पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय निवासियों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। रूपौली में पदस्थापित अंचल पुलिस निरीक्षक हरिशंकर मिश्र अब हमारे बीच नहीं रहे। 26 जून को अपने किराए के मकान की छत से गिरने के बाद वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे और जिंदगी और मौत के बीच कई दिनों की जद्दोजहद के बाद सोमवार देर रात पटना के एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके आकस्मिक निधन से पूरे प्रखंड क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है, और हर कोई इस खबर से स्तब्ध है।
ये घटना 26 जून की रात को हुई थी। बिरौली बाजार स्थित अपने किराए के मकान में हरिशंकर मिश्र जी शायद किसी काम से छत पर गए होंगे, और तभी अनहोनी हो गई।
रात के अंधेरे में वे असंतुलित होकर छत से नीचे गिर पड़े। इस हादसे में उन्हें सिर और शरीर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।
गिरते ही वे अचेत हो गए और पूरी रात घायल अवस्था में वहीं पड़े रहे। सुबह की पहली किरण के साथ ही मकान मालिक जब अपनी दिनचर्या के लिए बाहर निकले, तो उनकी नज़र ज़मीन पर बेसुध पड़े हरिशंकर मिश्र पर पड़ी।
ये मंजर देखते ही उनके होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत रूपौली पुलिस को घटना की सूचना दी।
दर्दनाक हादसा और अस्पताल का सफर
सूचना मिलते ही रूपौली थाना प्रभारी और उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची। हरिशंकर मिश्र जी की हालत बेहद नाजुक थी।
बिना कोई समय गंवाए, उन्हें फौरन रेफरल अस्पताल रूपौली ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों ने उनकी प्राथमिक जांच की और जितनी जल्दी हो सके, उन्हें फर्स्ट-एड दिया।
लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए, रूपौली के डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत बेहतर इलाज के लिए पूर्णिया रेफर कर दिया।
पूर्णिया पहुंचने के बाद भी उनकी हालत में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उन्हें पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी, जहाँ और भी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध थीं।
उम्मीद की एक किरण थी कि शायद पटना में उन्हें नई जिंदगी मिल सकेगी। इसी उम्मीद के साथ उन्हें तत्काल पटना के एक निजी अस्पताल के सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कराया गया।
आईसीयू में डॉक्टर्स की एक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी और उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रही थी। उनके परिजन हर पल उनके होश में आने और ठीक होने की दुआएं कर रहे थे।
अंतिम सांस और शोक की लहर
कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच हरिशंकर मिश्र जी की जंग चलती रही। हर बीतते दिन के साथ, उनके ठीक होने की उम्मीद और प्रार्थनाएं भी बढ़ती जा रही थीं।
लेकिन सोमवार देर रात, अस्पताल से वो मनहूस खबर आई जिसने सबके दिलों को तोड़ दिया। तमाम कोशिशों के बावजूद, हरिशंकर मिश्र ने आईसीयू में ही अपनी अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर जैसे ही पूर्णिया और रूपौली पहुंची, पुलिस महकमे में मातम छा गया। सहकर्मी और अधिकारी, जो उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ और हँसमुख इंसान के तौर पर जानते थे, इस खबर पर यकीन ही नहीं कर पा रहे थे।
हर आंख नम थी और हर कोई गहरे सदमे में था।
हरिशंकर मिश्र एक अत्यंत मेहनती और समर्पित पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने 29 अगस्त, 2025 को रूपौली अंचल पुलिस निरीक्षक के पद पर राजेश कुमार से पदभार ग्रहण किया था।
द्वितीय अंचल पुलिस निरीक्षक के रूप में, उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और जनता की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। उनकी कार्यशैली और उनके सौम्य स्वभाव के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
उनके नेतृत्व में कई जटिल मामलों को सुलझाया गया, जिससे इलाके में शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहा। उनका असमय जाना न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे पुलिस विभाग और क्षेत्र के लिए एक बड़ी क्षति है।
श्रद्धांजलि और परिवार का दुख
दिवंगत हरिशंकर मिश्र के निधन पर पुलिस मुख्यालय से लेकर स्थानीय थानों तक शोक की लहर है। पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मियों ने अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
उनकी स्मृति में, सभी ने दो मिनट का मौन रखा और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मंगलवार को रूपौली थानाध्यक्ष अभय रंजन, टिकापट्टी थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह, मोहनपुर थाना प्रभारी मनीष कुमार और अकबरपुर थाना प्रभारी अनुज कुमार राज के नेतृत्व में एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया।
इस शोक सभा में चारों थानों में पदस्थापित सभी अधिकारियों और अधीनस्थ कर्मियों ने भाग लिया। हर किसी ने हरिशंकर मिश्र के सेवा भाव, उनकी ईमानदारी और उनके प्रेरणादायक व्यक्तित्व को याद किया।
यह एक बेहद भावुक क्षण था, जहाँ हर आंख में अपने एक सहयोगी को खोने का दर्द साफ झलक रहा था। उनके अचानक चले जाने से पुलिस बल ने एक कर्मठ और समर्पित सदस्य खो दिया है।
हरिशंकर मिश्र अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिन पर इस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी, नूतन त्रिपाठी, नवोदय विद्यालय में शारीरिक शिक्षिका हैं।
इसके अलावा उनका एक पुत्र और एक पुत्री भी है, जिन्होंने अपने पिता को असमय खो दिया है। इस मुश्किल घड़ी में, पूरा पुलिस विभाग उनके परिवार के साथ खड़ा है और उन्हें हर संभव सहायता और समर्थन का आश्वासन दे रहा है।
हरिशंकर मिश्र का असमय निधन पुलिस विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई करना कठिन होगा। उनकी यादें और उनके द्वारा किए गए नेक कार्य हमेशा पुलिसकर्मियों के दिलों में और जनता के बीच जीवित रहेंगे।


