ताइवान: कल्पना कीजिए एक ऐसे मॉनिटर की जिसकी कीमत सुनकर आपके होश उड़ जाएं। हम बात कर रहे हैं Asus ProArt PA32KCX की, जिसकी कीमत लगभग 8,800 डॉलर है। अगर इसे भारतीय रुपयों में बदलें, तो यह रकम करीब 7.4 लाख रुपये के आसपास बैठती है। अब सवाल यह है कि क्या एक 32 इंच की स्क्रीन के लिए इतना पैसा खर्च करना समझदारी है या फिर यह सिर्फ अमीरों का एक महंगा शौक है?
मोटा-मोटी बात यह है कि यह मॉनिटर तकनीकी रूप से एक 'बीस्ट' है। इसमें 8K नेटिव रेजोल्यूशन है, जिसका मतलब है कि इसकी स्क्रीन पर 3 करोड़ 30 लाख से ज्यादा पिक्सल हैं।
साथ ही इसमें 4,032 डिमिंग जोन दिए गए हैं, जो इसकी पिक्चर क्वालिटी को बहुत सटीक बनाते हैं। लेकिन क्या वाकई 6K और 8K के बीच का यह अंतर इतना बड़ा है कि आप अपनी गाड़ियों या घर की किश्त के बराबर पैसा इस पर लगा दें?
इतनी भारी कीमत के पीछे का राज क्या है?
इसकी कीमत को सही ठहराने के लिए कंपनी ने इसमें कई हाई-एंड फीचर्स डाले हैं। इसमें IPS पैनल का इस्तेमाल हुआ है और इसकी पीक HDR ब्राइटनेस 1,200 निट्स है, जो इसे बेहद चमकदार और वाइब्रेंट बनाती है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें एक मोटर चालित कलरमीटर (motorised colorimeter) लगा है, जो ऑटोमेटेड कैलिब्रेशन का काम करता है। यानी आपको रंगों को मैन्युअली सेट करने की टेंशन नहीं लेनी होगी, सिस्टम खुद ही सब संभाल लेगा।
अगर इसकी तुलना बाजार के दूसरे बड़े खिलाड़ियों से करें, तो यह एप्पल के Pro Display XDR को भी पीछे छोड़ देता है। जहां एप्पल का डिस्प्ले 6K रेजोल्यूशन और 576 डिमिंग जोन के साथ आता है, वहीं यह आसुस का मॉनिटर 8K और 4,000 से ज्यादा डिमिंग जोन के साथ आता है।
कनेक्टिविटी के मामले में भी यह पूरी तरह से कॉम्प्रिहेंसिव है, यानी आपको हर वो पोर्ट मिलेगा जिसकी आपको जरूरत हो सकती है।
क्या यह वाकई वैल्यू फॉर मनी है?
अब आते हैं असली मुद्दे पर। क्या 8K की यह छलांग इतनी जरूरी है? मजेदार बात यह है कि आसुस के पास ही एक दूसरा मॉडल है—ProArt PA32QCV।
यह एक 6K मॉनिटर है और इसकी कीमत इस 8K वाले मॉन्स्टर के मुकाबले आठवें हिस्से (1/8th) के बराबर है। यानी आप बहुत कम पैसों में भी एक बेहतरीन डिस्प्ले पा सकते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हालांकि यह तकनीकी रूप से एक मास्टरपीस है, लेकिन इसकी बिल्ड क्वालिटी थोड़ी निराश करती है। साथ ही, इसका लोकल डिमिंग सिस्टम और भी बेहतर हो सकता था।
आम यूजर्स के लिए, जो प्रोफेशनल कलर ग्रेडिंग या बहुत ही हाई-लेवल का वीडियो एडिटिंग नहीं कर रहे, उनके लिए सस्ते 6K ऑप्शंस कहीं ज्यादा वैल्यू प्रदान करते हैं।
कुल मिलाकर, यह मॉनिटर उन लोगों के लिए है जिनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है और जिन्हें दुनिया की सबसे सटीक स्क्रीन चाहिए। लेकिन अगर आप एक आम प्रोफेशनल हैं, तो शायद आप इस कीमत पर विचार करने से पहले दो बार सोचेंगे।
अंत में, यह फैसला आपकी जेब और आपकी जरूरत पर निर्भर करता है कि आपको 8K का यह लग्जरी अनुभव चाहिए या फिर एक किफायती और पावरफुल 6K विकल्प।




































