रेडमंड: क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है कि विंडोज क्रैश हो गया हो और आप पागलों की तरह घर में पेनड्राइव या विंडोज की (Windows key) ढूंढ रहे हों? वह टेंशन कि अब दूसरे कंप्यूटर से बूटेबल USB कैसे बनाएंगे और फिर घंटों की मशक्कत... सच कहें तो यह पूरा प्रोसेस काफी सिरदर्द वाला होता है। लेकिन अब माइक्रोसॉफ्ट ने इस परेशानी का एक ऐसा इलाज निकाला है जिससे आपकी यह सारी झंझट खत्म होने वाली है।
माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज 11 के लिए एक नया रिकवरी मेथड पेश किया है, जिसका नाम है 'क्लाउड रीबिल्ड' (Cloud Rebuild)। आसान शब्दों में कहें तो अब आपको विंडोज को फिर से इंस्टॉल करने के लिए किसी बाहरी USB ड्राइव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सारा काम क्लाउड के जरिए होगा, यानी इंटरनेट से सीधे फ्रेश विंडोज डाउनलोड होकर आपके सिस्टम में फिट हो जाएगा।
बता दें कि फिलहाल यह फीचर विंडोज इनसाइडर्स (Windows Insiders) के लिए रोल आउट किया गया है, लेकिन जल्द ही यह उन सभी यूजर्स के पास होगा जो विंडोज 11 का स्टेबल वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्लाउड रीबिल्ड आखिर काम कैसे करेगा?
अब आप सोच रहे होंगे कि यह पुराने 'Reset this PC' वाले ऑप्शन से कैसे अलग है? देखिए, जब आप 'Reset this PC' करते हैं, तो उसमें आपके पास फाइलें रखने का ऑप्शन होता है। लेकिन 'क्लाउड रीबिल्ड' का मामला अलग है।
इसमें आपकी पर्सनल फाइलें नहीं बचेंगी, लेकिन इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके ऑपरेटिंग सिस्टम की मौजूदा हालत पर निर्भर नहीं रहता।
मोटा-मोटी बात यह है कि अगर आपका विंडोज पूरी तरह से करप्ट हो गया है और आपका पीसी बूट (Boot) ही नहीं हो रहा है, तब भी क्लाउड रीबिल्ड काम करेगा। ऐसी गंभीर स्थिति में जब सिस्टम पूरी तरह ठप हो, तब यह फीचर किसी वरदान से कम नहीं है क्योंकि आपको किसी दूसरे लैपटॉप या पीसी की मदद नहीं लेनी पड़ेगी।
ड्राइवर्स का झंझट भी होगा खत्म?
विंडोज री-इंस्टॉल करने के बाद सबसे बड़ा चैलेंज होता है सही ड्राइवर्स ढूंढना। कभी वाई-फाई का ड्राइवर नहीं मिलता तो कभी ग्राफिक्स कार्ड का।
घंटों मैन्युअल डाउनलोडिंग और इंस्टॉलेशन में समय बर्बाद होता है। लेकिन क्लाउड रीबिल्ड के साथ माइक्रोसॉफ्ट ने इस टेंशन को भी खत्म कर दिया है।
यह फीचर न केवल विंडोज को इंस्टॉल करेगा, बल्कि आपके हार्डवेयर के हिसाब से जरूरी ड्राइवर्स को भी क्लाउड से ही खींचकर इंस्टॉल कर देगा। यह उन लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत है जो हैंडहेल्ड गेमिंग पीसी (Handheld Gaming PCs) इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि ऐसे डिवाइस में ड्राइवर्स इंस्टॉल करना काफी कॉम्प्लिकेटेड होता है, खासकर तब जब आपके पास जरूरी पेरिफेरल्स न हों।
कुल मिलाकर, माइक्रोसॉफ्ट अब कोशिश कर रहा है कि यूजर का एक्सपीरियंस स्मूथ रहे और तकनीकी दिक्कतें आने पर उन्हें किसी एक्सपर्ट के पास न भागना पड़े। हालांकि, अभी यह फीचर धीरे-धीरे रोल आउट हो रहा है, तो अगर आपको अभी यह नहीं मिला है, तो थोड़ा इंतजार करें।
उम्मीद है कि जल्द ही यह सभी स्टेबल बिल्ड्स में उपलब्ध होगा।




































