नई दिल्ली: शेयर बाजार की दुनिया में आजकल एक कंपनी का नाम खूब चमक रहा है – Eternal. ये वही फूड-टेक कंपनी है, जिसके शेयर्स पर बड़ी-बड़ी ब्रोकरेज कंपनियां दांव लगा रही हैं और कह रही हैं कि अभी तो बस शुरुआत है, असली खेल तो बाकी है! मंगलवार को तो Eternal के शेयर करीब 2.08% की उछाल के साथ 289.30 रुपये पर बंद हुए, लेकिन असली कहानी उसके बाद शुरू हुई, जब एक बड़े ब्रोकरेज हाउस ने एक ऐसा 'टारगेट' दे दिया, जिसने सबको चौंका दिया।
जी हां, हम बात कर रहे हैं मोतीलाल ओसवाल की, जिसने Eternal के स्टॉक पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग को बरकरार रखा है और एक जबरदस्त टारगेट प्राइस दिया है – 380 रुपये! अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें क्या बड़ी बात? तो जनाब, ये 380 रुपये मौजूदा लेवल से करीब 34% ज्यादा हैं। और सबसे कमाल की बात ये है कि Eternal का अब तक का रिकॉर्ड हाई 368 रुपये है, यानी मोतीलाल ओसवाल का ये टारगेट उस रिकॉर्ड हाई को भी पार करने का इशारा कर रहा है।
तो क्या Eternal वाकई एक नए मुकाम पर पहुंचने वाला है? चलिए, इस पूरी कहानी को थोड़ा और करीब से समझते हैं।
मोतीलाल ओसवाल को Eternal में इतनी उम्मीद क्यों दिख रही है?
दरअसल, मोतीलाल ओसवाल ने Eternal के बिजनेस मॉडल का बड़ा बारीकी से एनालिसिस किया है। उन्होंने कंपनी के तीन मुख्य कारोबारों पर अपना भरोसा जताया है, जो उनके हिसाब से कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
ये तीन कारोबार हैं: पहला, फूड डिलीवरी बिजनेस, जिसे आप और हम हर दिन इस्तेमाल करते हैं; दूसरा, क्विक कॉमर्स या Blinkit, जो अब किराने से लेकर हर छोटी-मोटी चीज़ मिनटों में घर तक पहुंचा रहा है; और तीसरा है District, जो अभी शुरुआती दौर में है लेकिन इसमें लंबी अवधि के लिए जबरदस्त पोटेंशियल दिख रहा है।
ब्रोकरेज हाउस का साफ कहना है कि Eternal का फूड डिलीवरी बिजनेस लगातार पटरी पर आ रहा है और उसमें सुधार दिख रहा है। वहीं, Blinkit, जहां मार्केट में कंपीटिशन बहुत तगड़ा है, उसके बावजूद अपनी ग्रोथ को बनाए हुए है।
District के बारे में उनका मानना है कि भले ही अभी ये बेबी स्टेप्स ले रहा है, लेकिन फ्यूचर में ये कंपनी के लिए सोने का अंडा साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, तीनों बिजनेसेज मिलकर Eternal को एक मजबूत पिलर दे रहे हैं, जिस पर कंपनी आगे बढ़ सकती है।
क्या है Eternal का अरबों डॉलर का प्लान?
Eternal ने अपने लिए एक बड़ा सपना देखा है – वित्त वर्ष 2029 तक पूरे कारोबार से 1 अरब डॉलर (यानी करीब 8,300 करोड़ रुपये से भी ज्यादा) का एडजस्टेड EBITDA (अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेज, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन) हासिल करना। ये कोई छोटा-मोटा लक्ष्य नहीं है, बल्कि एक बड़ा चैलेंज है।
मोतीलाल ओसवाल के अनुमान के मुताबिक, इस 1 अरब डॉलर के लक्ष्य में सबसे बड़ा योगदान Blinkit का होगा, जो करीब 50 करोड़ डॉलर कमाकर देगा। फूड डिलीवरी बिजनेस से करीब 42.5 करोड़ डॉलर की उम्मीद है।
बाकी का योगदान District और Hyperpure जैसे छोटे, लेकिन उभरते बिजनेसेज से आने का अनुमान है। ब्रोकरेज का ये भी मानना है कि कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) मार्जिन वित्त वर्ष 2027 में 2.5% और वित्त वर्ष 2028 में 3% तक पहुंच सकता है।
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी सिर्फ रेवेन्यू नहीं, बल्कि प्रॉफिटेबिलिटी पर भी ध्यान दे रही है, जो किसी भी निवेशक के लिए एक अच्छी खबर है।
फूड डिलीवरी कारोबार में कैसे आ रहा है सुधार?
