भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले में बुधवार की सुबह एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी। लोदीपुर थाना क्षेत्र के टोल प्लाजा के पास सुबह-सुबह ग्रामीणों ने एक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास एक बोरा था, जिसमें सरकारी बिजली के कुछ सामान भरे थे। बस फिर क्या था, "चोर...चोर..." की आवाजें गूंज उठीं और भीड़ ने उस युवक को घेर लिया।
ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने बिना देर किए उस युवक की जमकर पिटाई कर दी।
आरोप था कि युवक नशे में धुत था और चोरी कर रहा था। पिटाई के बाद उसे एक बिजली के खंभे से बांध दिया गया।
देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
यह घटना सिर्फ एक चोरी के आरोप तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसने इलाके में फैले नशे और उससे उपजे अपराधों की एक कड़वी सच्चाई को भी सामने ला दिया। पकड़े गए युवक की पहचान जिछो निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई।
भीड़ ने जब उससे पूछताछ की, तो रौशन ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
संदेह और पिटाई का मंज़र
बुधवार सुबह जब रौशन कुमार टोल प्लाजा के पास सरकारी बिजली के कुछ सामान बोरे में भर रहा था, तो ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ गई। शक गहराया और देखते ही देखते लोग इकट्ठा हो गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। उनका आरोप था कि रौशन नशे में था और अक्सर ऐसी चोरियां करता रहता है।
भीड़ के बीच रौशन की जमकर पिटाई हुई। उसके बाद उसे एक बिजली के खंभे से बांध दिया गया ताकि वह भाग न सके।
गांव में अक्सर होने वाली चोरियों और नशे की बढ़ती समस्या से परेशान ग्रामीण रौशन को एक मौके के तौर पर देख रहे थे, जहां वे अपनी भड़ास निकाल सकें। इस दौरान उससे सिर्फ बिजली के सामान के बारे में ही नहीं, बल्कि गांव में हुई "खस्सी चोरी" (बकरी चोरी) के बारे में भी सवाल किए गए।
हालांकि, रौशन ने खस्सी चोरी के आरोपों से साफ इनकार कर दिया और कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज देखे जाएं तो सच्चाई सामने आ जाएगी।
रौशन की कहानी: नशा, कबाड़ और आरोप
जब ग्रामीणों ने रौशन से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि वह गांजा और कोरेक्स जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करता है। यह कबूलनामा ग्रामीणों के आरोपों को कुछ हद तक सही ठहराता था कि वह नशे के लिए चोरी करता है।
हालांकि, उसने यह भी कहा कि वह अब ऐसा नहीं करेगा।
बिजली के सामान के बारे में रौशन का तर्क कुछ और ही था। उसने दावा किया कि उसने उन सामानों को "कबाड़" समझकर उठाया था, जो फेंके हुए थे।
उसने कहा कि यह पहली बार था जब उसने सरकारी सामग्री उठाई थी। उसकी बात सुनकर कुछ ग्रामीणों को आश्चर्य हुआ, क्योंकि वे उसे एक आदतन चोर मान रहे थे।
अपनी सफाई देते हुए रौशन ने अपने गांव जिछो में नशे के खुलेआम बिकने का आरोप लगाया। उसने कहा कि गांव में एक व्यक्ति कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बेचता है, जिसकी वजह से कई युवा इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं।
यह आरोप अपने आप में एक गंभीर मुद्दा है, जो सिर्फ रौशन की चोरी से कहीं बड़ा है। अगर यह सच है, तो यह दर्शाता है कि इलाके में नशे का कारोबार किस हद तक फैल चुका है और कैसे यह युवाओं को अपराध की ओर धकेल रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की भूमिका और आगे की कार्रवाई
रौशन ने यह भी बताया कि वह पहले एक सीमेंट की दुकान पर काम करता था, लेकिन अब वह माल लोडिंग का काम करता है। उसकी बातों से यह भी साफ हुआ कि वह किसी संगठित गिरोह का हिस्सा नहीं था, बल्कि अपनी निजी लत को पूरा करने के लिए ही इस तरह के काम में उलझा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने लोदीपुर पुलिस थाने को सूचना दी। थाना अध्यक्ष ने मामले की जानकारी ली, लेकिन बताया कि अभी तक इस घटना के संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
थाना अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिलती, पुलिस अपनी ओर से कोई कार्रवाई शुरू नहीं कर सकती। उन्होंने आश्वासन दिया कि आवेदन मिलने के बाद मामले की गहन जांच की जाएगी और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सिर्फ एक युवक की पिटाई और चोरी के आरोप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भागलपुर जैसे इलाकों में बढ़ती नशे की समस्या, सामुदायिक न्याय के नाम पर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति और पुलिस की औपचारिक कार्रवाई की सीमाओं को भी उजागर करती है। रौशन के आरोपों की पुष्टि और नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन को आगे बढ़कर कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल, रौशन को खंभे से बांधे जाने और उसकी पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो सकता है, लेकिन असली कार्रवाई तो पुलिस की जांच और ग्रामीणों की शिकायत पर ही निर्भर करेगी।

