समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने रिश्तों की बुनियाद और दहेज के अंधे लालच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक पति ने अपनी पत्नी को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। आरोप है कि लोहे की पाइप से सिर पर वार कर उसने अपनी पत्नी की जान ले ली। ये कोई मामूली घरेलू झगड़ा नहीं था, बल्कि वर्षों से जल रही दहेज की आग थी, जिसने एक जवान जिंदगी को राख कर दिया। मरने वाली महिला का नाम सोनी कुमारी (25) था और हत्या का आरोप उसके पति विक्की कुमारी पर लगा है, जिसे पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है।
आप सोचिए, महज 15 दिन पहले ही सोनी अपने मायके से ससुराल लौटी थी। उसे क्या पता था कि घर वापसी उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित होगी? ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी वार्ड-11 से आई इस खबर ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
जैसे ही वारदात की खबर फैली, मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की जुबान पर बस एक ही बात थी – आखिर कब रुकेगा दहेज का ये दानव?
कैसे हुई वारदात?
घटना बुधवार रात की बताई जा रही है। हरपुर भिंडी वार्ड-11 में अचानक घर के अंदर से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं।
पड़ोसियों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई, लेकिन इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, सोनी कुमारी ने दम तोड़ दिया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विक्की कुमारी ने लोहे की पाइप से अपनी पत्नी सोनी के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत धर दबोचा।
दहेज की मांग और तीन साल की त्रासदी
मृतका सोनी के पिता लालबाबू शाह का तो रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी।
उस वक्त उन्होंने अपनी हैसियत के हिसाब से दो लाख रुपये नकद और ढेर सारे जेवरात दिए थे। शुरू में सब ठीक-ठाक रहा, लेकिन कुछ ही दिनों में दामाद विक्की कुमारी ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया।
लालबाबू शाह बताते हैं, “मेरा दामाद मोटरसाइकिल की मांग करने लगा। इसको लेकर मेरी बेटी को आए दिन प्रताड़ित किया जाता था।
उसे इतनी परेशानियां दी गईं कि वह ज्यादातर समय मायके में ही रहती थी।”
विक्की कुमारी झालमुरी बेचने का काम करता था, लेकिन उसकी महत्वाकांक्षाएं सिर्फ इसी कमाई तक सीमित नहीं थीं। उसे एक बाइक चाहिए थी और इस मांग को पूरा न कर पाने का खामियाजा सोनी को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
लालबाबू शाह ने बताया कि विक्की 15 दिन पहले उनके घर आया था और फिर सोनी को अपने साथ ससुराल ले गया था। उन्हें क्या पता था कि वह अपनी बेटी को उसके कातिल के हाथों सौंप रहे हैं।
मायके वालों का हंगामा और अंतिम संस्कार का विवाद
गुरुवार की सुबह जब पोस्टमार्टम के बाद सोनी का शव उसके पिता लालबाबू शाह को मिला, तो उनका दर्द और गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वह शव लेकर सीधे अपनी बेटी के ससुराल हरपुर भिंडी पहुंचे।
वहां पहुंचते ही उन्होंने और उनके परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मायके पक्ष के लोगों के हंगामे और आक्रोश को देखते हुए, ससुराल के सभी लोग मौके से फरार हो गए।
कोई भी वहां मौजूद नहीं था, जो इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा होता।
लालबाबू शाह और उनके परिवार वालों की मांग थी कि जब तक आरोपी पति और उसके परिवार वालों को सजा नहीं मिलती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस दौरान गांव के कई लोग भी मौके पर जमा हो गए।
गांव वालों ने बीच-बचाव किया और समझाया-बुझाया कि अंतिम संस्कार ससुराल में ही कर देना चाहिए। काफी समझाने-बुझाने के बाद, मायके पक्ष के लोग शांत हुए और फिर सोनी का अंतिम संस्कार वहीं किया गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने इस पूरे मामले पर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इस घटना की सूचना मिली, पुलिस टीम बिना देर किए रात में ही मौके पर पहुंच गई थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी पति विक्की कुमारी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष के मुताबिक, मायके पक्ष के लोग दहेज हत्या का आरोप लगा रहे हैं।
पुलिस ने लालबाबू शाह की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और अब इस पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है।
फिलहाल, विक्की कुमारी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि इस क्रूर हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में दहेज प्रथा की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसकी कड़वी याद दिला दी है।

