भागलपुर: सुबह की ठंडी हवा, पक्षियों की चहचहाहट और सड़क पर कदमों की हल्की थाप। यही तो होता है मॉर्निंग वॉक का नज़ारा, जहाँ लोग अपनी सेहत सुधारने या बस ताज़ी हवा में घूमने निकलते हैं। भागलपुर के गोपालपुर में रहने वाली 47 साल की कथा देवी भी ऐसी ही एक रोज़मर्रा की आदत की पक्की थीं। मंगलवार की सुबह भी वो इसी उम्मीद और अपनी सेहत के लिए घर से निकली थीं। मंज़िल थी ज़ीरो माइल स्थित हवाई अड्डा के पास की सड़क, जहाँ वो अक्सर टहलने जाती थीं। लेकिन किसे पता था कि ये सुबह उनके लिए आख़िरी सुबह साबित होगी और घर से निकली कथा देवी फिर कभी वापस नहीं लौटेंगी?
नियम से टहलने निकली कथा देवी को एक तेज़ रफ्तार गाड़ी ने रौंद दिया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि उनके सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े।
किसी को समझ नहीं आ रहा था कि कुछ पल पहले तक हंसती-खेलती, ताज़ी हवा में साँस ले रही एक महिला अचानक सड़क पर बेसुध क्यों पड़ी है। ये हादसा सिर्फ एक टक्कर नहीं था, बल्कि एक परिवार के सपनों पर बजरी उड़ने जैसा था।
ये दर्दनाक घटना औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र के जीरो माइल स्थित हवाई अड्डा के पास हुई। रोज़ की तरह कथा देवी लोदीपुर की तरफ से आ रही एक सड़क पर टहल रही थीं।
उनके बेटे गोलू ने बाद में बताया कि उनकी माँ हर दिन इसी रास्ते पर मॉर्निंग वॉक के लिए जाती थीं। ये उनका तयशुदा रूट था, उनकी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा।
लेकिन आज इस दिनचर्या पर एक अज्ञात वाहन की लापरवाही भारी पड़ गई।
एक रूटीन पर भारी पड़ी लापरवाही
गोलू के मुताबिक, "माँ रोज़ाना की तरह सुबह टहलने निकली थीं। तभी लोदीपुर की तरफ से एक तेज़ रफ्तार गाड़ी आई और उसने माँ को टक्कर मार दी।
माँ सड़क पर गिर गईं और बुरी तरह ज़ख्मी हो गईं।" ये बताते हुए गोलू की आँखें नम थीं।
उन्हें अब भी यकीन नहीं हो रहा था कि जिस माँ को उन्होंने सुबह विदा किया था, वो अब कभी वापस नहीं आएगी। वो कौन-सी गाड़ी थी? कौन था वो ड्राइवर जो इतनी तेज़ी से आया और एक ज़िंदगी को कुचलकर पलक झपकते ही हवा हो गया? ये सवाल अब भी अनसुलझे हैं और परिवार के मन में टीस बनकर बैठे हैं।
स्थानीय लोगों ने जब कथा देवी को सड़क पर लहूलुहान देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। डायल 112 की टीम बिना देर किए मौके पर पहुँची।
पुलिसकर्मियों ने गंभीर रूप से ज़ख़्मी कथा देवी को उठाया और भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज अस्पताल) पहुँचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया, लेकिन तब तक शायद बहुत देर हो चुकी थी।
कथा देवी के शरीर से काफी खून बह चुका था और चोटें इतनी गहरी थीं कि डॉक्टरों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं। इलाज के दौरान ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया।
अस्पताल में मातम, न्याय की गुहार
अस्पताल पहुँचते ही कथा देवी के परिवार को इस दुखद घटना की जानकारी मिली। जब गोलू और परिवार के दूसरे सदस्य अस्पताल पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि उनकी माँ अब इस दुनिया में नहीं हैं।
ये खबर सुनकर उन पर मानों पहाड़ टूट पड़ा। गोलू ने बताया, "हमें जब जानकारी मिली, तो हम अस्पताल पहुँचे।
लेकिन तब तक डॉक्टर ने माँ की मौत की पुष्टि कर दी थी। हम नहीं जानते कि किस गाड़ी ने टक्कर मारी।
" उनके बयान में दर्द और साथ ही उस अज्ञात ड्राइवर के प्रति गुस्सा साफ झलक रहा था, जिसने उनकी माँ की जान ले ली और मौके से फरार हो गया।
परिवार अब न्याय की गुहार लगा रहा है। गोलू ने बरारी पुलिस को एक लिखित आवेदन दिया है।
इस आवेदन में उन्होंने पुलिस से गाड़ी की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। बरारी थानेदार विकास कुमार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बताया कि आवेदन के आधार पर तुरंत FIR दर्ज कर ली गई है।
पुलिस अब इस मामले को यातायात थाना को फॉरवर्ड करेगी, ताकि वे आगे की जाँच कर सकें। यातायात थाना की ज़िम्मेदारी होगी कि वो सीसीटीवी फुटेज खंगालें, आसपास के लोगों से पूछताछ करें और उस अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर का पता लगाएं, जिसने एक परिवार की खुशियाँ उजाड़ दीं।
परिवार को उम्मीद है कि उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिलेगा और उनकी माँ की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज़ रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता पर सवाल उठाती है।

