भागलपुर: गंगा तटबंध के काम के लिए सचिव का सख्त आदेश; 15 दिन की डेडलाइन
सारांश
बिहार के भागलपुर में बाढ़ और कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग अलर्ट। सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 15 दिन में काम पूरा करने और मजदूरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

बिहार के भागलपुर में बाढ़ और कटाव रोकने के लिए जल संसाधन विभाग अलर्ट। सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने 15 दिन में काम पूरा करने और मजदूरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया।

भागलपुर: बिहार में मानसून की दस्तक हो चुकी है और गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार की सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं तटबंधों में सेंध न लग जाए और गांव जलमग्न न हो जाएं। इसी खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह खुद मैदान में उतरे। शनिवार को उन्होंने भागलपुर के गंगा तटीय इलाकों का सघन दौरा किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बाढ़ आने से पहले सुरक्षा के सारे इंतजाम पुख्ता हों।
सचिव का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि उन्होंने मौके पर जाकर काम की रफ्तार को परखा। उनका सीधा संदेश था कि समय कम है और काम ज्यादा।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि गंगा किनारे चल रहे कटाव निरोधक कार्यों को अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। सचिव ने साफ कहा कि अगर जरूरत पड़े तो मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और मशीनों को दिन-रात लगाया जाए ताकि समय सीमा का पालन हो सके।
डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अपने दौरे की शुरुआत रंगरा प्रखंड के झल्लूदास–ज्ञानीदास गांव से की।
यहाँ गंगा के बाएं तट पर कटाव को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। करीब 1394 मीटर की लंबाई में बोल्डर एप्रन और स्लोप पिचिंग का काम किया जा रहा है।
सचिव ने मौके पर निर्देश दिया कि कार्यस्थल पर बोल्डर और क्रेट की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इंजीनियरों को हिदायत दी कि वे लगातार निगरानी रखें ताकि गांव को स्थायी सुरक्षा मिल सके और पानी का कटाव रोका जा सके।
इसके बाद सचिव गोपालपुर प्रखंड के इस्माईलपुर–बिंदटोली तटबंध पहुंचे। यहाँ स्पर संख्या-8 और 9 के बीच सुरक्षा कार्यों की समीक्षा की गई।
इस हिस्से में 740 मीटर क्षेत्र में बोल्डर एप्रन, स्लोप पिचिंग और तटबंध के टो (Toe) में शीट पाइल लगाने का काम चल रहा है। सचिव ने यहाँ काम की धीमी गति को देखते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि मजदूरों और मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इन कामों का समय पर पूरा होना अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने विभागीय अभियंताओं को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी की जाए ताकि भविष्य में तटबंधों की मजबूती बनी रहे और किनारे बसे गांवों के लोग सुरक्षित महसूस करें।
विभाग अब युद्ध स्तर पर इन परियोजनाओं को पूरा करने में जुट गया है ताकि मानसून की मार से बचा जा सके।
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