शिमला: स्कूल की दहलीज पर दिनदहाड़े एक महिला को गोली मार दी जाती है। पूरा शहर सन्न है, पुलिस के सामने चुनौती है एक सनसनीखेज हत्याकांड को सुलझाने की। जिसने भी सुना, वो यही सोच रहा था कि आखिर कौन इतना बेरहम हो सकता है? लेकिन जब पुलिस ने इस खूनी खेल की परतें खोलीं, तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मरने वाली महिला का सगा भाई ही था। जी हाँ, संपत्ति विवाद में भाई ने ही अपनी बहन को मौत के घाट उतरवा दिया।
बात 13 जून की है, जब संजौली इलाके में स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के गेट पर एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। मनीषा मित्तल, जो इस स्कूल की संचालिका थीं, अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में थीं।
अचानक, दो नकाबपोश हमलावर आते हैं, ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हैं और देखते ही देखते मनीषा मित्तल को मौत के घाट उतारकर फरार हो जाते हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
पुलिस के लिए यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती थी।
शिमला पुलिस तुरंत हरकत में आई। बिना देर किए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
टीम ने हिमाचल ही नहीं, बल्कि हरियाणा और आस-पास के राज्यों में भी अपनी जांच का दायरा फैलाया। तकनीक का इस्तेमाल किया गया, हर बारीक से बारीक सुराग को खंगाला गया।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और उसका नतीजा भी जल्द सामने आया।
40 घंटे में शूटर्स गिरफ्तार; फिर खुला मास्टरमाइंड का राज
हत्याकांड के महज 40 घंटे के भीतर ही पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से दो शूटर्स – आशीष अहलावत और दीपक – को धर दबोचा। ये कोई मामूली कामयाबी नहीं थी।
पुलिस ने उनके पास से वो दोनों पिस्तौलें भी बरामद कर लीं, जिनका इस्तेमाल मनीषा को मारने में किया गया था। दोनों शूटर्स को कोर्ट में पेश किया गया और उन्हें 10 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
अब पुलिस के पास एक मजबूत कड़ी थी – ये शूटर्स। और इन्हीं शूटर्स से पूछताछ के आधार पर इस खूनी खेल के असली किरदारों तक पहुंचने का रास्ता साफ हुआ।
शूटर्स की निशानदेही पर पुलिस उस शख्स तक पहुंची, जिसने यह पूरी साजिश रची थी। चौंकाने वाली बात ये थी कि यह कोई बाहरी नहीं, बल्कि मनीषा मित्तल का सगा भाई हिमांक मित्तल था।
हिमांक के साथ-साथ उसके एक पार्टनर गोविंद को भी रोहतक से गिरफ्तार किया गया। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया कि आखिर एक भाई अपनी बहन की जान का दुश्मन कैसे बन सकता है?
सीसीटीवी का एक्सेस; कत्ल की पूरी कहानी
पुलिस की जांच में जो बातें सामने आईं, वो और भी चौंकाने वाली थीं। पता चला कि हिमांक मित्तल के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों का एक्सेस था।
सोचिए, एक भाई अपनी बहन की हर गतिविधि पर नज़र रख रहा था, लेकिन अच्छे के लिए नहीं, बल्कि उसे मौत के घाट उतरवाने के लिए! हिमांक ने इसी सीसीटीवी एक्सेस का इस्तेमाल मनीषा की आवाजाही पर नजर रखने के लिए किया। फिर, यही एक्सेस गोविंद के ज़रिए शूटर्स तक पहुंचाया गया।
शूटर्स को पता था कि मनीषा कब स्कूल आती-जाती हैं, कब वे सबसे आसान शिकार बन सकती हैं। और इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने स्कूल गेट पर इस वारदात को अंजाम दिया।
गोविंद का रोल: कार; पैसा और विदेश भागने की कोशिश
गोविंद, जो हिमांक का पार्टनर था, उसका रोल भी कम शातिर नहीं था। एएसपी शिमला मेहर पंवर ने बताया कि गोविंद ने ही हत्या में इस्तेमाल होने वाली कार किराए पर ली थी और शूटर्स को उपलब्ध करवाई थी।
सिर्फ इतना ही नहीं, उसने दीपक नाम के शूटर को पैसे भी ट्रांसफर किए थे। पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि हत्या से कुछ दिन पहले हिमांक मित्तल ने गोविंद के खाते में करीब साढ़े आठ लाख रुपए ट्रांसफर किए थे।
शूटर्स को करीब 20 हज़ार रुपए बैंक खाते में और लगभग 50 हज़ार रुपए नकद दिए गए थे। यह सारा लेनदेन भी गोविंद के ज़रिए ही हुआ था।
गोविंद की शातिर चाल यहीं खत्म नहीं हुई। वारदात को अंजाम देने से एक-दो दिन पहले वह खुद विदेश भाग गया, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सके।
विदेश से लौटने के बाद उसने अपना फोन बंद कर लिया और छिपने की हर संभव कोशिश करता रहा। लेकिन पुलिस की तकनीक और मुस्तैदी के आगे उसकी एक न चली।
गिरफ्तारियां और आगे की जांच
तकनीकी जांच के आधार पर 28 जून को पुलिस ने गोविंद को रोहतक, हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसे शिमला लाकर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
गोविंद से लगातार पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या की साजिश से जुड़े हर पहलू का खुलासा हो सके। वहीं, हिमांक मित्तल को भी 28 जून को ही रोहतक से गिरफ्तार किया गया था।
हालांकि, अभी वह पुलिस हिरासत में स्वास्थ्य कारणों के चलते बेड पर है। उसके स्वस्थ होते ही उसे भी शिमला लाया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
पुलिस का दावा है कि संपत्ति विवाद ही इस पूरी साजिश की जड़ थी। हिमांक ने गोविंद के साथ मिलकर आशीष और दीपक को हत्या के लिए नियुक्त किया था।
गोविंद के बारे में बताया जा रहा है कि वह दोनों शूटर्स का जानकार था। अब पुलिस गोविंद से कड़ी पूछताछ कर रही है, ताकि इस खूनी साजिश के हर सिरे को जोड़ा जा सके और मनीषा मित्तल को इंसाफ मिल सके।


