मधुबनी: बिहार में शराबबंदी लागू है, लेकिन इस कानून को धता बताते हुए अवैध शराब का धंधा खूब फल-फूल रहा है। इसी अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिए मधुबनी जिले में उत्पाद विभाग ने एक बड़ा और ताबड़तोड़ एक्शन लिया है। विभाग की टीमों ने एक साथ जिले के 79 ठिकानों पर धावा बोला, जिससे अवैध शराब के धंधे में लगे लोगों में हड़कंप मच गया। इस मेगा-ऑपरेशन में न सिर्फ 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया, बल्कि भारी मात्रा में अवैध देसी शराब और इस कारोबार में इस्तेमाल हो रहे दो वाहनों को भी जब्त किया गया है। यह कार्रवाई उत्पाद विभाग की लगातार जारी मुहिम का हिस्सा है, जिसका मकसद बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू करना है।
खबर है कि उत्पाद विभाग को लंबे समय से जिले के अलग-अलग इलाकों में अवैध शराब की बिक्री और भंडारण की गुप्त सूचनाएं मिल रही थीं। इन सूचनाओं को पुख्ता करने के बाद विभाग ने एक विस्तृत योजना बनाई।
यह अभियान इतना गोपनीय रखा गया था कि धंधेबाजों को भनक तक नहीं लग पाई। अचानक हुई इस छापेमारी ने अवैध शराब के कारोबारियों को संभलने का मौका ही नहीं दिया।
टीमों ने सुबह के समय या देर रात, उन सभी जगहों पर एक साथ दबिश दी, जहाँ शराब के अवैध धंधे चलने की आशंका थी। इस समन्वित कार्रवाई से यह साफ हो गया कि विभाग अवैध शराब के खिलाफ कोई ढिलाई बरतने को तैयार नहीं है।
उत्पाद विभाग की बड़ी और समन्वित कार्रवाई
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को 'विशेष अभियान' का नाम दिया गया था। इस अभियान के तहत जिले के अलग-अलग हिस्सों में फैली 79 लोकेशन्स को चिन्हित किया गया था।
इन लोकेशन्स में न केवल छोटे-मोटे ठिकाने शामिल थे, बल्कि उन रास्तों और अड्डों को भी निशाना बनाया गया, जहाँ से शराब की तस्करी की जाती थी। उत्पाद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कई टीमों का गठन किया गया, जिन्हें एक साथ अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई के लिए भेजा गया।
यह सुनिश्चित किया गया कि सभी टीमें एक ही समय पर अपने-अपने निर्धारित ठिकानों पर पहुंचें ताकि धंधेबाजों को बचने या सबूत मिटाने का कोई मौका न मिले। इस तरह की बड़ी और सुनियोजित छापेमारी अमूमन कम देखने को मिलती है, जो विभाग की गंभीरता को दर्शाती है।
इस छापेमारी के दौरान विभाग की टीमों ने अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली। कई जगहों पर तो शराब जमीन में गाड़ कर रखी गई थी, जिसे खोद कर निकाला गया।
कुछ जगहों पर तो धंधेबाज शराब के साथ भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उत्पाद विभाग की मुस्तैदी के चलते वे सफल नहीं हो पाए। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह से खुफिया जानकारी और जमीनी स्तर पर की गई पड़ताल पर आधारित था, जिसके कारण इतनी बड़ी सफलता मिल पाई।
विभाग की टीमें लगातार ऐसे ठिकानों और लोगों पर नजर रख रही थीं, जो शराबबंदी कानून का उल्लंघन कर रहे थे।
10 लोग गिरफ्तार और भारी मात्रा में शराब जब्त
इस बड़े अभियान का नतीजा यह रहा कि कुल 10 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया। ये सभी लोग अवैध शराब के कारोबार में किसी न किसी तरह से संलिप्त पाए गए थे।
कुछ लोग शराब बेच रहे थे, तो कुछ उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए इन लोगों से उत्पाद विभाग की टीम ने शुरुआती पूछताछ की है, ताकि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से इस अवैध धंधे से जुड़े और भी बड़े नामों और चेहरों का खुलासा हो सकता है। इन सभी गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
गिरफ्तारी के साथ-साथ, विभाग ने इस छापेमारी में कुल 194 लीटर देसी शराब भी जब्त की है। यह देसी शराब विभिन्न ठिकानों से बरामद की गई थी, जिसे छोटे-छोटे पैकेट्स या बोतलों में भरकर रखा गया था।
अक्सर, इस तरह की देसी शराब स्थानीय स्तर पर ही तैयार की जाती है और कम दाम में बेची जाती है, जिससे इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। इसके अलावा, अवैध शराब के कारोबार में इस्तेमाल हो रहे दो वाहनों को भी जब्त किया गया है।
ये वाहन शराब की तस्करी या डिलीवरी के लिए उपयोग किए जा रहे थे। वाहनों को जब्त कर विभाग ने एक और कड़ा संदेश दिया है कि इस तरह के अपराधों में शामिल किसी भी संसाधन को बख्शा नहीं जाएगा।
इन वाहनों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शराबबंदी को सफल बनाने की प्रतिबद्धता
बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से ही इसे सफल बनाने के लिए सरकार और प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। उत्पाद विभाग ऐसे अभियानों के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहता है कि शराबबंदी कानून का पालन हर कीमत पर हो।
इस तरह की ताबड़तोड़ छापेमारी अवैध शराब के धंधे में लगे लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे अपनी हरकतों से बाज आएं, वरना उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे और अवैध शराब के कारोबारियों को किसी भी हाल में पनपने नहीं दिया जाएगा।
विभाग आम जनता से भी अपील कर रहा है कि वे अवैध शराब से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके और समाज को इस बुराई से मुक्त किया जा सके। यह अभियान न केवल शराब की आपूर्ति पर रोक लगाएगा, बल्कि शराब के सेवन से होने वाले सामाजिक और पारिवारिक नुकसान को कम करने में भी मदद करेगा।

