पटना: आज सुबह जब बाजार खुला तो माहौल एकदम चंगा था! हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिख रही थी. सेंसेक्स 350 पॉइंट्स से ज्यादा उछल गया था, और निफ्टी भी 24,500 के पार झूम रहा था. इन्वेस्टर्स और ट्रेडर्स खुशी से फूले नहीं समा रहे थे कि भैया, आज तो बल्ले-बल्ले होने वाली है. लेकिन जनाब, कहते हैं न, शेयर बाजार में रंग बदलने में देर नहीं लगती. देखते ही देखते ये रौनक फीकी पड़ गई. जहां दिन के ऊपरी स्तर से सेंसेक्स 350 पॉइंट्स से भी ज्यादा गोता लगा गया, वहीं निफ्टी भी फिसलकर 24,450 के नीचे आ टपका. सुबह-सुबह जो बाजार रॉकेट की तरह ऊपर जा रहा था, वो दोपहर होते-होते पता नहीं किस ग्रह की चपेट में आ गया.
कुल मिलाकर, शुरुआती जोश ठंडा पड़ गया और इंट्रा-डे में दोनों ही बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में आ गए. दोपहर 1 बजकर 39 मिनट पर सेंसेक्स करीब 31 पॉइंट्स की मामूली गिरावट के साथ 78,253 पर टिका था, जबकि निफ्टी भी करीब 8 पॉइंट्स की फिसलन के साथ 24,421 पर कारोबार कर रहा था.
सिर्फ बड़े इंडेक्स ही नहीं, ब्रॉडर मार्केट में भी माहौल थोड़ा ठंडा ही था. निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 तो आधे फीसदी से भी ज्यादा नीचे लुढ़क गया.
अब सवाल ये है कि आखिर ऐसा हुआ क्यों?
आखिर बाजार में ये उथल-पुथल क्यों हुई?
तो भैया, अब सवाल ये उठता है कि जो बाजार सुबह-सुबह इतनी तेजी से भागा, वो अचानक रुक क्यों गया? इसके पीछे कुछ बड़ी वजहें सामने आई हैं. सबसे पहली और सबसे मोटी वजह है मुनाफावसूली.
पिछले लगातार चार कारोबारी दिनों से मार्केट में अच्छी तेजी थी. सेंसेक्स और निफ्टी करीब 2.4% तक मजबूत हुए थे और लगभग 10 हफ्तों के अपने हाई लेवल पर बंद हुए थे.
ऐसे में निवेशकों ने सोचा कि चलो, अब प्रॉफिट बुक कर लेते हैं. जब लोग एक साथ अपना मुनाफा निकालना शुरू करते हैं, तो शेयरों की सप्लाई बढ़ जाती है और दाम गिरने लगते हैं.
बस यही हुआ और बाजार नीचे आ गया.
दूसरी बड़ी वजह थी निफ्टी की वीकली एक्सपायरी. जिन लोगों को नहीं पता, बता दें कि हर हफ्ते निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी होती है.
इस दिन बहुत सारे लोग अपने सौदों को निपटाते हैं, जिससे बाजार में एक तरह का दबाव बनता है और अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. आज भी कुछ ऐसा ही हुआ, एक्सपायरी के चलते ट्रेडर्स ने अपने पोजिशन क्लोज किए, जिसका असर मार्केट पर साफ दिखा और इसने बाजार को और ज्यादा अनिश्चित बना दिया.
किन सेक्टर्स ने बाजार को गिराया और किसने संभाला?
अब बात करते हैं उन सेक्टर्स की जिन्होंने बाजार को नीचे खींचने का काम किया. आज मेटल और रियल्टी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव दिखा.
निफ्टी मेटल इंडेक्स में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि निफ्टी रियल्टी इंडेक्स तो डेढ़ फीसदी से भी ज्यादा लुढ़क गया. इन सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई.
इसके अलावा, सरकारी और प्राइवेट बैंकों के शेयरों में भी थोड़ी बहुत बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते उनके इंडेक्स भी लाल निशान में आ गए. कुल मिलाकर, इन बड़े सेक्टर्स का प्रदर्शन खराब रहा, और इसका सीधा असर पूरे बाजार पर पड़ा.
लेकिन क्या कोई सेक्टर ऐसा भी था जिसने बाजार को संभालने की कोशिश की? बिल्कुल! आईटी सेक्टर ने आज अपनी पूरी जान लगा दी. जब बाकी सारे सेक्टर धड़ाम हो रहे थे, तब निफ्टी आईटी इंडेक्स ढाई फीसदी से भी ज्यादा की तेजी दिखा रहा था.
आईटी शेयरों की इस उछाल ने बाजार की गिरावट को काफी हद तक सीमित कर दिया, वरना आज बाजार और ज्यादा गिर सकता था. कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर आज के दिन का हीरो रहा और इसने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाए रखा, वरना आज तो खेल ही खत्म था.
अमेरिका-ईरान के बीच क्या नया पंगा हो गया?
बाजार को प्रभावित करने वाली एक और बड़ी ग्लोबल खबर भी है, और वो है अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव. सुनने में आया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ओमान के तट पर एक तेल टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ है.
ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये टैंकर अमेरिकी नौसेना के सपोर्ट से ओमान के समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहा था, और उसने ईरानी अधिकारियों की बार-बार दी गई चेतावनियों को भी नजरअंदाज किया. बस फिर क्या था, चेतावनी अनसुनी करने पर टैंकर को निशाना बनाया गया.
जब दुनिया के किसी भी कोने में ऐसी कोई भी भू-राजनीतिक घटना होती है, खासकर तेल सप्लाई से जुड़े इलाकों में, तो उसका असर ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखता है, और आज भी ऐसा ही हुआ. निवेशकों में चिंता बढ़ी और उन्होंने अपनी पूंजी सुरक्षित ठिकानों की तरफ मोड़ना शुरू कर दिया.
भैया, जब युद्ध या तनाव की बात आती है, तो इन्वेस्टर्स सबसे पहले अपनी जान और पैसा बचाने की सोचते हैं, और यही डर आज बाजार पर हावी रहा.
आगे बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? बाजार किस तरफ जाएगा? जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने इस बारे में अपनी राय दी है. उनका कहना है कि एक कारोबारी दिन पहले निफ्टी का 24,400 के ऊपर बंद होना एक अच्छा संकेत है.
इससे 24,800-25,250 की तरफ बढ़ने का माहौल और मजबूत हुआ है.
लेकिन आनंद जेम्स साथ ही एक चेतावनी भी दे रहे हैं. उनका कहना है कि 24,600 के लेवल पर मार्केट को कुछ रिजेक्शन यानी रुकावट का सामना करना पड़ सकता है.
इसका मतलब है कि इस लेवल पर पहुंचने पर बिकवाली फिर से बढ़ सकती है. वहीं, सपोर्ट की बात करें तो 24,360 पर निफ्टी को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है.
अगर निफ्टी इस लेवल पर टिके रहता है तो तेजी बनी रह सकती है, लेकिन अगर ये लेवल टूटा तो गिरावट और बढ़ सकती है. कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, और इन्वेस्टर्स को थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है.
ऐसा लग रहा है कि बाजार अभी कुछ और दिन अपना मूड बदलता रहेगा.






































