जालंधर: देर रात जालंधर की बस्ती पीर कॉलोनी में एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया, जिसने इलाके के लोगों को कुछ देर के लिए सकते में डाल दिया। हुआ यूं कि जब आधी रात का सन्नाटा गहरा रहा था और बिजली गुल होने की वजह से चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था, तभी एक युवक लड़खड़ाते हुए पास के एक गंदे नाले में जा गिरा। ये सब इतना अचानक हुआ कि किसी को कानों-कान खबर तक नहीं हुई। आस-पास मौजूद लोग बताते हैं कि घटना की भनक लगने में करीब 10 मिनट लग गए, जिसके बाद जो हुआ वो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था – चीख-पुकार, अफरा-तफरी और फिर एक जान बचाने की अथक कोशिश।
मामला बस्ती पीर इलाके का है। रात के करीब 10 बजे होंगे, जब बिजली गुल हुई और पूरा इलाका घुप अंधेरे में डूब गया।
ऐसे में सड़कों पर चलना भी मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान, एक युवक जो कथित तौर पर गहरे नशे में धुत था, अपने होश-ओ-हवास खो बैठा।
वो सड़क पर चल रहा था, लेकिन अंधेरे में शायद उसे नाले का किनारा दिखा नहीं या उसका संतुलन बिगड़ गया, और वो सीधा उस गंदे, बदबूदार नाले में जा गिरा।
रात का अंधेरा और एक मजदूर की गलत चाल
प्रत्यक्षदर्शी सौरभ ने बताया कि जिस वक्त यह घटना हुई, इलाके की बिजली करीब आधे घंटे से गायब थी। इस वजह से सड़कों पर कुछ भी ठीक से दिखाई नहीं दे रहा था।
सौरभ के मुताबिक, "चारों तरफ अंधेरा इतना गहरा था कि अपने ही हाथ को देख पाना मुश्किल था। ऐसे में एक आदमी का नाले में गिरना बड़ी बात नहीं।
" उन्होंने बताया कि कुछ देर बाद जब उन्हें नाले के भीतर से कुछ आवाजें सुनाई दीं, तो उन्हें लगा कि कोई जानवर फंसा होगा। लेकिन जब उन्होंने ध्यान से देखा तो एक इंसान पानी में छटपटा रहा था।
ये देखते ही उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत शोर मचाना शुरू कर दिया।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि जैसे ही उन्हें नाले में किसी के गिरने का पता चला, वे बिना एक पल गंवाए घटना स्थल की ओर भागे। उन्हें पता था कि ऐसे गंदे नाले में ज्यादा देर तक रहना कितना खतरनाक हो सकता है।
तुरंत ही पुलिस को और मीडिया को भी इस घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम तेजी से मौके पर पहुंची।
पुलिस के जवानों और स्थानीय लोगों के चेहरे पर चिंता साफ दिख रही थी, क्योंकि हर बीतता पल उस युवक के लिए भारी पड़ रहा था, जो अंधेरे नाले में फंसा हुआ था।
मदद की गुहार और पुलिस का त्वरित एक्शन
पुलिस टीम मौके पर पहुंचते ही हालात का जायजा लिया। रात का अंधेरा और नाले की गहराई, दोनों ही बचाव अभियान को मुश्किल बना रहे थे।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर रणनीति बनाई कि कैसे जल्द से जल्द युवक को बाहर निकाला जाए। वहां मौजूद भीड़ में से किसी ने रस्सी का इंतजाम किया।
यह रस्सी ही उस युवक की जीवन रेखा बनने वाली थी, जो मौत के मुंह से खींचने के लिए इस्तेमाल होनी थी। हर कोई अपनी तरफ से मदद करने को तैयार था, चाहे वह रस्सी पकड़ना हो, टॉर्च की रोशनी डालना हो या फिर हौसला बढ़ाना हो।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें जैसे ही फोन पर जानकारी मिली, वे बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गए। "हमने देखा कि युवक गहरे नाले में पड़ा था और पूरी तरह से बेहोश था।
उसकी जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता थी," अधिकारी ने कहा। स्थानीय युवाओं ने इस बचाव अभियान में पुलिस का पूरा साथ दिया।
उन्होंने न केवल रस्सी का इंतजाम किया, बल्कि उसे नीचे भेजने और ऊपर खींचने में भी मदद की। यह एक टीम वर्क था, जहां पुलिस और आम नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर एक इंसान की ज़िंदगी बचाने के लिए लड़ रहे थे।
नाले से निकालने की जद्दोजहद
काफी मशक्कत के बाद, पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर युवक को रस्सी के सहारे नाले से बाहर निकाला। जब उसे बाहर निकाला गया, तो वह पूरी तरह से अचेत था, लेकिन उसकी सांसें चल रही थीं।
उसके शरीर पर गंदगी और बदबूदार पानी लगा हुआ था, जो इस बात का सबूत था कि उसने कितनी मुश्किल घड़ी देखी थी। लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाने की मांग की, ताकि उसे फौरन मेडिकल सहायता मिल सके।
मौके पर मौजूद कई लोग अपनी टी-शर्ट और रुमाल से उसके चेहरे और शरीर को साफ करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि उसे थोड़ी राहत मिल सके। इस घटना ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित नालों की समस्या को उजागर किया, खासकर उन इलाकों में जहाँ रात में रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं होती।
यह पूरा बचाव अभियान करीब आधे घंटे तक चला। इस दौरान इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई थी।
हर कोई यही दुआ कर रहा था कि युवक सही-सलामत बाहर आ जाए। जब उसे आखिरकार बाहर निकाला गया और उसकी सांसें चलती दिखीं, तो लोगों ने राहत की सांस ली।
लेकिन वह इतना ज्यादा नशे में था कि कुछ भी बोल पाने की हालत में नहीं था। एम्बुलेंस के आने तक, पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और युवक को प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की।
पहचान हुई; परिवार से संपर्क की कोशिश
स्थानीय लोगों की मदद से युवक की पहचान 'गोरा' के रूप में हुई। बताया जा रहा है कि गोरा इसी इलाके या पास की किसी कॉलोनी का रहने वाला है।
वह पेशे से एक पल्लेदार यानी मजदूर है और अभी अविवाहित है। जब यह खबर लिखी जा रही थी, तब तक उसका कोई भी पारिवारिक सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा था।
पुलिस अब गोरा के परिवार से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है, ताकि उन्हें इस घटना के बारे में सूचित किया जा सके और आगे की कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने उसे तुरंत एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक नशे और गंदे पानी में रहने की वजह से उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किस परिस्थिति में नाले में गिरा और क्या कोई और भी इस घटना के लिए जिम्मेदार है।


