बिहार की राजनीति में वैसे तो हर रोज कोई न कोई नया सियासी ड्रामा देखने को मिलता है, लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल तेजप्रताप यादव के इर्द-गिर्द जो चल रहा है, वो किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट से कम नहीं है। तेजप्रताप के सरकारी आवास से लाखों की चोरी का मामला दर्ज हुए अभी कुछ ही दिन हुए थे कि अब इसमें एक बेहद ही खौफनाक मोड़ आ गया है।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी केस के जो चश्मदीद गवाह हैं, यानी तेजप्रताप के ड्राइवर और उनकी पत्नी, उन्हें अब पूरे परिवार को उठवा लेने की धमकियां मिल रही हैं। आधी रात को घर पर आकर धमकाया जा रहा है कि "अगर गवाही दी, तो अंजाम बुरा होगा।
" पुलिस अब इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने में सिर खपा रही है। आइए, इस पूरी कहानी के एक-एक किरदार और इस नए बवाल को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।
आधी रात को घर पर धावा, 'आकाश यादव' के नाम की धमकी
मामले में नया मोड़ तब आया जब तेजप्रताप यादव के ड्राइवर अनिल यादव और उनकी पत्नी रंजू देवी शुक्रवार की देर रात घबराए हुए पटना के गर्दनीबाग थाने पहुंचे। दोनों ने पुलिस को एक लिखित आवेदन देकर अपनी जान का खतरा बताया है। ड्राइवर की पत्नी का आरोप है कि रात के करीब 11 बजे जब उनके पति घर पर नहीं थे, तब आरोपी पूर्व पीए मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती, उनके ससुर और साली अचानक उनके घर में घुस आए।
ड्राइवर के परिवार का आरोप है कि:
- आरोपी के परिजनों ने घर में घुसकर अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की।
- साफ-साफ चेतावनी दी कि अगर तेजप्रताप के घर हुई चोरी के मामले में कोर्ट या पुलिस के सामने मुंह खोला या गवाही दी, तो ठीक नहीं होगा।
- धमकी देने वालों ने 'आकाश यादव' नाम के एक शख्स का हवाला दिया और कहा कि गवाही देने पर पूरे परिवार को गायब करवा दिया जाएगा।
आखिर क्या है तेजप्रताप के घर हुई वो 'हाई-टेक' चोरी?
अब जरा फ्लैशबैक में चलते हैं और समझते हैं कि ये पूरी रार शुरू कहां से हुई थी। कुछ दिनों पहले तेजप्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इस शिकायत में उन्होंने अपने ही पूर्व निजी सहायक (PA) मोतीलाल राय पर सरकारी आवास से नगदी समेत कई कीमती इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स उड़ाने का आरोप लगाया था।
तेजप्रताप के मुताबिक, उनके घर से जो सामान चोरी हुआ, उसकी लिस्ट देखकर अच्छे-अच्छों के होश उड़ जाएं:
- पार्टी फंड के करीब 20 लाख रुपये कैश।
- 2 तोला सोने की चेन और सोने की 1 अंगूठी।
- सोने की बनी 4 विशेष पेन ड्राइव और 2 हार्ड डिस्क।
- 1 आईपैड (iPad), 1 मैकबुक (MacBook) लैपटॉप, 1 लेनोवो लैपटॉप।
- 4 आईफोन 17 प्रो मैक्स (iPhone 17 Pro Max) मोबाइल फोन।
तेजप्रताप ने पुलिस को बताया कि 22 जून की रात उनके ड्राइवर अनिल यादव और एक अन्य सहयोगी विशाल ने मोतीलाल राय को बैग लेकर बाउंड्री लांघकर भागते हुए देखा था। इसी गवाही को रोकने के लिए अब ड्राइवर के परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है।
दूसरी तरफ से भी पलटवार: "मेरे पति गायब हैं, तेजप्रताप ने फंसाया"
इस कहानी में ट्विस्ट सिर्फ एक तरफा नहीं है। आरोपी मोतीलाल राय की पत्नी प्रीति भारती ने भी तेजप्रताप यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पटना के अगमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। प्रीति का दावा है कि उनके पति को इस पूरे मामले में जबरन फंसाया जा रहा है और वह पिछले कई दिनों से लापता हैं।
प्रीति भारती ने तेजप्रताप और उनके ड्राइवर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
"मेरे पति सोमवार रात तक तेजप्रताप के साथ ही थे। उन्होंने तेजप्रताप के ही फोन से मुझे वीडियो कॉल किया था और कहा था कि भैया के पास ही उनका फोन है। इसके बाद से वे गायब हैं। मुझे डर है कि उनके साथ कुछ अनहोनी न हो गई हो।"
इतना ही नहीं, प्रीति का आरोप है कि तेजप्रताप के ड्राइवर अनिल यादव कुछ अज्ञात लोगों के साथ उनके घर पहुंचे थे और खुद को ED और CBI का अफसर बताकर जबरन तलाशी ली। प्रीति ने आरोप लगाया कि उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया और तेजप्रताप के कुछ गोपनीय दस्तावेज मांगे गए। इस दावे के समर्थन में उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं।
अब ये 'आकाश यादव' और 'लॉरेंस बिश्नोई' वाला एंगल क्या है?
इस पूरे ड्रामे की कड़ियां सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं हैं, इसमें अंडरवर्ल्ड और पुरानी रंजिश का तड़का भी लग चुका है। दरअसल, अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने तेजप्रताप यादव, उनके पूर्व पीए मोतीलाल और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए पहले ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
आकाश यादव का आरोप है कि 6 जून को तेजप्रताप अपने सहयोगियों के साथ उनके पाटलिपुत्र स्थित घर में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे और बाद में उन्हें फोन पर धमकी दी गई कि "लॉरेंस बिश्नोई का आदमी बोल रहा हूं, तेजप्रताप के खिलाफ कुछ भी बोला तो औकात दिखा दी जाएगी।" आकाश ने इस धमकी की कॉल रिकॉर्डिंग भी कोर्ट में पेश की है।
मुसीबत में बड़े भैया, तेजस्वी से मांगी मदद
चौतरफा आरोपों से घिरे तेजप्रताप यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। इस दौरान वे काफी परेशान दिखे और उन्होंने अपने छोटे भाई और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से सरेआम मदद की गुहार लगाई। तेजप्रताप ने कहा, "आकाश यादव और उसका परिवार मुझसे लगातार पैसों की डिमांड करता था। मैं कभी 5 लाख तो कभी 10 लाख रुपये दे दिया करता था, लेकिन अब वे लोग मुझे फंसाने के लिए झूठे केस कर रहे हैं। मैं बड़ी मुसीबत में हूं, तेजस्वी को मेरा साथ देना चाहिए।"
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
फिलहाल, पटना की गर्दनीबाग और सचिवालय पुलिस दोनों ही पक्षों के दावों की जांच कर रही है। एक तरफ लालू के लाल के घर से लाखों की चोरी और उनके गवाहों को धमकी मिलने का मामला है, तो दूसरी तरफ एक महिला का आरोप है कि उसके पति को गायब कर दिया गया है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि बिहार पुलिस इस हाई-प्रोफाइल और उलझी हुई राजनीतिक-क्राइम थ्रिलर की गुत्थी को कैसे सुलझाती है।

