महोबा: उत्तर प्रदेश का महोबा जिला, बुधवार की रात, लगभग साढ़े बारह बजे का वक्त था। चरखारी विधानसभा से बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक रोड पर जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया। एक तेज रफ्तार डंपर ने विधायक की गाड़ी को कुचलने की कोशिश की, मगर ड्राइवर की सूझबूझ से विधायक तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनकी एस्कॉर्ट गाड़ी को डंपर ने ऐसी टक्कर मारी कि चीख-पुकार मच गई। एस्कॉर्ट वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार विधायक के गनर समेत तीन लोग बुरी तरह घायल हो गए। विधायक ने इस घटना को महज़ हादसा मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे अपनी हत्या की कोशिश करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले से ही जान का खतरा था और इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और डीजीपी को भी दी थी। अब इस मामले को लेकर पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ जारी है, लेकिन सवाल कई खड़े हो गए हैं कि क्या ये सचमुच एक हादसा था या कोई बड़ी साजिश?
बुधवार रात करीब 12:35 बजे महोबा जिले के खरेला थाना क्षेत्र में संकट मोचन मंदिर के पास का नजारा दहशत भरा था। विधायक बृजभूषण राजपूत हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के चंदौरा पंडुआ डेरा गांव में एक शादी से लौट रहे थे।
उनके काफिले में उनकी अपनी निजी कार थी, जिसके आगे और पीछे दो एस्कॉर्ट वाहन चल रहे थे। इन वाहनों में उनके पीए, ड्राइवर, गनर और छह सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।
सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था कि तभी सामने से आता एक केला लदा डंपर (नंबर MH-19 CX-8255) अचानक बेकाबू होकर सीधे विधायक की गाड़ी की तरफ बढ़ने लगा। ये देखकर विधायक के ड्राइवर रविकांत मिश्रा के तो जैसे होश ही उड़ गए।
उन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए फौरन गाड़ी को सड़क से नीचे कच्चे किनारे पर उतार दिया, जिसे स्थानीय भाषा में 'खंथी' कहते हैं। उनकी इस फुर्ती ने विधायक की कार को डंपर की सीधी चपेट में आने से बचा लिया।
वरना शायद आज खबर कुछ और ही होती।
हादसा या साज़िश? विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
विधायक की गाड़ी तो बच गई, लेकिन डंपर इतनी तेजी और लापरवाही से आया कि पीछे चल रही उनकी एस्कॉर्ट स्कॉर्पियो को उसने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एस्कॉर्ट वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से परखच्चे उड़ गए।
लोहे के पुर्जे और शीशे के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। वाहन में बैठे विधायक के सरकारी गनर श्याम सिंह, निजी गार्ड किशनपाल और एस्कॉर्ट वाहन के चालक जितेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस हादसे के बाद बृजभूषण राजपूत पूरी तरह सन्न रह गए और उन्होंने सीधे तौर पर इसे अपनी हत्या की साजिश बता दिया।
घटनास्थल पर मौजूद विधायक बृजभूषण राजपूत ने पत्रकारों से बात करते हुए साफ-साफ कहा, "यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है। यह मेरी हत्या की कोशिश थी।
मुझे इस बात का पहले से ही अंदेशा था।" उन्होंने आगे बताया कि उन्होंने दो महीने पहले ही इस संबंध में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को एक पत्र लिखकर अपनी जान को खतरे की जानकारी दी थी।
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि उनका कभी भी सड़क हादसा कराया जा सकता है। विधायक ने इस पूरे मामले की एसआईटी (विशेष जांच दल) से जांच कराने की मांग की है, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
उनके इस बयान ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है और अब पुलिस के ऊपर जांच का दबाव और बढ़ गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती और पुलिस की कार्रवाई
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डंपर का चालक मौके से भागने की कोशिश करने लगा। एस्कॉर्ट वाहन कुछ दूर तक डंपर के साथ घिसटता चला गया, जिससे उसकी हालत और भी बदतर हो गई।
स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए डंपर का पीछा किया और उसे रोककर चालक को दबोच लिया। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई और करीब 15 मिनट के भीतर खरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।
पुलिस ने तुरंत चालक को अपनी हिरासत में ले लिया और डंपर को भी कब्जे में ले लिया। पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया डंपर महाराष्ट्र के जलगांव का है, जिसका मालिक कुंदन महाजन बताया जा रहा है।
डंपर मध्य प्रदेश से केले लादकर कानपुर की ओर जा रहा था। पुलिस फिलहाल चालक से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या यह वाकई एक हादसा था, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है, जैसा कि विधायक बृजभूषण राजपूत आरोप लगा रहे हैं।
घायल सुरक्षाकर्मियों और चालक का इलाज जारी है, जबकि विधायक के बयान के बाद पुलिस ने गंभीरता से इस मामले की हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।