भागलपुर: बिहार के भागलपुर से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक जवान शख्स, जिसकी शादी को अभी डेढ़ साल ही हुए थे और घर में दो महीने का मासूम बच्चा था, वो दावत खाने के लिए अपनी ससुराल जा रहा था। खुशियों से भरा उसका सफर अचानक मातम में बदल गया। सड़क पर हुई एक दर्दनाक टक्कर ने न सिर्फ उसकी जिंदगी छीन ली, बल्कि एक परिवार की सारी खुशियां भी चकनाचूर कर दीं।
यह कहानी है 28 साल के इरफान की, जो मोहम्मद अलाउद्दीन के बेटे थे। इरफान अपने ममेरे भाई के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी ससुराल जा रहे थे।
रास्ते में उनके मन में क्या कुछ चल रहा होगा, इसकी कल्पना करना मुश्किल नहीं है। शायद वह अपनी पत्नी और नए-नवेले बच्चे से मिलने की खुशी में डूबे होंगे, या फिर दावत में होने वाली बातचीत और हंसी-मजाक के बारे में सोच रहे होंगे।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
घटना हबीबपुर थाना क्षेत्र के करौड़ी इलाके की है। रात तकरीबन 11:30 बजे का समय था।
कब्रिस्तान के पास सड़क पर एक दूसरी बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि इरफान अपनी बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे।
उनके सिर में गहरी चोट लगी और एक हाथ भी टूट गया। ममेरे भाई को भी चोटें आईं, लेकिन गनीमत रही कि वे ज्यादा गंभीर नहीं थीं।
इस मंजर ने सड़क पर मौजूद हर शख्स को दहशत में डाल दिया।
दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस और अस्पताल की दौड़भाग
हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम फौरन मौके पर पहुंची। बिना वक्त गंवाए, पुलिस ने दोनों घायलों को उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में इरफान की हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहां इलाज के दौरान इरफान ने दम तोड़ दिया। एक हँसता-खेलता परिवार एक पल में बिखर गया।
वहीं, इरफान के ममेरे भाई को मामूली चोटें आई थीं। सदर अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
लेकिन हादसे का एक और पहलू है जो चौंकाता है। टक्कर मारने वाला दूसरा बाइक सवार प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल से 'फुर्र' हो गया।
यानी मौका मिलते ही वह वहां से निकल भागा। पुलिस अब उसकी तलाश में जुट गई है, ताकि पता चल सके कि आखिर उस रात क्या हुआ था और दूसरा शख्स कौन था।
परिवार का मातम और न्याय की गुहार
अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इरफान के मामा मोहम्मद इस्लामउद्दीन ने बताया कि इरफान को ससुराल से दावत के लिए बुलाया गया था।
उन्होंने बताया कि इरफान की मौत से उनका परिवार सदमे में है। डेढ़ साल पहले जिस घर में खुशियों के गीत गूंज रहे थे, वहां आज मातम पसरा है।
दो महीने का बच्चा अपने पिता को कभी देख नहीं पाएगा, ये सोचकर ही कलेजा मुंह को आ जाता है। इस्लामउद्दीन ने प्रशासन से जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कराकर सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वे चाहते हैं कि उनके भांजे को न्याय मिले और इस हादसे के पीछे की सच्चाई सामने आए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
इस पूरे मामले पर हबीबपुर थानेदार सफदर अली ने बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने दुर्घटना में शामिल दोनों बाइकों को जब्त कर लिया है।
एक युवक की मौत हुई है और पुलिस अब पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है। पुलिस टीम दूसरे फरार बाइक सवार की तलाश में है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज (अगर उपलब्ध हो) और चश्मदीदों के बयानों से भी मदद ली जा रही है। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले की गुत्थी सुलझाकर उन्हें इंसाफ दिलाएगी।
इरफान के आकस्मिक निधन ने न केवल उनके परिवार को, बल्कि पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है।

