वाले नौशाद कुरैशी से जुड़ा है, जो पेशे से मिस्त्री का काम करते हैं। नौशाद अपनी रोज़ी-रोटी के लिए दिनभर मेहनत करते हैं।
उस दिन भी वो अपना काम खत्म करके घर की ओर लौट रहे थे। शाम का वक्त रहा होगा और उनकी जेब में अपनी मेहनत की कमाई के पांच हजार रुपये थे।
इन पैसों से वो अपने परिवार की जरूरतें पूरी करने वाले थे, शायद घर का राशन लाना था या बच्चों के लिए कुछ खरीदनी थी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में दरिंदों का एक झुंड उनके इंतज़ार में घात लगाए बैठा है।
लूट के इरादे से रोका और दी अमानवीय यातनाएं
पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, नौशाद जब अपने घर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी रास्ते में दो नामजद युवकों समेत तीन-चार अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। इन लोगों का इरादा साफ था – नौशाद के पास जो पांच हजार रुपये थे, उन्हें लूटना।
नौशाद ने शायद विरोध करने की कोशिश की होगी या फिर अपनी कमाई बचाने की गुहार लगाई होगी, लेकिन इन दरिंदों ने उसकी एक न सुनी। वे उसे जबरन खींचकर एक सुनसान जगह ले गए, जहां दूर-दूर तक कोई देखने वाला नहीं था।
सुनसान जगह पर ले जाकर इन बदमाशों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। नौशाद ने जो आपबीती बताई है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी।
हमलावरों ने पहले उसके हाथों के नाखून उखाड़ दिए। आप कल्पना कीजिए, वो असहनीय दर्द, वो चीखें, जिससे नौशाद का कलेजा फट गया होगा।
इतना ही नहीं, जब इससे भी उन दरिंदों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने एक गर्म खुरपी का इस्तेमाल किया। गर्म खुरपी से नौशाद के शरीर के कई हिस्सों को दागा गया।
यह सिर्फ चोट पहुंचाना नहीं था, यह साफ तौर पर उसे ज़िंदगी भर का दर्द और खौफ देने की कोशिश थी। नौशाद इस अमानवीय यातना से बुरी तरह घायल हो गया।
उसके शरीर पर गहरे जख्मों के निशान साफ देखे जा सकते हैं, जो इस बर्बरता की गवाही दे रहे थे।
डर और सदमे के चलते नहीं बता पाए आपबीती
इतनी भयानक यातना सहने के बाद, किसी तरह नौशाद उन दरिंदों के चंगुल से छूटे और लंगड़ाते, दर्द से कराहते हुए अपने घर पहुंचे। लेकिन घटना के बाद वो इतने डर और सदमे में थे कि तुरंत अपने घरवालों को भी कुछ नहीं बता पाए।
शायद उन्हें इस बात का डर था कि बताने पर फिर से कोई नुकसान न हो जाए, या शायद उस खौफनाक मंजर ने उनकी ज़ुबान ही बंद कर दी थी। वो चुपचाप घर में ही दर्द सहते रहे।
लेकिन ये दर्द कोई ऐसा-वैसा दर्द नहीं था। शरीर पर गर्म खुरपी से मिले ज़ख्मों और उखड़े हुए नाखूनों का दर्द अगले दिन असहनीय हो गया।
जब दर्द की कोई सीमा नहीं रही, तब नौशाद ने हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार वाले नौशाद की हालत देखकर सन्न रह गए।
उनका बेटा जिस हाल में था, उसे देखकर उनके कलेजे पर क्या गुजरी होगी, ये सिर्फ वही समझ सकते हैं। बिना देर किए, परिवार वाले सोमवार को नौशाद को इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों को देखकर तुरंत इलाज शुरू किया।
पुलिस ने शुरू की छापेमारी, जल्द गिरफ्तारी का दावा
नौशाद की आपबीती सुनने के बाद परिजनों ने फौरन नया भोजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने हरकत में आते हुए दो नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने मीडिया को बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
चंदन कुमार ने विश्वास दिलाया है कि इस जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले सभी दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती क्रूरता और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देखना होगा कि पुलिस कब तक इन दरिंदों को सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है।

