टोक्यो: सोचिए आप एक गेम खरीदते हैं, उसे बड़े चाव से अपने कलेक्शन में रखते हैं, लेकिन एक दिन कंपनी एक बटन दबाती है और आपके पास से वह गेम गायब हो जाता है। सुनने में यह किसी डरावनी फिल्म जैसा लगता है, लेकिन प्लेस्टेशन के लाखों फैंस के लिए यह डर अब हकीकत बनता जा रहा है। सोनी ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने गेमिंग कम्युनिटी के बीच खलबली मचा दी है।
मामला यह है कि सोनी ने ऐलान किया है कि वह जनवरी 2028 से प्लेस्टेशन गेम्स की फिजिकल डिस्क बनाना बंद कर देगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपको दुकानों से सीडी (Disc) वाली गेम्स नहीं मिलेंगी।
या तो आप गेम डिजिटल तरीके से खरीदेंगे, या फिर आपको एक ऐसा बॉक्स मिलेगा जिसमें डिस्क की जगह सिर्फ एक डाउनलोड कोड होगा। अब आप ही बताइए, प्लास्टिक के डिब्बे में सिर्फ एक कोड होना और असली डिस्क होने में क्या फर्क है?
इस फैसले के बाद गेमर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि फिजिकल मीडिया ही वह चीज है जो कंसोल गेमिंग को खास बनाती है।
इसी विरोध के चलते एक ऑनलाइन पिटीशन (Petition) शुरू की गई है, जिसे अब तक 1 लाख 70 हजार से ज्यादा लोग साइन कर चुके हैं। फैंस की मांग साफ है—सोनी अपने इस फैसले को वापस ले।
आखिर गेमर्स इतने नाराज क्यों हैं?
अब आप सोच रहे होंगे कि जब इंटरनेट है, डाउनलोडिंग आसान है, तो डिस्क के लिए इतना शोर क्यों? दरअसल, यह लड़ाई सिर्फ एक सीडी की नहीं, बल्कि 'ओनरशिप' यानी मालिकाना हक की है। पिटीशन शुरू करने वाले कनाडाई रिटेलर PNP गेम्स के सीईओ का कहना है कि जब आप डिस्क खरीदते हैं, तो वह गेम असल में आपका होता है।
आप उसे अपने दोस्त को उधार दे सकते हैं, पुराना होने पर बेच सकते हैं, किसी को गिफ्ट कर सकते हैं या अपनी अगली पीढ़ी को सौंप सकते हैं।
लेकिन डिजिटल लाइसेंस के साथ ऐसा नहीं है। डिजिटल गेम खरीदना असल में गेम को 'किराये' पर लेने जैसा है।
कंपनी जब चाहे आपका एक्सेस खत्म कर सकती है। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों की लाइब्रेरी से खरीदी हुई फिल्में और गेम्स गायब हो गए।
गेमर्स का तर्क है कि डाउनलोड कोड वाला बॉक्स सिर्फ एक प्लास्टिक का दिखावा है, असली गेम नहीं।
GTA 6 ने कैसे बढ़ाई टेंशन?
इस विवाद में आग तब लगी जब यह खबर आई कि दुनिया के सबसे चर्चित गेम्स में से एक, 'Grand Theft Auto 6' (GTA 6) के फिजिकल एडिशन में भी डिस्क नहीं होगी। इसमें सिर्फ एक डिजिटल डाउनलोड कोड मिलेगा।
इस खबर ने फैंस को बुरी तरह निराश किया है, क्योंकि GTA जैसे बड़े गेम्स को लोग अपने कलेक्शन में सहेज कर रखना चाहते हैं।
गेमर्स को यह डर भी है कि अगर सोनी जैसा मार्केट लीडर डिस्क को खत्म कर देगा, तो बाकी कंपनियां भी इसी रास्ते पर चलेंगी। इससे न केवल गेमर्स का नुकसान होगा, बल्कि उन रिटेल स्टोर्स पर भी संकट आएगा जो फिजिकल गेम्स बेचते हैं।
इससे कई लोगों की नौकरियां जा सकती हैं और लोकल इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ सकता है।
बता दें कि विरोध कर रहे लोगों का यह मतलब नहीं है कि वे डिजिटल गेम्स के खिलाफ हैं। वे बस यह चाहते हैं कि उनके पास 'चॉइस' हो।
वे डिजिटल को विकल्प के तौर पर स्वीकार करते हैं, लेकिन इसे एकमात्र जरिया बनाने के खिलाफ हैं। फिलहाल यह पिटीशन तेजी से बढ़ रही है और गेमिंग वर्ल्ड में एक बड़ी बहस छेड़ चुकी है कि क्या भविष्य में हम वाकई अपनी खरीदी हुई चीजों के मालिक रहेंगे या सिर्फ उनके यूजर बनकर रह जाएंगे।




































