नई दिल्ली: अगर आप कल यानी 8 जुलाई को घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार मौसम का हाल जरूर जान लीजिए। क्योंकि देश के एक बड़े हिस्से में मानसून ने अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ ली है और मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। मोटे-मोटी बात यह है कि देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और 18 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट है। दिल्ली, यूपी और बिहार जैसे राज्यों में भी बादलों का डेरा रहेगा और बारिश की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। गुजरात के बचे हुए हिस्सों, राजस्थान और हरियाणा के कुछ इलाकों में मानसून अपनी एंट्री कर चुका है।
अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पंजाब, राजस्थान और हरियाणा के बाकी हिस्सों को कवर करते हुए मानसून पूरे देश में अपनी मौजूदगी दर्ज करा लेगा।
आखिर इतनी बारिश और आंधी क्यों आ रही है?
अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक यह सब क्यों हो रहा है? तो बता दें कि इसके पीछे कुछ मजबूत मौसम प्रणालियाँ (Weather Systems) काम कर रही हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में एक 'वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया' सक्रिय है।
साथ ही, दक्षिण गुजरात से लेकर केंद्रीय केरल तक एक ऑफ-शोर ट्रफ और राजस्थान से लेकर बांग्लादेश तक सीजनल ट्रफ बनी हुई है। जब ये सिस्टम्स एक साथ एक्टिव होते हैं, तो भारी बारिश और तूफान जैसा माहौल बन जाता है।
इसी वजह से 8 जुलाई को देश के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। सबसे ज्यादा टेंशन उन लोगों के लिए है जो पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हैं, क्योंकि यहाँ 'रेड अलर्ट' जारी किया गया है।
यहाँ मूसलाधार से लेकर अत्यंत मूसलाधार बारिश हो सकती है, इसलिए प्रशासन ने लोगों को बहुत सतर्क रहने की सलाह दी है।
किन राज्यों में होगी बहुत भारी बारिश?
मौसम विभाग (IMD) ने 9 राज्यों की एक लिस्ट जारी की है जहाँ बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र शामिल हैं।
इन इलाकों में बारिश का जोर काफी ज्यादा रहने वाला है।
इसके अलावा, कुछ और राज्य भी हैं जहाँ भारी बारिश का अलर्ट है। इसमें उत्तर प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा, बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र, कच्छ, विदर्भ, केरल, माहे और उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा का नाम शामिल है।
कुल मिलाकर, उत्तर से लेकर दक्षिण तक मानसून का असर दिखने वाला है।
आंधी और बिजली का क्या खतरा है?
सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग ने 18 राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में बिजली चमकने और गरज के साथ आंधी आने की संभावना है।
वहीं, अगर बात करें हवाओं की रफ्तार की, तो आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में सतह पर बेहद मजबूत हवाएं चलने का अनुमान है। खासतौर पर गुजरात, संपूर्ण कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल और तेलंगाना में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कॉल (तेज हवाओं के साथ तूफान) चलने की चेतावनी दी गई है।







































