दिल्ली: भैया, पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर का हाल क्या था, ये तो आपको पता ही होगा? उमस भरी गर्मी ने ऐसी बैंड बजा रखी थी कि बस पूछो मत! पंखे-कूलर भी फेल थे और एसी वाले भी पसीना-पसीना हो रहे थे। लेकिन मंगलवार, 7 जुलाई का दिन कुछ और ही लेकर आया। दोपहर तक तो सब कुछ नॉर्मल था, सूरज दादा आग बरसा रहे थे। फिर अचानक आसमान में काले-काले बादल छाने शुरू हुए और देखते ही देखते माहौल ऐसा बना कि लगा, भई अब तो कुछ बड़ा होने वाला है।
और हुआ भी बिल्कुल वैसा ही! दिल्ली और उसके पड़ोसी इलाकों में ठंडी हवाओं ने दस्तक दी और उसके बाद जो झमाझम बारिश शुरू हुई, उसने पूरे इलाके का मिजाज़ ही बदल दिया। सच बताएं तो लंबे इंतज़ार के बाद जब मानसून ने ऐसे एंट्री मारी, तो दिल्लीवालों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
गर्मी से जो राहत मिली, वो किसी त्योहार से कम नहीं थी। लोगों ने छत पर आकर बारिश का लुत्फ़ लिया, बच्चे पानी में उछल-कूद करते दिखे और सोशल मीडिया पर #DelhiRains ट्रेंड करने लगा।
कुल मिलाकर, मौसम एकदम सुहाना हो गया, जिसकी सबको शिद्दत से तलाश थी।
लेकिन भैया, हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। जहां एक तरफ बारिश ने राहत दी, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में इसने आफत भी मचाई।
कहां-कहां हुई झमाझम बारिश और जलभराव का क्या हाल रहा?
दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बारिश इतनी तेज़ थी कि सड़कों पर पानी भर गया। सोचो ज़रा, एक तो गर्मी से राहत मिली, ऊपर से सड़कों पर पानी ही पानी।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम..
. इन सब इलाकों में सड़कों पर जलभराव की तस्वीरें सामने आने लगीं।
गाड़ियां सरक-सरक कर चल रही थीं, मानो पानी में नाव चला रहे हों। दफ्तर से घर लौट रहे लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा।
जहां आमतौर पर 15 मिनट का रास्ता होता है, वहां एक घंटा लग रहा था। ट्रैफिक इतना धीमा हो गया कि लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया।
गुरुग्राम का तो हाल और बुरा था। यहां मूसलाधार बारिश ने उमस भरी गर्मी से तो छुटकारा दिलाया, लेकिन सड़कों पर इतना पानी भर गया कि आवाजाही पूरी तरह से डिस्टर्ब हो गई।
शहर के कई प्रमुख रास्तों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया, जिससे वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई जगहों पर तो गाड़ियां पानी में फंस भी गईं, जिन्हें निकालने के लिए लोगों को खासा मशक्कत करनी पड़ी।
सड़कों पर बनी जलभराव की स्थिति ने ट्रैफिक को ऐसा ब्रेक लगाया कि मानो पूरा शहर थम सा गया हो। क्या ऑटो वाले, क्या बाइक वाले, क्या कार वाले.
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सब के सब पानी के आगे बेबस दिख रहे थे।
पेड़ गिरने से क्या कुछ डैमेज हुआ?
इसी बारिश और तेज हवाओं के बीच दिल्ली के एक इलाके से बड़ी खबर आई। ईस्ट ऑफ कैलाश के अमर कॉलोनी थाना क्षेत्र में एक विशालकाय पेड़ भरभराकर नीचे गिर गया।
अब भैया, पेड़ गिरा तो गिरा, लेकिन सीधा गिरा सड़कों पर खड़ी गाड़ियों पर। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया।
चश्मदीदों के मुताबिक, एक पल तो सब समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या।
इस हादसे में कम से कम चार से पांच गाड़ियां बुरी तरह डैमेज हो गईं। किसी की छत पिचक गई, किसी के शीशे टूट गए और किसी का बोनट चकनाचूर हो गया।
गनीमत ये रही कि जिस वक्त पेड़ गिरा, उस वक्त गाड़ियों में कोई सवार नहीं था, इसलिए किसी को चोट नहीं आई। लेकिन उन गाड़ी मालिकों के लिए तो ये किसी झटके से कम नहीं था।
सोचो ज़रा, आप अपनी गाड़ी पार्क करके गए हों और लौटें तो वो मलबे के ढेर में बदल चुकी हो। ये तो सीधा-सीधा बड़ा आर्थिक नुकसान था।
उनकी तो बल्ले-बल्ले होने की बजाय 'टाटा-बाय-बाय' हो गई गाड़ियों की।
आगे मौसम का क्या हाल रहने वाला है?
मौसम विभाग ने इस बारिश के बाद एक और अच्छी खबर दी है। उनके अनुमान के मुताबिक, अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इसका सीधा मतलब ये है कि तापमान में और गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से मिलने वाली राहत अभी कुछ दिन और बनी रहेगी। यानी अगले दो दिन तक भी सुहाने मौसम का लुत्फ़ उठाया जा सकेगा।
बता दें कि पिछले करीब एक हफ्ते से हल्की-फुल्की बारिश और बादलों की आवाजाही के बावजूद तेज धूप और उमस ने लोगों को खूब परेशान किया हुआ था। ऐसे में अब जो ये मूसलाधार बारिश हुई है, उसने उम्मीद जगाई है कि आने वाले दिन थोड़े ठंडे और खुशनुमा होंगे।
तो कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर का मौसम अभी 'ऑन एंड ऑफ' मोड में ही चलेगा, कभी राहत तो कभी हल्की टेंशन। लेकिन फिलहाल तो राहत की सांस लेने का मौका मिला है।






































