जालंधर: रेलवे स्टेशन पर कोई आदमी खाकी वर्दी में, कंधे पर स्टार लगाए और रौब झाड़ता हुआ आ जाए, तो भला कौन शक करेगा? शायद कोई नहीं। खासकर तब, जब वो खुद को 'विजिलेंस इंस्पेक्टर' बताए और चेकिंग स्टाफ को साथ लेकर ट्रेनों और बुकिंग काउंटरों पर घूमना शुरू कर दे। जालंधर में भी पिछले 6 महीनों से ऐसा ही एक 'सिंघम' बिना किसी डर के अपना सिक्का जमा रहा था। इसका नाम है जावेद अली। ये जनाब ना सिर्फ मुफ्त में AC कोच में सफर करते थे, बल्कि रेलवे स्टेशनों पर VIP ट्रीटमेंट भी लेते थे। लेकिन कहते हैं ना, हर चोर का एक दिन आता है। जावेद अली का भी आया, और वो भी बड़े फिल्मी स्टाइल में। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर 'आईडी दिखाओ' सुनते ही इस फर्जी इंस्पेक्टर की सारी हेकड़ी धरी रह गई और वो पकड़ा गया।
रेलवे के चेकिंग स्टाफ को साथ लेकर चलने वाला ये महाशय खुद को इतना बड़ा अफसर दिखाता था कि किसी को उसकी हरकतों पर शक करने की हिम्मत ही नहीं होती थी। फिरोजपुर मंडल में इसने जालंधर, फगवाड़ा, कपूरथला और लुधियाना जैसे कई स्टेशनों और बुकिंग काउंटरों पर अपनी धाक जमा रखी थी।
मुफ्त का सफर और अधिकारियों वाला रुतबा, जावेद अली की जिंदगी मक्खन जैसी चल रही थी। लेकिन एक छोटी सी चूक ने उसकी 6 महीने लंबी जालसाजी का पर्दाफाश कर दिया।
फिल्मी स्टाइल का 'इंस्पेक्टर' और उसका शातिर प्लान
जावेद अली किसी फिल्म के हीरो से कम नहीं था, जिसे लगता था कि वो रेलवे के पूरे सिस्टम को अपनी उंगलियों पर नचा सकता है। वो स्टेशनों पर उतरता, स्टाफ को इकट्ठा करता और फिर उनकी मदद से ट्रेनों में 'विजिलेंस चेकिंग' करता।
उसके आत्मविश्वास और रौब से भरी बातें सुनकर कोई भी असली-नकली का फर्क नहीं कर पाता था। वो न सिर्फ चेकिंग स्टाफ को साथ लेकर चलता, बल्कि बुकिंग काउंटरों पर भी जाकर खुद को विजिलेंस का बड़ा अधिकारी बताकर धौंस जमाता था।
फिरोजपुर मंडल के तहत आने वाले इन इलाकों में पिछले करीब 6 महीने से उसका ये फर्जीवाड़ा बेखौफ चल रहा था। उसका मुख्य मकसद VIP ट्रीटमेंट लेना और AC कोच में मुफ्त में यात्रा करना था, जिसमें वो लगातार सफल भी हो रहा था।
अमृतसर से जालंधर तक भी वो ऐसे ही VIP ट्रीटमेंट लेते हुए पहुंचा था और आगे लुधियाना तक का सफर भी मुफ्त में करने का इरादा था।
जालंधर कैंट पर पकड़ी गई 'अजीब हरकत'
लेकिन कहते हैं ना, 'एक न एक दिन तो सच्चाई सामने आ ही जाती है।' जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर भी कुछ ऐसा ही हुआ।
जावेद अली अपनी पुरानी आदत के मुताबिक चेकिंग स्टाफ पर धौंस जमा रहा था और अपना फर्जी रौब झाड़ रहा था। इस दौरान उसकी कुछ हरकतें वहां मौजूद रेलवे स्टाफ को थोड़ी अटपटी और अजीब लगीं।
उन्हें लगा कि कुछ तो गड़बड़ है। स्टाफ ने बिना कोई देर किए, तुरंत इसकी सूचना अपने उच्च अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही, मंडल के कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर फौरन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जावेद अली को देखा और उसके बर्ताव को भांप लिया।
फिर उन्होंने सीधा उससे उसका ऑफिशियल रेलवे आईडी कार्ड मांग लिया।
जब 'आईडी' पर अटक गई 'सिंघम' की गाड़ी
कमर्शियल मूवमेंट इंस्पेक्टर ने जब जावेद अली से उसका आधिकारिक रेलवे आईडी कार्ड दिखाने को कहा, तो उसके होश फाख्ता हो गए। पल भर में ही उसका सारा आत्मविश्वास गायब हो गया और उसके चेहरे पर घबराहट साफ दिखने लगी।
वह कोई भी वैध दस्तावेज या पहचान पत्र पेश नहीं कर पाया। यहीं पर उसके फर्जीवाड़े का खेल खत्म हो गया।
असली अधिकारियों ने तुरंत उसके झूठ को पकड़ लिया। इसके बाद, बिना किसी देरी के राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को मौके पर बुलाया गया और जावेद अली को तुरंत दबोच लिया गया।
उसका फिल्मी स्टाइल का 'सिंघम' अवतार पल भर में ही धराशाई हो गया।
मुरादाबाद में भी काट चुका है जेल
GRP की शुरुआती जांच में जो खुलासा हुआ, वो और भी चौंकाने वाला था। पता चला कि जावेद अली कोई नया खिलाड़ी नहीं है, बल्कि वो एक बेहद शातिर अपराधी है जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
करीब एक साल पहले, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर भी उसे ठीक इसी तरह फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ठगी करते हुए पकड़ा गया था। उस समय भी उसे सलाखों के पीछे जाना पड़ा था और कुछ दिन जेल में बिताने पड़े थे।
जेल से बाहर आने के बाद भी उसने अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और फिर से उसी धंधे में लग गया। इस बार उसकी मंशा अमृतसर से VIP ट्रीटमेंट लेते हुए जालंधर कैंट तक पहुंचना और फिर वहां से AC कोच में मुफ्त सफर करते हुए लुधियाना जाना था।
लेकिन जालंधर कैंट पर उसका ये प्लान धरे का धरा रह गया।
रेलवे अधिकारियों का कड़ा रुख और चेतावनी
इस पूरे मामले पर फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि आरोपी जावेद अली के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी पहचान का इस्तेमाल करने और सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सैनी ने साफ शब्दों में कहा कि रेलवे ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटेगा और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद, फिरोजपुर मंडल ने एक अलर्ट भी जारी किया है।
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों और रेल कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति खुद को विजिलेंस अफसर या कोई बड़ा अधिकारी बताकर धौंस जमाने की कोशिश करे, तो सबसे पहले उसकी वैध आईडी जरूर चेक करें। जरा भी शक होने पर तुरंत आरपीएफ या स्टेशन मास्टर को सूचित करें, ताकि ऐसे फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता व रेलवे स्टाफ सुरक्षित रह सके।

