दिल्ली: भैया, मौसम विभाग ने जो चेतावनी जारी की है, उसे सुनकर थोड़ा अलर्ट मोड में आ जाना जरूरी है। देश के एक बड़े हिस्से में मॉनसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है, लेकिन ये अपने साथ सिर्फ सुहानी फुहारें ही नहीं लाया है, बल्कि कई राज्यों के लिए भारी बारिश, भयंकर आकाशीय बिजली और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं का अलर्ट भी लेकर आया है। सोचिए जरा, 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार! यानी अगर आप सड़क पर हों तो संभलकर रहिएगा, और कमजोर इमारतों के पास तो बिल्कुल मत खड़े होना। मौसम विभाग (IMD) ने साफ-साफ कह दिया है कि जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें और यात्रा करते वक्त extra cautious रहें। ये कोई छोटी-मोटी चेतावनी नहीं है, बल्कि देश के 23 राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है, जिसमें से 16 राज्यों में आंधी-तूफान का भी खतरा मंडरा रहा है। ये मौसम का चक्रव्यूह 13 जुलाई तक ऐसे ही चलता रहेगा। तो फिर, आखिर ये मॉनसून इस बार इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहा है और कहां-कहां ज्यादा मार पड़ रही है, आइए समझते हैं पूरी कहानी।
मॉनसून की एंट्री और सिस्टम का खेल क्या है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने 7 जुलाई को अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। ये गुजरात के बचे हुए हिस्सों के साथ-साथ राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में घुस चुका है।
मौसम वैज्ञानिक तो ये तक कह रहे हैं कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर मॉनसून उत्तरी अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा, यानी पूरे देश में मॉनसून की फुल एंट्री हो जाएगी। मतलब, अब इंतजार खत्म! लेकिन इसके साथ ही मौसम का एक तगड़ा सिस्टम भी एक्टिव है।
दरअसल, कुछ दिनों से उत्तर छत्तीसगढ़ और उसके आसपास एक डिप्रेशन (कम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय था। अब ये थोड़ा कमजोर होकर पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक वेल-मार्कड लो प्रेशर एरिया में तब्दील हो गया है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये सिस्टम धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर सरकेगा। और इसी के चलते, देश के बड़े हिस्से में 13 जुलाई तक मूसलाधार बारिश, बिजली गिरने और आंधी-तूफान का दौर चलता रहेगा।
तो अगर आप इन इलाकों में हैं, तो कमर कस लीजिए।
किन राज्यों में रेड अलर्ट की टेंशन है?
भाई, कुछ राज्यों के लिए तो मौसम विभाग ने सीधे-सीधे रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यानी यहां मामला थोड़ा ज्यादा गंभीर है और लोगों को बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। IMD के हिसाब से, आज यानी 8 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में भी आज कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। साउथ इंडिया की बात करें तो केरल और कर्नाटक में भी आज अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है। तो भैया, इन इलाकों में रहने वाले लोग घर से तभी निकलें जब बहुत जरूरी हो।
ये अलर्ट बताता है कि यहां पानी भरने, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति में दिक्कत जैसी समस्याएं आ सकती हैं। प्रशासन भी मुस्तैद है, लेकिन हमारी अपनी सुरक्षा हमारे हाथ में है।
यूपी, दिल्ली और पंजाब-हरियाणा में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
चलिए, अब जरा उत्तर-पश्चिम भारत के हाल पर नजर डाल लेते हैं, खासकर यूपी, दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा पर। क्योंकि यहां अच्छी-खासी आबादी रहती है और इन राज्यों के लिए भी अलर्ट जारी हुआ है।
उत्तर प्रदेश में बारिश का क्या हिसाब है?
अपने यूपी की बात करें तो, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 से 10 जुलाई के दौरान अच्छी-खासी बारिश देखने को मिलेगी और कुछ जगहों पर तो भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां 11 से 13 जुलाई के बीच तेजी पकड़ेंगी।
यहां 11 और 12 जुलाई को तो बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा, 7 जुलाई को पश्चिमी यूपी में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे और पूर्वी यूपी में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का भी अलर्ट है।
मतलब, माहौल पूरा फिल्मी होने वाला है, बस सावधान रहना है।
दिल्ली-NCR और पंजाब-हरियाणा का क्या हाल है?
राजधानी दिल्ली-NCR के साथ-साथ हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 7 से 9 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होगी। इन इलाकों में 7-9 जुलाई और फिर 11-12 जुलाई को कुछ जगहों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है।
इसके बाद, 10 से 13 जुलाई के बीच यहां छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। यानी कुल मिलाकर, दिल्ली वालों को भी अगले कुछ दिनों तक छाता-रेनकोट तैयार रखना होगा।
सड़कों पर पानी भरने और ट्रैफिक जाम की दिक्कत भी आ सकती है, तो दफ्तर या कहीं भी जाने के लिए थोड़ा पहले निकलिएगा।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कब तक बारिश रहेगी?
उत्तरी पहाड़ों की बात करें तो, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 7 से 12 जुलाई के बीच व्यापक रूप से बारिश होने की संभावना है। यानी इन खूबसूरत वादियों में भी बारिश अपनी पूरी धमक के साथ दस्तक देगी।
13 जुलाई को यहां छिटपुट बारिश देखी जा सकती है। कुल मिलाकर, पहाड़ों पर जाने वाले यात्रियों को भी मौसम विभाग की सलाह मानकर ही अपनी यात्रा की प्लानिंग करनी चाहिए।
भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है, तो एक्स्ट्रा केयरफुल रहें।
तो भैया, ये थी मौसम की पूरी अपडेट। उम्मीद है आप सब अलर्ट रहेंगे और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखेंगे।
मौसम विभाग की तरफ से यही आखिरी जानकारी है, इसके बाद अगर कोई नया अपडेट आता है तो हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे। तब तक, बारिश का मजा लीजिए, लेकिन सावधानी के साथ!






































