गोरखपुर: छुट्टी मनाने गए थे, सोचा था पानी के ठंडे-ठंडे छींटे और हंसी-खुशी के पल बटोरकर वापस आएंगे। लेकिन ये क्या! गोरखपुर के एक मशहूर वाटर पार्क से परिवार हंसता-खेलता नहीं, बल्कि सिर फूटे, फटे कपड़ों और डरे-सहमे चेहरे लेकर लौटा। चौरी चौरा इलाके के रेनबो वाटर पार्क में रविवार को एक परिवार पर वहां के कर्मचारियों ने ऐसा हमला किया कि पूरे माहौल में चीख-पुकार मच गई। बात इतनी बिगड़ गई कि वीडियो बना रही एक युवती को उठाकर पटक दिया गया, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और मोबाइल भी रॉड से तोड़ डाला। जो वाटर पार्क मौज-मस्ती का अड्डा होना चाहिए था, वो कुछ घंटों में ही जंग का मैदान बन गया।
शाहपुर के बशारतपुर की रहने वाली मुस्कान सोनकर अपने परिवार के साथ रविवार को रेनबो वाटर पार्क गई थीं। दो गाड़ियों में बच्चे, महिलाएं और बड़े-बुजुर्ग, कुल 15 लोग थे।
दोपहर करीब 2 बजे सब मौज-मस्ती करने के लिए देवीपुर में बने इस पार्क में पहुंचे। घंटों तक पानी में नहाए, झूले झूले और खूब एन्जॉय किया।
किसे पता था कि सूरज ढलते ही उनकी खुशी पर ऐसा ग्रहण लग जाएगा? शाम के करीब 5 बज रहे थे और सब लोग घर लौटने की तैयारी में थे।
गाड़ियां पार्किंग से निकालने की बात आई, और यहीं से सारा फसाद शुरू हुआ। मुस्कान बताती हैं कि उनकी कार हटाने को लेकर वाटर पार्क के कुछ कर्मचारी गाली-गलौज करने लगे।
परिवार वालों ने जब इसका विरोध किया, तो मानो कर्मचारियों को और मौका मिल गया। वो बाहर से नहीं, बल्कि अंदर से, करीब 10-15 की संख्या में डंडा, लाठी और रॉड लेकर आ धमके।
"ललकारते हुए आए और बिना कुछ सोचे-समझे हमें पीटना शुरू कर दिया," मुस्कान ने चौरी चौरा थाने में दी अपनी तहरीर में बताया।
घटना का वीडियो बना रही युवती पर बर्बरता
मुस्कान ने आगे बताया कि जब उन्होंने देखा कि उनके परिवार पर इतना भयानक हमला हो रहा है, तो उन्होंने अपने मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वो चाहती थीं कि ये सच्चाई दुनिया के सामने आए।
लेकिन उनकी ये कोशिश कर्मचारियों को इतनी नागवार गुज़री कि वे सीधे उन्हीं की तरफ लपके। "कर्मचारियों ने मुझे नीचे गिरा दिया, मेरा मोबाइल छीनने की कोशिश की, और इस धक्का-मुक्की में मेरे कपड़े भी फट गए," मुस्कान ने अपनी आपबीती सुनाई।
इतना ही नहीं, जब मोबाइल उनके हाथ से छूट गया, तो हमलावरों ने रॉड से उसे कूच-कूच कर तोड़ डाला। इस पूरे बवाल में परिवार के कुल 6 सदस्यों को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें मुस्कान के सिर में भी गहरी चोट लगी है।
वाटर पार्क के अंदर जब ये मार-पीट चल रही थी, तो वहां मौजूद बाकी लोगों में हड़कंप मच गया। लोग इधर-उधर भागने लगे, एक तरह की भगदड़ सी मच गई।
बच्चों और महिलाओं की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि एक मामूली सी बात पर इतनी बड़ी लड़ाई कैसे हो गई।
जो लोग अपनी छुट्टी एन्जॉय करने आए थे, वो दहशत के मारे इधर-उधर छिप रहे थे। कुछ साहसी लोगों ने भी मोबाइल से इस घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस के लिए एक अहम सबूत भी बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही चौरी चौरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
रात करीब 9:30 बजे, घायल मुस्कान सोनकर और उनके परिवार के सदस्य चौरी चौरा थाने पहुंचे और पूरी घटना की लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवार के 6 घायल सदस्यों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा।
चोटें इतनी गंभीर थीं कि उनका उचित इलाज कराया जाना जरूरी था।
चौरी चौरा के सीओ कुंदन सिंह ने इस पूरे मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया, "घायल युवती की तहरीर मिली है।
सभी घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच-पड़ताल की जा रही है और दोषियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
" पुलिस वायरल हो रहे वीडियो फुटेज के आधार पर भी हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, ताकि कोई भी गुनहगार बच न सके। इस घटना ने एक बार फिर से सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार तो बस इतना चाहता है कि उन्हें न्याय मिले और ऐसी घटना किसी और के साथ न हो।




































