दिल्ली: शेयर बाजार की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि ‘बाजार की चाल हवा के झोंके जैसी होती है, कब पलट जाए कोई नहीं जानता!’ आज का दिन कुछ ऐसा ही रहा। हफ्ते भर की ट्रेडिंग का लेखा-जोखा बताने वाली वीकली एक्सपायरी का दिन था और सुबह-सुबह बाजार में जैसे कोई त्योहार सा माहौल था। सेंसेक्स और निफ्टी, दोनों ने हरी बत्ती दिखा रखी थी। निवेशकों को लगा कि चलो, आज तो बढ़िया मुनाफा होगा, लेकिन दोपहर ढलते-ढलते ऐसा कुछ हुआ कि सारा माहौल ही बदल गया। आखिरी 35 मिनट ने जो खेल दिखाया, उसने अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों के पसीने छुड़ा दिए।
लगातार चार कारोबारी दिनों से बाजार में हरियाली छाई हुई थी। सबकी उम्मीदें ऊंची थीं, और आज जब बाजार खुला तो वो उम्मीदें और परवान चढ़ीं।
सेंसेक्स ने उड़ान भरी, निफ्टी भी 24500 के आंकड़े को पार करने की फिराक में था। लग रहा था कि आज मार्केट नए रिकॉर्ड बनाएगा, लेकिन कहते हैं न कि हर चढ़ाई के बाद एक ढलान आती है।
और आज की ढलान इतनी तेजी से आई कि निवेशकों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। आईटी सेक्टर, जिसने सुबह से बाजार को संभालने की जिम्मेदारी उठाई थी, वो भी आखिर तक आते-आते थक गया।
आखिर क्या हुआ इन 'अंतिम 35 मिनट' में?
दरअसल, निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन अक्सर आखिरी घंटे में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। ट्रेडर्स अपनी पोजीशन्स को एडजस्ट करते हैं और इसी उठा-पटक में मार्केट कभी रॉकेट बन जाता है तो कभी गोता लगा लेता है।
आज भी ऐसा ही हुआ। इंट्रा-डे हाई (दिन की सबसे ऊंची चाल) से सेंसेक्स अचानक 600 अंकों से भी ज्यादा लुढ़क गया।
सोचिए, जहां कुछ देर पहले लोग जश्न मना रहे थे, वहां अचानक मायूसी छा गई। निफ्टी भी 24530 के आंकड़े को छूने के बाद फिसलकर 24400 के नीचे आ गया।
मानो किसी ने बिजली का स्विच ऑफ कर दिया हो!
सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, ब्रॉडर मार्केट यानी छोटे और मझोले शेयरों का भी हाल बेहाल रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.30% की कमजोरी दर्ज की गई, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी 0.55% टूटकर बंद हुआ।
कुल मिलाकर, बाजार में एक बड़ा करेक्शन देखने को मिला, जिसने निवेशकों की जेब पर सीधा असर डाला।
किन सेक्टर्स ने बाजार को डुबोया?
सुबह से आईटी सेक्टर ने बाजार को ऊपर खींचने की पूरी कोशिश की। इंट्रा-डे में तो निफ्टी का आईटी इंडेक्स 4% तक उछल गया था, जिससे लगा कि आज आईटी ही बाजार का कप्तान बनेगा।
लेकिन जैसे-जैसे दिन ढला, इसकी बढ़त कम होती चली गई और अंत में यह करीब ढाई फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि, बाजार पर जो असली दबाव आया, वो मेटल और रियल्टी सेक्टर्स की तरफ से था।
निफ्टी मेटल में 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि रियल्टी सेक्टर तो डेढ़ फीसदी से ज्यादा टूट गया। इन सेक्टर्स की कमजोरी ने बाजार की सारी पॉजिटिविटी को निगल लिया।
इस पूरे माहौल का सबसे बड़ा असर हुआ निवेशकों की संपत्ति पर। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप (बाजार पूंजीकरण) एक ही दिन में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गया।
सीधे शब्दों में कहें तो निवेशकों की दौलत में ₹1,77,407.85 करोड़ की भारी-भरकम गिरावट आई। यह आंकड़ा वाकई सोचने पर मजबूर करता है कि कैसे चंद मिनटों में इतनी बड़ी रकम पानी में चली जाती है।
कितने अंकों की गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स और निफ्टी?
अगर हम मुख्य बेंचमार्क इंडेक्स की बात करें तो, सेंसेक्स (Sensex) आज 104.35 अंकों की फिसलन के साथ 78,180.72 पर बंद हुआ। यह 0.13% की गिरावट थी।
वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 31.65 अंकों यानी 0.13% की कमजोरी के साथ 24,398.70 के स्तर पर रुका। दिनभर की उठापटक पर नजर डालें तो सेंसेक्स ने 78,664.92 का इंट्रा-डे हाई छुआ था, जिसके बाद यह लुढ़ककर 78,031.04 तक पहुंच गया था।
यानी हाई से क्लोजिंग तक करीब 633.88 अंकों का फासला। निफ्टी भी 24,530.90 के शिखर को छूने के बाद 24,348.95 तक लुढ़का था।
यह दिखाता है कि सुबह की तेजी एक झटके में कैसे गायब हो गई। जिन लोगों ने इंट्रा-डे में ऊपरी स्तरों पर खरीददारी की होगी, उन्हें तगड़ा झटका लगा होगा।
शेयर बाजार की यही तो अनिश्चितता है, जो इसे रोमांचक और कभी-कभी डरावना भी बना देती है।
कौन से शेयर रहे हरे और कौन से लाल?
सेंसेक्स पर कुल 30 शेयर लिस्टेड हैं, जिनमें से आज 11 शेयरों ने हरे निशान में क्लोजिंग दी। इन शेयरों में एचसीएलटेक (HCLTech), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और इंफोसिस (Infosys) सबसे आगे रहे।
यानी आईटी सेक्टर के बड़े नाम आज भी टिके रहे। वहीं, गिरावट वाले शेयरों की लिस्ट में ट्रेंट (Trent) और बीईएल (BEL) का नाम सबसे ऊपर रहा।
साफ है कि मेटल और रियल्टी के साथ-साथ कुछ चुनिंदा कंपनियों पर आज दबाव ज्यादा रहा।
बीएसई पर कुल 4397 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें से 160 शेयर ऐसे थे जो अपने 52-वीक हाई (एक साल के सबसे ऊंचे स्तर) पर कारोबार कर रहे थे।
यह एक विरोधाभास है कि जहां एक तरफ बाजार में गिरावट थी, वहीं कुछ शेयर अपनी नई ऊंचाइयों को छू रहे थे। यह भारतीय शेयर बाजार की विविधता को दर्शाता है, जहां हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है।
लेकिन कुल मिलाकर, आज का दिन निवेशकों के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा, खासकर उन लोगों के लिए जो दिन के आखिरी घंटों में बाजार की चाल से बेखबर थे।







































