मधुबनी: बिहार में इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है. एक तरफ कांग्रेस पार्टी महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा में कथित धांधली जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने में लगी है, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी बीजेपी कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रही है. इसी गहमा-गहमी के बीच मधुबनी से एक बड़ी खबर आई है. यहां भाजपा के एक दिग्गज नेता ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने साफ-साफ कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई मुद्दा बचा ही नहीं है. वो सिर्फ झूठ और भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक दुकान चमकाने की कोशिश कर रही है.
बात हो रही है भाजपा के वरिष्ठ नेता और खजौली विधानसभा क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य विनोद प्रसाद की. गुरुवार को उन्होंने मधुबनी शहर के संतु नगर स्थित अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई.
समय था दिन के 11 बजे का. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने कांग्रेस के हर एक आरोप का बड़ी बेबाकी से जवाब दिया और उनके दावों को "पूरी तरह निराधार" बताकर खारिज कर दिया.
कांग्रेस के 'आरोपों' पर भाजपा का 'पलटवार'
हाल के दिनों में, बिहार के अलग-अलग जिलों में कांग्रेस पार्टी लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है. उनके एजेंडे में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी, लगातार बढ़ती बेरोजगारी, आसमान छूती महंगाई और राज्य में बढ़ते अपराध जैसे मुद्दे प्रमुख हैं.
कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार, दोनों को कटघरे में खड़ा कर रही है. लेकिन, भाजपा के विनोद प्रसाद ने इन सभी विरोध प्रदर्शनों और आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया.
उन्होंने कहा, "कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए न तो कोई ठोस मुद्दा है और न ही कोई स्पष्ट नीति. वे सिर्फ झूठे आरोप लगाकर और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं.
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विनोद प्रसाद ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी जिस तरह से प्रधानमंत्री का पुतला दहन जैसे कार्यक्रम कर रही है, वह सिर्फ और सिर्फ मीडिया की सुर्खियां बटोरने का एक तरीका है. उनका मकसद असल मुद्दों पर बहस करने के बजाय सिर्फ हंगामा खड़ा करना है.
उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सरकार की गलत नीतियों पर सवाल उठाना है, लेकिन बिना तथ्यों के सिर्फ आरोप लगाना और अफवाह फैलाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है. जनता अब समझदार हो चुकी है और वो जानती है कि कौन उनके हित में काम कर रहा है और कौन सिर्फ अपनी सियासी रोटियां सेंक रहा है.
झूठ और भ्रम की राजनीति का आरोप
विनोद प्रसाद ने अपने बयान में कांग्रेस पर 'झूठ और भ्रम की राजनीति' करने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस के पास कोई मजबूत तर्क नहीं होता, तो वे जनता के बीच गलत जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं.
उनका मानना है कि कांग्रेस की इस रणनीति से देश और राज्य का विकास प्रभावित होता है. उन्होंने जोर देकर कहा कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकारें लगातार जनहित के कामों में लगी हुई हैं.
उन्होंने विस्तार से बताया कि कैसे शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम गढ़े जा रहे हैं, गांवों से लेकर शहरों तक आधारभूत संरचना को मजबूत किया जा रहा है और गरीब कल्याण योजनाओं के जरिए हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाई जा रही है.
भाजपा नेता ने किसानों के हितों की बात की और बताया कि कैसे सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सुलझाने के लिए अलग-अलग योजनाएं चला रही है. युवाओं के रोजगार के लिए भी सरकार कई स्तर पर काम कर रही है, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके.
उन्होंने कहा, "ऐसे में कांग्रेस जनता का ध्यान इन वास्तविक विकास कार्यों से भटकाने का प्रयास कर रही है. वे चाहते हैं कि लोग सरकार के अच्छे कामों को भूल जाएं और सिर्फ नकारात्मक बातों पर ध्यान दें, ताकि उन्हें चुनाव में फायदा मिल सके.
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विकास के मुद्दे पर सियासी घमासान
विनोद प्रसाद ने कांग्रेस के शासनकाल का भी जिक्र किया. उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस ने देश पर कई दशकों तक राज किया है, लेकिन इसके बावजूद वे देश की कई मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर सके.
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा तो दिया, लेकिन गरीबी नहीं हटी. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर कांग्रेस की पिछली सरकारों की नाकामियों को गिनाया.
प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक जमीन खो चुकी है. जनता ने उन्हें बार-बार मौका दिया, लेकिन वे उस मौके को भुना नहीं पाए.
उन्होंने साफ कहा, "आज कांग्रेस के पास न तो कोई दूरदृष्टि है और न ही कोई मजबूत नेतृत्व. वे सिर्फ विरोध के लिए विरोध कर रहे हैं, जिसका कोई ठोस आधार नहीं है.
" प्रसाद ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल को अपनी बात कहने का अधिकार है, ये तो ठीक है. लेकिन, तथ्यों से परे जाकर सिर्फ झूठे आरोप लगाना और जनता को गुमराह करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है.
यह स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी नहीं है.
जनता को गुमराह करने की कोशिश?
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में विनोद प्रसाद ने जनता से एक भावुक अपील की. उन्होंने कहा कि लोगों को अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए.
उन्हें किसी भी बात पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करके सरकार के विकास कार्यों और जनहित के मुद्दों पर हो रहे कामों का निष्पक्ष मूल्यांकन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ है और वह देश के हर नागरिक के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए एक बेहद अहम टिप्पणी की. प्रसाद ने कहा, "आज आप किसी भी गरीब से पूछ लीजिए, हर गरीब के जुबान पर नरेंद्र मोदी का ही नाम है.
यह बताता है कि प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए कितना काम किया है और वे जनता के दिलों में बसते हैं." इस बयान के साथ उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा सरकार की लोकप्रियता और जनसमर्थन पर जोर दिया.
अब देखना यह होगा कि भाजपा के इस पलटवार पर कांग्रेस क्या जवाब देती है और बिहार की राजनीति में यह जुबानी जंग कितनी आगे तक जाती है.