अब बात करते हैं Eternal के सबसे पुराने और स्थापित कारोबार की – फूड डिलीवरी। मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के हिसाब से, वित्त वर्ष 2026 में इस बिजनेस का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) 16% बढ़ा है।
और अच्छी बात ये है कि पिछले तीन तिमाहियों से इसमें लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। लेकिन ये सुधार आया कैसे? कंपनी ने कुछ स्मार्ट मूव्स खेले हैं।
बता दें, Eternal ने अपने ‘गोल्ड मेंबर’ कस्टमर्स के लिए मिनिमम ऑर्डर वैल्यू कम कर दी है। इसके अलावा, कंपनी ने उन ग्राहकों पर भी ज्यादा फोकस किया है, जो कम कीमत वाले ऑर्डर करते हैं।
इसका मतलब है कि कंपनी अब सिर्फ प्रीमियम सेगमेंट पर ही नहीं, बल्कि आम ग्राहकों तक भी अपनी पहुंच बना रही है। प्लस, प्लेटफॉर्म फीस बढ़ने से प्रति ऑर्डर कमाई में भी इजाफा हुआ है, जिससे कंपनी का रेवेन्यू बढ़ रहा है।
मोतीलाल ओसवाल को पहली तिमाही में NOV में 19.7% की ग्रोथ, 21.5% टेक रेट और 6.1% एडजस्टेड EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में फूड डिलीवरी का बाजार अभी भी दो बड़ी कंपनियों (मान लीजिए, Eternal और उसका एक बड़ा कंपीटिटर) के बीच ही सिमटा हुआ है, जिसका फायदा इन कंपनियों को मिल रहा है।
उनका अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 और 2028 में NOV करीब 20% की सालाना रफ्तार से बढ़ सकता है। तो साफ है, फूड डिलीवरी बिजनेस अभी भी Eternal की ग्रोथ का एक मजबूत इंजन बना रहेगा।
Blinkit की रफ्तार क्यों है बरकरार, जबकि कंपीटिशन इतना तगड़ा है?
क्विक कॉमर्स का मार्केट आज की तारीख में सबसे ज्यादा हॉट और कंपीटिटिव है। हर कंपनी ग्राहकों को अपनी तरफ खींचने के लिए कीमतों में कटौती, नए-नए ऑफर और कम न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू जैसे पैंतरे अपना रही है।
ऐसे माहौल में Blinkit जैसी कंपनी के लिए अपनी रफ्तार बनाए रखना एक बड़ा चैलेंज है। लेकिन कमाल की बात ये है कि Blinkit ने इस चैलेंज को न सिर्फ एक्सेप्ट किया है, बल्कि इसमें खुद को प्रूव भी किया है।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट बताती है कि Blinkit अब एडजस्टेड EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल कर चुका है। इसका मतलब है कि ऑपरेशनल तौर पर यह अब मुनाफे में आ चुका है।
जिन पुराने बाजारों में Blinkit पहले से ऑपरेट कर रहा है, वहां इसका EBITDA मार्जिन 5% से 6% तक पहुंच गया है, जो एक बहुत अच्छी बात है।
कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। मार्च तिमाही के अंत तक Blinkit के 2,243 स्टोर थे।
लेकिन कंपनी का इरादा यहीं रुकने का नहीं है। Eternal का लक्ष्य है कि अगले साल मार्च तक Blinkit के स्टोर की संख्या 3,000 तक पहुंच जाए।
ये दिखाता है कि कंपनी क्विक कॉमर्स मार्केट में अपनी लीडरशिप को और मजबूत करना चाहती है। मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष Blinkit की ग्रोथ करीब 70% रह सकती है, जो एक शानदार आंकड़ा है।
मतलब, मार्केट में कितना भी कंपीटिशन हो, Blinkit का भोकाल अभी कायम है!







































