मुंबई: शेयर बाजार में बीते चार दिन से एक धांसू माहौल बना हुआ था, जहां निवेशक रोज नए-नए रिकॉर्ड बनते देख रहे थे. लेकिन मंगलवार, 7 जुलाई 2026 का दिन आया और सब खेल पलट गया. जो बाजार कल तक हरे निशान में इतरा रहा था, वो अचानक लाल निशान में गोते लगाने लगा. देखते ही देखते, चार दिन से जारी तेजी का सिलसिला धड़ाम हो गया, जिससे निवेशकों के चेहरे पर उदासी छा गई. सवाल ये कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि चंद घंटों में मार्केट का पूरा मिजाज ही बदल गया?
दरअसल, बाजार में हुई जोरदार प्रॉफिट बुकिंग और ग्लोबल टेंशन ने मिलकर सेंसेक्स और निफ्टी की हवा निकाल दी. अमेरिका और ईरान के बीच नए हमलों की खबरों ने कच्चे तेल की कीमतों को फिर से आसमान पर पहुंचा दिया, जिसका सीधा असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा और उन्होंने मुनाफ़ा बुक करना ही बेहतर समझा.
कुल मिलाकर, मार्केट ने जो बुलंदी चार दिनों में हासिल की थी, मंगलवार को एक झटके में उस पर ब्रेक लग गया.
दिन का खेल खत्म होते-होते, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 104 अंक या 0.13% गिरकर 78,180.72 के लेवल पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 32 अंक या 0.13% की गिरावट के साथ 24,398.70 के आंकड़े पर अटक गया.
यानी, दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए, जिसने मार्केट की चाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
आखिर बाजार क्यों गिरा और निवेशकों का क्या हाल हुआ?
आपको बता दें कि बाजार में ये गिरावट सिर्फ बड़े इंडेक्स तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसका असर हर कोने में देखने को मिला. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.30% नीचे लुढ़का, तो वहीं स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.55% की तगड़ी गिरावट दर्ज की गई.
इसका मतलब ये हुआ कि छोटे और मझोले शेयरों में भी निवेशकों ने जमकर बिकवाली की. एक तरफ जहां चार दिन से बाजार चढ़ रहा था, वहीं मंगलवार को हर तरफ बिकवाली का प्रेशर साफ नजर आया.
इस गिरावट का सबसे बड़ा नुकसान उन निवेशकों को हुआ, जो बाजार में पैसा लगाए बैठे थे. मंगलवार को बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के 482.3 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 480 लाख करोड़ रुपये से भी नीचे आ गया.
सीधे-सीधे कहें तो एक ही दिन में निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा. अब आप खुद सोचिए, 2 लाख करोड़! ये कोई छोटी-मोटी रकम नहीं है.
इतने बड़े झटके से निवेशकों का भरोसा थोड़ा तो डगमगाएगा ही.
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि ऊंचे लेवल पर मुनाफावसूली या 'प्रॉफिट बुकिंग' एक आम बात है. जब कोई शेयर या पूरा बाजार लगातार चढ़ता है, तो कई निवेशक सोचते हैं कि अब मुनाफ़ा कमाने का सही वक्त है और वे अपने शेयर बेच देते हैं.
इसी को प्रॉफिट बुकिंग कहते हैं. मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ, लेकिन इसमें ग्लोबल फैक्टर्स ने आग में घी का काम किया.
अमेरिका और ईरान के बीच ताज़ा तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ. इसका सीधा असर दुनियाभर के बाजारों पर पड़ता है, क्योंकि महंगा तेल महंगाई बढ़ाता है और कंपनियों की लागत भी बढ़ा देता है.
इससे इकोनॉमी पर नेगेटिव असर पड़ता है, और निवेशक डरकर पैसा निकालने लगते हैं.
आने वाले दिनों के लिए बाजार के क्या संकेत हैं?
अब बात करते हैं कि 8 जुलाई को बाजार की चाल कैसी रह सकती है. कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान ने मंगलवार को मार्केट के बंद होने के बाद अपनी राय दी.
उन्होंने बताया कि आज, बेंचमार्क इंडेक्स में ऊंचे लेवल पर प्रॉफिट बुकिंग साफ तौर पर देखी गई. निफ्टी 31 पॉइंट नीचे बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स ने 100 पॉइंट की गिरावट दर्ज की.
सेक्टर्स की बात करें तो, आईटी इंडेक्स ने करीब 2.4 परसेंट की मजबूती दिखाई, जिसने थोड़ी राहत दी. वहीं, डिफेंस और रियल्टी इंडेक्स में लगभग 1.5 परसेंट की गिरावट आई, जिससे इन सेक्टर्स के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली.
टेक्निकल एनालिसस के हिसाब से, श्रीकांत चौहान ने कहा कि एक अच्छी रैली के बाद, मार्केट में ऊंचे लेवल पर मुनाफावसूली होना स्वाभाविक है. दिन के हाई से, निफ्टी 130 पॉइंट से भी ज्यादा गिर गया, जो एक बड़ी गिरावट मानी जाएगी.
डेली चार्ट्स पर, इसने एक 'बेयरिश कैंडल' बनाया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से और कमजोरी आने की संभावना दिख रही है. हालांकि, उनका ये भी कहना है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का टेक्सचर अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है, यानी पूरी तरह से मंदी का दौर शुरू नहीं हुआ है.
डे ट्रेडर्स के लिए, उन्होंने कुछ अहम लेवल्स बताए हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है. उनके मुताबिक, 24,300/77,700 एक बहुत ही जरूरी सपोर्ट ज़ोन के तौर पर काम करेगा.
अगर मार्केट इन लेवल्स से ऊपर टिका रहता है, तो यह फिर से 24,500–24,550/78,400–78,600 के लेवल्स को रीटेस्ट कर सकता है, यानी वहां तक पहुंच सकता है. लेकिन दूसरी तरफ, अगर बाजार 24,300/77,700 के सपोर्ट लेवल से नीचे गिर जाता है, तो फिर यह 24,200–24,100/77,400–77,100 की ओर तेज़ी से गिर सकता है.
तो, कल के लिए ये लेवल्स बहुत मायने रखते हैं.
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के सुदीप शाह ने भी अपनी राय दी. उन्होंने बताया कि मंगलवार को निफ्टी ने सेशन की शुरुआत तो पॉजिटिव नोट पर की थी और दिन के पहले हाफ में अपनी बढ़त को बढ़ाया भी, खासकर आईटी सेक्टर की मजबूती से उसे अच्छा सपोर्ट मिल रहा था.
लेकिन इंडेक्स 24500 के निशान से ऊपर टिक नहीं पाया, और यहीं से खेल बिगड़ना शुरू हुआ. सेशन के दूसरे हाफ में तेज प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो गई.
नतीजतन, निफ्टी ने अपनी इंट्राडे बढ़त कम कर दी और 24400 के लेवल के पास सेटल हुआ, और दिन का अंत 0.13% के मामूली नुकसान के साथ हुआ.
सुदीप शाह के मुताबिक, आने वाले समय में 24530–24550 का ज़ोन निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम करेगा. मतलब, इस लेवल पर निफ्टी को ऊपर जाने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है.
कुल मिलाकर, मंगलवार को मार्केट ने जो रुख दिखाया है, उससे ये तो साफ है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. निवेशकों को अब और ज्यादा चौकन्ना रहने की जरूरत है.






































