शेनझेन: क्या आपने कभी सोचा है कि एप्पल के महंगे स्टोरेज प्लान्स से बचने के लिए कोई अपने लैपटॉप का पूरा सिस्टम ही खोलकर बैठ जाए? सुनने में यह किसी फिल्म के सीन जैसा लगता है, लेकिन एक एप्पल फैन ने इसे हकीकत में कर दिखाया। इस शख्स ने अपने मैकबुक की स्टोरेज बढ़ाने के लिए जो रिस्क लिया, उसने इंटरनेट पर सबको हैरान कर दिया है।
मामला यह है कि एप्पल जब स्टोरेज अपग्रेड के पैसे मांगता है, तो वह रकम इतनी ज्यादा होती है कि अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाएं। इसी 'टेंशन' से बचने के लिए एक यूजर ने खुद ही अपने मैकबुक प्रो की स्टोरेज को 2TB से बढ़ाकर सीधे 8TB कर दिया।
यानी अब उनके पास पहले के मुकाबले चार गुना ज्यादा जगह है और वे जो चाहें स्टोर कर सकते हैं।
मजे की बात यह है कि इस पूरे जुगाड़ ने उनकी जेब के करीब 2,200 डॉलर (लगभग 1.8 लाख रुपये से ज्यादा) बचा लिए। जहां एप्पल से यह अपग्रेड करवाने पर करीब 3,000 डॉलर का खर्चा आता, वहीं इस यूजर ने सिर्फ 800 डॉलर के पार्ट्स खरीदकर यह काम निपटा लिया।
लेकिन क्या यह काम इतना आसान था? बिल्कुल नहीं।
आखिर यह पूरा प्रोसेस कितना मुश्किल था?
अगर आप सोच रहे हैं कि बस एक रैम स्टिक की तरह चिप लगाई और काम हो गया, तो आप गलत हैं। मैकबुक प्रो को खोलकर उसकी स्टोरेज बढ़ाना किसी चुनौती से कम नहीं था।
इस यूजर ने रेडिट (Reddit) पर अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस काम में उन्हें पूरे 12 घंटे लगे।
इस प्रोसेस में उन्हें मैकबुक के मेनबोर्ड से पुराने स्टोरेज मॉड्यूल्स को हटाना पड़ा और उनकी जगह नई चिप्स को सोल्डर (Soldering) करना पड़ा। यह काम इतना बारीकी वाला था कि इसमें नसों का तनाव और जबरदस्त एकाग्रता की जरूरत थी।
यूजर ने बताया कि उन्हें लैपटॉप के दूसरी तरफ के पावर कंपोनेंट्स को भी भरना पड़ा। उनके शब्दों में कहें तो यह हिस्सा "सच में नर्क (Hell)" जैसा था, क्योंकि वे पार्ट्स साइज में इतने छोटे थे कि उन्हें संभालना बेहद मुश्किल था।
यह करिश्मा हुआ कैसे और कहां?
यह पूरा ऑपरेशन चीन के शेनझेन शहर में हुआ। यह शख्स वहां छुट्टियों पर गया था और उसने अपने एक दोस्त की लैब उधार ली, जो कंपोनेंट लेवल रिपेयर का काम करता है।
बिना प्रोफेशनल टूल्स के यह काम नामुमकिन था।
काम को अंजाम देने के लिए उन्होंने हॉट एयर स्टेशन, माइक्रोस्कोप सोल्डरिंग और स्टेंसिल का इस्तेमाल किया। उन्होंने पावर मैनेजमेंट इंटीग्रेटेड सर्किट को अपनी जगह पर सेट किया और फिर लैपटॉप के दोनों तरफ 4-4 TB की NAND स्टोरेज चिप्स लगाईं, जिससे कुल स्टोरेज 8TB हो गई।
इंटरनेट पर लोग इस काम को देखकर दंग हैं। कई यूजर्स का कहना है कि यह "बेहतरीन काम" है, जबकि कुछ लोग इसे बहुत बड़ा रिस्क मान रहे हैं क्योंकि एक छोटी सी गलती पूरे लैपटॉप को कबाड़ बना सकती थी।
बता दें कि एप्पल के प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों और टिम कुक के इस बयान के बाद कि "कीमतों में बढ़ोतरी अपरिहार्य है", अब कई यूजर्स ऐसे देसी और तकनीकी जुगाड़ तलाश रहे हैं ताकि वे भारी-भरकम खर्चों से बच सकें।




































