गोरखपुर: क्या कोई अपने हाई-फाई शौक पूरे करने के लिए, अपनी बीवी की ख्वाहिशें पूरी करने के लिए, एक 6 साल के मासूम की जान ले सकता है? गोरखपुर में यही हुआ है. एक किराएदार, जिसने डेढ़ साल पहले अपनी गर्लफ्रेंड से लव मैरिज की थी, अपनी महंगी लाइफस्टाइल को मेंटेन करने के चक्कर में एक नन्हे से बच्चे का अपहरण कर लेता है. जब प्लान फेल होता है, तो बेरहमी से उसका गला दबाकर मौत के घाट उतार देता है. ये खौफनाक कहानी है गोरखपुर के सहजनवा इलाके की, जहां 6 साल के अंशुमान सिंह को सिर्फ 50 हज़ार रुपए की फिरौती के लिए अपनी जान गंवानी पड़ी.
2 जुलाई को मासूम अंशुमान की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी. इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था किराएदार कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम राय भी इसमें साजिश रचने की आरोपी है.
पुलिस ने अब इन दोनों पति-पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर एक शख्स इतना क्रूर कैसे हो सकता है? क्या था कल्पेश का मकसद? और कैसे एक मामूली फिरौती की साज़िश इतनी भयावह हत्या में बदल गई?
हाई-फाई ज़िंदगी की चाहत और खूनी साज़िश
पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी कल्पेश राय डेढ़ साल पहले नीलम राय से लव मैरिज किया था. दोनों संत कबीरनगर से करीब एक महीने पहले ही अंशुमान के घर किराए पर एक कमरा लेकर रहने आए थे.
कल्पेश का रहन-सहन काफी हाई-फाई था. वो हर दिन जिम जाता था, सोशल मीडिया पर सिक्स पैक एब्स वाले रील्स पोस्ट करता था.
उसे लगता था कि शादी तो उसने अपनी गर्लफ्रेंड से कर ली, लेकिन उसकी सारी ज़रूरतें और महंगे शौक पूरे नहीं कर पा रहा है. इसी चीज़ ने उसे एक ऐसी दलदल में धकेला, जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं था.
पुलिस के मुताबिक, कल्पेश और नीलम ने मिलकर एक खौफनाक प्लान बनाया. उन्होंने सोचा कि अगर वो मकान मालिक के बच्चे अंशुमान का अपहरण कर लें और 50 हज़ार रुपए की फिरौती मांगें, तो उनकी सारी आर्थिक दिक्कतें दूर हो जाएंगी.
उन्हें लगा कि ये 'क्विक मनी' कमाने का आसान तरीका है. लेकिन उनका ये 'आसान' प्लान मासूम अंशुमान की ज़िंदगी लील गया.
गोलगप्पा खिलाने के बहाने मौत के घाट
गुरुवार की शाम थी, करीब 5 बजे का वक्त. अंशुमान अपने घर के बाहर खेल रहा था.
तभी किराएदार कल्पेश राय आया और मासूम अंशुमान को गोलगप्पा खिलाने के बहाने अपने साथ ले गया. घरवाले शायद सोच भी नहीं सकते थे कि जिसे वो भरोसे के साथ अपने बच्चे के करीब जाने दे रहे हैं, वही उनके जिगर के टुकड़े का दुश्मन बन जाएगा.
अंशुमान कल्पेश के साथ खुशी-खुशी चला गया, लेकिन फिर कभी घर वापस नहीं लौटा.
सीसीटीवी फुटेज ने इस पूरी कहानी की टाइमिंग खोल दी. गुरुवार शाम करीब 5:57 बजे कल्पेश बच्चे को साथ लेकर जाता हुआ दिखाई दिया.
वो अंशुमान को लेकर घर से करीब 500 मीटर दूर एक खंडहर में गया. पुलिस के मुताबिक, कल्पेश का इरादा था कि वो अंशुमान को उस खंडहर में छिपाकर रखेगा और फिर फिरौती के लिए फोन करेगा.
लेकिन शायद उसका प्लान काम नहीं आया. मात्र 10 मिनट के अंदर, यानी 6:20 बजे तक, कल्पेश अकेले ही उस खंडहर से बाहर आता दिखा, उसके साथ अंशुमान नहीं था.
इन 10 मिनटों में क्या हुआ, ये सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
पुलिस ने बताया कि जब उसका प्लान फेल हो गया और बच्चे को छिपाने में दिक्कत आई, तो कल्पेश ने अपना असली चेहरा दिखाया. उसने मासूम अंशुमान का गला दबाकर हत्या कर दी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई कि अंशुमान की मौत गला दबाने से हुई थी, जबकि आरोपी कल्पेश पहले झूठ बोल रहा था कि बच्चे का सिर दीवार से टकराने की वजह से उसकी मौत हो गई. एक 6 साल के बच्चे को इतनी बेरहमी से मारना, ये दिखाता है कि पैसे और झूठे दिखावे की चाहत इंसान को कितना गिरा सकती है.
इलाके में कोहराम और जन सैलाब
शनिवार शाम को जैसे ही अंशुमान का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा, पूरे सहजनवा इलाके में कोहराम मच गया. परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया.
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल था. गांव वाले और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, और उनका गुस्सा फूट पड़ा.
लोगों ने मांग की कि आरोपी को तत्काल फांसी दी जाए. सड़क पर प्रदर्शन शुरू हो गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई.
हालात को देखते हुए सहजनवां, गीडा और आसपास के कई थानों से भारी पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी. अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को समझाया-बुझाया और उन्हें शांत कराया.
उन्होंने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद, पुलिस की मौजूदगी में कालेसर स्थित मोक्षधाम पर मासूम अंशुमान को नम आंखों से जल समाधि दी गई.
यह दृश्य हर किसी के मन को कचोट रहा था.
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी कल्पेश राय और उसकी पत्नी नीलम राय को गिरफ्तार कर लिया. नीलम पर भी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है.
दोनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रविवार को जेल भेज दिया गया है. यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के उस खोखलेपन को दिखाती है, जहां झूठे दिखावे और अनियंत्रित इच्छाएं इंसान को दरिंदा बना देती हैं.
मासूम अंशुमान की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है और लोग अब आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सज़ा की मांग कर रहे हैं.




































