गोरखपुर: उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जिला, जो पिछले कुछ हफ्तों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहा था, उसे आखिरकार कुदरत की तरफ से बड़ी राहत मिली है। बुधवार की सुबह जब लोग नींद से जागे, तो आसमान का नज़ारा कुछ और ही था। भोर 5 बजे से ही काले घने बादल पूरे शहर पर छा गए, ऐसा लगा मानो किसी ने ऊपर से पानी के गुब्बारे तैयार कर रखे हों। मौसम का मिजाज अचानक ऐसा बदला कि ठंडी हवाओं ने लोगों की जान में जान डाल दी और पिछले दिनों की तपिश को धुंधला कर दिया।
बुधवार से शहर में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है और इस बदलाव की आहट सुबह से ही महसूस होने लगी। मौसम विभाग ने पूरे दिन बादलों की आवाजाही और शाम तक शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश की संभावना जताई है।
आज गोरखपुर में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जो बीते हफ्तों के मुकाबले काफी सुकून देने वाला है।
बारिश की खबर सुनते ही और आसमान का रंग देखकर लोग तुरंत हरकत में आ गए। सुबह 8 बजते-बजते ही शहर में रेनकोट और छातों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगने लगी।
दुकानदारों ने भी फौरन अपनी दुकानें खोल दीं, क्योंकि उन्हें पता था कि ग्राहक अब गर्मी से राहत और बारिश से बचाव के लिए निकल पड़ेंगे। मौसम विभाग ने सिर्फ बारिश का ही नहीं, बल्कि 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मानसून ने दी दस्तक; वैज्ञानिकों का क्या कहना है?
मौसम के इस सुखद बदलाव पर मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडेय ने अहम जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई से पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इस सक्रियता के पीछे बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ का असर है।
इन दोनों मौसमी गतिविधियों के मिलन से गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। डॉ.
पांडेय ने स्पष्ट किया कि बुधवार से जिले में कई दौर की बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे मौसम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट में तेज़ हवाओं का विशेष ज़िक्र है, जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
इसके साथ ही, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। सुबह की सैर पर निकले लोगों ने भी मौसम के इस बदले हुए मिजाज का खूब लुत्फ उठाया, ठंडी हवाओं ने उनकी सैर को और भी खुशनुमा बना दिया।
गर्मी से मिली बड़ी राहत; तापमान में भारी गिरावट
एक हफ्ते पहले की ही बात है, जब गोरखपुर भीषण गर्मी और असहनीय उमस की चपेट में था। 25 जून को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया था।
लेकिन अब मौसम ने करवट ली है और हालात पूरी तरह बदल गए हैं। बीते छह दिनों में तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट आई है, जिससे लोगों को उस भयंकर उमस और गर्मी से आखिरकार राहत मिल गई है।
शहर के लोग इस बदलाव से बेहद खुश हैं और खुलकर सांस ले रहे हैं।
रामगढ़ताल के किनारे की ठंडी हवाओं ने तो मानो लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं थी। जो लोग गर्मी में यहां आने से बचते थे, वे अब सुकून भरी शामें बिताने के लिए निकल रहे हैं।
तापमान में यह गिरावट न केवल शरीर को आराम दे रही है, बल्कि शहर के माहौल में भी एक नई ताजगी भर रही है।
अगले तीन दिन तक जारी रहेगी बारिश; प्रशासन की सलाह
मौसम विभाग के अनुसार, गोरखपुर में 3 जुलाई तक रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। यह बारिश कई इलाकों में लगातार हो सकती है, जिससे कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
लगातार होने वाली बारिश से तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है, जो गर्मी से राहत की उम्मीद जगाए रखेगा।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से अपने घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से जब बिजली चमक रही हो या तेज़ हवाएं चल रही हों, तो खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
निचले इलाकों में पानी भर जाने की स्थिति में भी सावधानी बरतने और बच्चों को ऐसी जगहों से दूर रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। लोग इस बदलते मौसम का स्वागत तो कर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों को लेकर भी पूरी तरह सतर्क हैं।


