महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। प्यार की कसमें खाने वाले एक जोड़े ने समाज के डर या किसी और मजबूरी के चलते हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया। चरखारी कोतवाली इलाके में एक आम के पेड़ से प्रेमी युगल के शव लटके मिले, और जो सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात थी, वो ये कि लड़की की मांग में सिंदूर भरा था। यह दृश्य देखकर हर कोई सकते में आ गया। सवाल उठने लगे कि क्या मौत से ठीक पहले उन्होंने शादी की थी? या ये प्यार की एक ऐसी कहानी थी, जो सामाजिक बेड़ियों के सामने टूट गई?
गुरुवार की सुबह जब सबुआ गांव के पास एक खेत में कुछ ग्रामीण पहुंचे, तो उनकी आंखें फटी रह गईं। गुढ़ा मोड़ स्थित खेत में आम के पेड़ से एक युवक और एक युवती के शव लटके हुए थे।
सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
घटना का भयावह खुलासा
जांच में पता चला कि मृतक युवक का नाम उपेंद्र विश्वकर्मा (24) था, जो सबुआ गांव का रहने वाला था। वहीं, युवती की पहचान चरखारी के जयेंद्र नगर की आरती कुशवाहा (22) के रूप में हुई।
सबसे चौंकाने वाला तथ्य ये था कि आरती की मांग सिंदूर से भरी हुई थी। पेड़ के ठीक नीचे, पुलिस को कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, चिप्स के रैपर और एक मोबाइल फोन भी पड़ा मिला।
इन साक्ष्यों को देखकर पुलिस ने आशंका जताई है कि आत्महत्या करने से पहले दोनों ने शायद शादी की रस्म निभाई होगी, या कम से कम एक-दूसरे को अपना लिया होगा।
ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। कोई इसे प्रेम-प्रसंग का दुखद अंत बता रहा था, तो कोई समाज के दबाव को इसका जिम्मेदार ठहरा रहा था।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि ऐसा वीभत्स दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। पुलिस ने फौरन शवों को पेड़ से उतरवाकर पंचनामा भरा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
प्यार की छिपी हुई कहानी
पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों व दोस्तों से हुई बातचीत में इस प्रेम कहानी की कुछ परतें खुलीं। उपेंद्र विश्वकर्मा चरखारी कस्बे में आरा मशीन के लिए पेड़ काटने का काम करता था।
इसी काम के दौरान उसकी मुलाकात आरती कुशवाहा से हुई। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और वे एक-दूसरे को दिल दे बैठे।
उनका प्रेम प्रसंग करीब तीन साल से चल रहा था, लेकिन इसे उन्होंने दुनिया की नजरों से छिपाकर रखा था। परिजनों को उनके रिश्ते की कोई जानकारी नहीं थी, या शायद वे इस सच्चाई से अनजान रहना ही पसंद करते थे।
बुधवार शाम को आरती अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। उसके परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिली, तो उन्होंने चरखारी कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
किसी को भी यह अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह उन्हें ऐसी खौफनाक खबर सुनने को मिलेगी। उपेंद्र के दोस्त आशीष ने बताया कि उन्हें इस प्रेम प्रसंग के बारे में थोड़ी बहुत जानकारी थी, लेकिन लड़की कौन थी, इस बारे में उन्हें साफ-साफ नहीं पता था।
उन्होंने बस इतना ही बताया कि उपेंद्र किसी से प्यार करता था।
अधूरी कसमें, अधूरा जीवन
उपेंद्र के पिता कुंदनलाल और आरती के चाचा अनिल कुमार इस घटना से पूरी तरह स्तब्ध हैं। उनके चेहरे पर गहरा सदमा और असमंजस साफ दिख रहा था।
उन्होंने बताया कि उनके बच्चों ने कभी भी अपने रिश्ते के बारे में घर पर कोई जिक्र नहीं किया था। वे दोनों ही इस बात से अनजान थे कि उनके बच्चे एक-दूसरे से प्यार करते हैं।
यह स्थिति उनके लिए और भी दर्दनाक थी, क्योंकि उन्हें अपने ही बच्चों के जीवन की इतनी बड़ी सच्चाई का पता उनकी मौत के बाद चला।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में जातिगत भिन्नता को इस आत्मघाती कदम का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अलग-अलग जातियों से होने के कारण उन्हें सामाजिक अस्वीकृति या विरोध का डर रहा होगा।
इसी डर ने शायद उन्हें यह खौफनाक रास्ता चुनने पर मजबूर किया। अक्सर ऐसे मामलों में प्रेमी युगल को समाज और परिवार से काफी दबाव झेलना पड़ता है, जो उन्हें इस तरह के चरम फैसले लेने पर मजबूर कर देता है।
पुलिस की जांच जारी
इस दोहरे सुसाइड मामले पर क्षेत्राधिकारी (CO) दीपक दुबे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर गहराई से मामले की तफ्तीश कर रही है। CO दुबे ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और घटना के पीछे की पूरी सच्चाई साफ हो पाएगी।
पुलिस अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचने से बच रही है और निष्पक्ष जांच पर जोर दे रही है। यह मामला महोबा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इस दुखद घटना के पीछे की असल वजह जानने को बेताब हैं।

