हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया है। सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के सरूपा गांव में 10 साल पहले ब्याही एक विवाहिता रेखा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला इतना पेचीदा है कि एक तरफ ससुराल वाले इसे खुदकुशी बता रहे हैं, तो वहीं मायके वालों ने सीधे-सीधे हत्या का आरोप लगा दिया है। अब पुलिस इस पूरे रहस्य से पर्दा उठाने में जुटी है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर रेखा की मौत की असली वजह क्या है?
ये कहानी है मथुरा के राया कोतवाली क्षेत्र के नगला रतन दास गांव की बेटी रेखा देवी की, जिनकी शादी करीब एक दशक पहले हाथरस के सरूपा गांव में हुई थी। रेखा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी में तीन बच्चों को जन्म दिया था।
सब कुछ सामान्य चल रहा था, या कम से कम ऐसा लगता था। लेकिन फिर एक रात अचानक खबर आई कि रेखा अब इस दुनिया में नहीं रही।
देर रात रेखा की मौत की सूचना जैसे ही उनके मायके वालों को मिली, उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिवार के लोग मथुरा से हाथरस के लिए दौड़े।
रात के अंधेरे में एक मौत और सवालों का अंबार
जब रेखा के मायके वाले सरूपा गांव पहुंचे, तो वहां का माहौल तनावपूर्ण था। ससुराल वालों ने उन्हें बताया कि रेखा ने पेड़ से लटककर अपनी जान दे दी है।
ये बात सुनकर मायके वाले सदमे में आ गए, लेकिन उनके मन में कई सवाल तैर रहे थे। उन्हें ये बात हजम नहीं हो रही थी कि उनकी बेटी, जिसके तीन छोटे-छोटे बच्चे थे, वो कैसे अचानक खुदकुशी कर सकती है।
वो भी ऐसे हालात में कि उन्हें इसकी भनक तक न लगे।
मायके पक्ष के लोगों ने जब रेखा के शव को देखा, तो उनके होश उड़ गए। उनकी बेटी के शरीर पर चोट के गहरे निशान थे।
ये निशान किसी सामान्य आत्महत्या की कहानी से मेल नहीं खा रहे थे। तभी उनके शक की सुई ससुराल वालों की तरफ घूम गई।
उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया कि रेखा ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उसकी हत्या की गई है। उनका कहना था कि रेखा को उसके ससुराल वाले लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।
ये उत्पीड़न इतना बढ़ गया था कि शायद उसी की परिणति इस दुखद मौत में हुई।
मायके वालों का गंभीर आरोप: ये खुदकुशी नहीं, हत्या है!
रेखा के पिता बच्चू सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में साफ तौर पर कहा कि उनकी बेटी के साथ आए दिन मारपीट होती थी। उसे दहेज और अन्य बातों को लेकर लगातार परेशान किया जाता था।
उन्होंने बताया कि रेखा अक्सर अपने मायके फोन करके इन परेशानियों का जिक्र करती थी और कई बार उसने बताया था कि ससुराल वाले उसे जान से मारने की धमकी भी देते थे। इन सब बातों के बाद, जब उन्हें रेखा के शरीर पर चोट के निशान मिले, तो उन्हें यकीन हो गया कि ये कोई आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले। उनका कहना था कि उनकी बेटी न्याय की हकदार है और उनके बच्चों को भी पता चलना चाहिए कि उनकी मां के साथ आखिर क्या हुआ था।
यह केवल एक परिवार की बात नहीं थी, बल्कि पूरे समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती घरेलू हिंसा और उत्पीड़न पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम और गहन जांच
जैसे ही इस घटना की जानकारी सादाबाद कोतवाली पुलिस को मिली, महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल प्रभाव से पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने बिना किसी देरी के रेखा के शव को अपने कब्जे में लिया। चूंकि मायके पक्ष ने हत्या का गंभीर आरोप लगाया था और शरीर पर चोट के निशान भी थे, इसलिए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे पता चलेगा कि रेखा की मौत का सही कारण क्या था और क्या ये चोट के निशान मृत्यु से पहले के थे या बाद के।
पुलिस ने मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और विभिन्न पहलुओं से जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया है।
आस-पास के लोगों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वे हर एक सबूत को इकट्ठा कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले की तह तक पहुंच जाएंगे।
सादाबाद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में रहकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो वह पुलिस से साझा करे।
फिलहाल, रेखा के बच्चों और उसके मायके वाले सदमे और गहरे दुख में हैं, और उन्हें उम्मीद है कि पुलिस जांच के बाद जल्द ही उन्हें न्याय मिलेगा। ये मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है, जिसकी रिपोर्ट आने का सभी को इंतजार है।

