समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से एक ऐसी फिल्मी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर शायद ही कोई अपनी सीट से न उछले। एक परिवार जिस बेटी को मरा हुआ समझकर आंसू बहा रहा था, जिसका अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुटा था, अचानक वही बेटी अपने पति के साथ शादी के जोड़े में सामने आ गई। वो भी किसी फोन कॉल पर नहीं, बल्कि एक वीडियो मैसेज के जरिए! वीडियो में वो मुस्कुराते हुए कह रही थी, "मैं अनीषा (19), समस्तीपुर की रहने वाली हूं। मैंने रोहित (22) से अपनी मर्जी से शादी की है। मुझ पर किसी तरह का दबाव नहीं है। मैं जहां भी हूं, खुश हूं। पापा-मम्मी, कृपया मेरे पति और उनके परिवार को किसी भी तरह से परेशान न करें। मैं जिंदा हूं। आज 29 जून।" सोचिए ज़रा, उस परिवार पर क्या बीती होगी? एक तरफ बेटी के जिंदा होने की खुशी, तो दूसरी तरफ उस लाश को लेकर हुई भारी गलती का सदमा। यह किस्सा है समस्तीपुर की अनीषा का, जिसकी गुमशुदगी, फिर 'मौत' और अंत में 'जिंदा' होने के वीडियो ने सबको चौंका दिया है।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ, जब विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के भजनगामा गांव की रहने वाली अनीषा और दलसिंहसराय मथुरापुर के रोहित कुमार की प्रेम कहानी परवान चढ़ी। दोनों दलसिंहसराय कॉलेज में पार्ट-2 के छात्र थे और करीब चार साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे।
कॉलेज आने-जाने के दौरान उनकी मुलाकातें होती रहीं और धीरे-धीरे प्यार गहरा होता गया। जब दोनों ने शादी करने का फैसला किया, तो उन्हें एक बड़ा डर सता रहा था – उनके परिवार वाले इस रिश्ते को कभी नहीं मानेंगे।
परिवार की संभावित नाराजगी और विरोध के डर से, दोनों ने घर से भागकर शादी करने का मन बना लिया।
21 जून को अनीषा अपनी दादी की दवा लाने के बहाने घर से निकली। परिवार को लगा कि वह थोड़ी देर में वापस आ जाएगी, लेकिन शाम ढल गई और रात हो गई, अनीषा घर नहीं लौटी।
देर रात तक भी जब बेटी का कोई पता नहीं चला, तो मां सरस्वती देवी और परिवार के बाकी सदस्यों की चिंता बढ़ती चली गई। उन्होंने अपनी ओर से हर जगह अनीषा को तलाशने की कोशिश की, रिश्तेदारों से पूछा, दोस्तों से बात की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
दो दिन बाद, जब अनीषा का कोई अता-पता नहीं चला, तो हताश होकर 23 जून को अनीषा की मां सरस्वती देवी ने विद्यापतिनगर थाने में बेटी के अपहरण का मामला दर्ज कराया।
रोहित पर लगा अपहरण का आरोप
अपनी FIR में, अनीषा की मां सरस्वती देवी ने सीधा आरोप दलसिंहसराय मथुरापुर के रोहित कुमार और उसके कुछ सहयोगियों पर लगाया। उनका कहना था कि रोहित ने शादी की नीयत से उनकी बेटी अनीषा का अपहरण किया है।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की, लेकिन शुरुआती कुछ दिनों में उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली। पुलिस लगातार अनीषा की तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लग रही थी।
परिवार सदमे में था और बेटी के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठा था।
बोरी में मिली लाश ने तोड़ा परिवार का सब्र
यह सब चल ही रहा था कि 26 जून को जिले के सीमावर्ती गढ़पुरा थाना क्षेत्र में, जो बेगूसराय जिले में पड़ता है, एक सनसनीखेज खबर सामने आई। वहां एक बोरी में बंद एक युवती की सड़ी-गली लाश मिली।
पुलिस ने लाश बरामद की और उसकी शिनाख्त की कोशिशें शुरू हुईं। जब यह खबर अनीषा के परिवार तक पहुंची, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
बदहवास होकर परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। लाश की हालत इतनी खराब थी कि उसे पहचानना बेहद मुश्किल था, लेकिन अनीषा के परिजनों को लगा कि यह उनकी ही बेटी का शव है।
उन्होंने लाश को अनीषा की लाश के तौर पर पहचान लिया और गहरे सदमे में डूब गए। हालांकि, पुलिस इस बात को मानने में थोड़ा संकोच कर रही थी, क्योंकि लाश बहुत ज्यादा खराब हो चुकी थी और सीधे तौर पर पहचान करना मुश्किल था।
फिर भी, परिवार के सदस्यों का यकीन था कि उनकी अनीषा अब इस दुनिया में नहीं रही।
अनीषा का वीडियो और फिल्मी ट्विस्ट
पुलिस अभी भी बोरी में मिली लाश की गुत्थी सुलझाने और अनीषा के अपहरण के मामले की जांच में जुटी हुई थी। परिवार अपनी बेटी को खोने के गम में डूबा हुआ था।
ऐसे में एक ऐसी घटना हुई, जिसने इस पूरे मामले को एक झटके में पलट दिया। सोमवार की सुबह, यानी 29 जून को, दलसिंहसराय के DSP विवेक कुमार शर्मा के मोबाइल फोन पर एक वीडियो आया।
यह वीडियो किसी और का नहीं, बल्कि खुद अनीषा का था। वीडियो में अनीषा अपने पति रोहित के साथ शादी के जोड़े में नजर आ रही थी।
वह बिल्कुल ठीक और खुश दिख रही थी। वीडियो में अनीषा ने साफ-साफ कहा कि वह जिंदा है, अपनी मर्जी से शादी की है और अपने परिवार से आग्रह किया कि वे उसके पति और उसके ससुराल वालों को परेशान न करें।
DSP ने बुलाई बैठक, साफ हुई तस्वीर
यह वीडियो DSP विवेक कुमार शर्मा के लिए एक बड़ा खुलासा था। उन्होंने तुरंत अनीषा के परिजनों को विद्यापतिनगर थाने बुलाया।
थाने में DSP ने परिजनों के सामने अनीषा की तस्वीरों और बोरी में मिली लाश की तस्वीरों का मिलान कराया। उन्होंने साफ तौर पर परिजनों को समझाया कि गढ़पुरा में मिली लाश अनीषा की नहीं है।
यह सुनकर परिवार के लिए एक पल में सारी दुनिया बदल गई। जिस बेटी को वो मरा हुआ मान चुके थे, वो जिंदा थी और अपनी नई जिंदगी शुरू कर चुकी थी।
एक तरफ राहत थी कि बेटी जिंदा है, तो दूसरी तरफ अपने फैसले से घर से भागकर शादी कर लेने का झटका भी था। अनीषा के वीडियो ने न केवल परिवार को एक बड़े भ्रम से बाहर निकाला, बल्कि पुलिस की जांच को भी एक नई दिशा दी।
आगे क्या होगा?
फिलहाल, अपहरण का आरोप लगाने वाली FIR के कानूनी पहलुओं पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। अनीषा ने खुद यह वीडियो भेजकर अपने जिंदा होने और अपनी मर्जी से शादी करने की बात कही है।
पुलिस के मुताबिक, अनीषा का वर्तमान लोकेशन दरभंगा में ट्रेस हुआ है। अब देखना यह है कि परिवार इस नई स्थिति पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और पुलिस इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है।
लेकिन एक बात तो तय है, इस घटना ने सबको चौंका दिया है और यह कहानी लंबे समय तक लोगों की जुबान पर रहेगी।

