लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश का लखीमपुर खीरी ज़िला इन दिनों एक ख़तरनाक सन्नाटे से घिरा है। बिजली, जो हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा है, वही बीते 48 घंटों में यहाँ मौत का सामान बन गई। ज़रा सोचिए, सिर्फ़ दो दिनों के भीतर, बिजली के झटके से एक नहीं, दो नहीं, बल्कि पूरे पाँच लोगों की जान चली गई है। और चार लोग ऐसे हैं, जो मौत के मुँह से तो निकल आए, लेकिन गंभीर रूप से झुलस गए हैं। ये मौतें किसी दुर्घटना या बड़े हादसे में नहीं हुई हैं, बल्कि हमारे-आपके घरों में इस्तेमाल होने वाले पंखे से लेकर कपड़े सुखाने वाले तार और कहीं काम पर गए मज़दूर को लगे करंट से हुई हैं। ज़िले में हर ओर बस यही सवाल उठ रहा है कि आख़िर ये सिलसिला कब थमेगा?
इन लगातार हो रही घटनाओं ने पूरे ज़िले को हिलाकर रख दिया है। एक के बाद एक चार अलग-अलग हादसों में इतनी जानें चली गईं कि लोग दहशत में हैं।
हर कोई अपने घर में लगे बिजली के तार, पंखे और दूसरे उपकरणों को शक की नज़र से देख रहा है। ऐसा लग रहा है मानो मौत किसी भी कोने से छिपकर वार कर सकती है।
प्रशासन और बिजली विभाग पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है, क्योंकि उनकी मानें तो ये सब जर्जर तारों और लापरवाही की वजह से हो रहा है।
करंट से मौतों का सिलसिला; 48 घंटों में हाहाकार
गुरुवार की बात है, जब औरंगाबाद कस्बे में क़दीर ख़ां नाम के एक शख्स की ज़िंदगी उस पंखे ने छीन ली, जिसे वो अपने घर में चला रहे थे। घर में पंखा चला रहे थे और अचानक उन्हें करंट का ज़ोरदार झटका लगा।
घरवाले कुछ समझ पाते, इससे पहले ही वो ज़मीन पर गिर पड़े। हड़बड़ी में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क़दीर ख़ां ठेला चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। उनकी मौत ने परिवार की रीढ़ ही तोड़ दी है।
उनकी रोज़मर्रा की कमाई से ही घर चलता था, अब परिवार के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। घर में मातम पसरा है और उनकी असमय मौत से हर कोई हैरान है।
रोज़गार के लिए नोएडा गए युवक की मौत का सदमा
उसी दिन, ज़िले से दूर नोएडा में भी लखीमपुर खीरी के एक और बेटे ने दम तोड़ दिया। मैगलगंज थाना क्षेत्र के कुँवरपुर के रहने वाले राजकुमार कुशवाहा रोज़गार की तलाश में नोएडा गए थे।
पर उन्हें क्या पता था कि जिस कमाई के लिए वो घर से दूर आए हैं, वही उनकी आख़िरी यात्रा साबित होगी। राजकुमार भी करंट की चपेट में आ गए और उनकी वहीं मौत हो गई।
जब उनका शव गाँव कुँवरपुर पहुँचा, तो पूरे गाँव में चीख़-पुकार मच गई। परिवार का जवान बेटा, जो परिवार के लिए बेहतर ज़िंदगी का सपना लेकर गया था, वो ताबूत में लौटा।
उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजकुमार की मौत ने ये सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कितनी जानें यूं ही बिजली के झटकों का शिकार होती रहेंगी?
सिंगाही में कपड़े सुखाने वाले तार ने ली जान; 4 झुलसे
मौत का ये खेल यहीं नहीं रुका। सिंगाही क्षेत्र में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई।
यहाँ कपड़े सुखाने वाले तार में अचानक करंट उतर आया। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, और सबसे दुखद बात ये है कि चार अन्य लोग बुरी तरह झुलस गए।
ये लोग शायद कपड़े सुखाने या किसी और काम से उस तार के संपर्क में आए होंगे और उन्हें अचानक बिजली का ज़ोरदार झटका लगा। घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना ने लोगों को घरों के अंदर भी बिजली के उपकरणों और तारों को लेकर ज़्यादा सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है। एक आम सा काम, कपड़े सुखाना, कैसे मौत का सबब बन गया, ये सोचकर ही लोग सिहर उठते हैं।
भीरा में पति-पत्नी की एक साथ मौत; पूरे ज़िले में शोक
और ये सब शुरू हुआ था इससे एक दिन पहले। भीरा थाना क्षेत्र में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने सुनकर ही लोगों की आँखें नम हो गईं।
यहाँ करंट लगने से एक पति-पत्नी की एक साथ मौत हो गई। ज़रा सोचिए, एक परिवार ने एक झटके में अपने दोनों अभिभावकों को खो दिया।
बच्चों पर क्या बीती होगी, इसका अंदाज़ा लगाना भी मुश्किल है। पूरे ज़िले में इस घटना ने गहरा शोक पैदा कर दिया।
पति-पत्नी की एक साथ मौत ने बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस तरह 48 घंटों के भीतर करंट लगने की इन चार अलग-अलग घटनाओं में कुल पाँच लोगों की जान चली गई है, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
लगातार हो रहे हादसों पर लोगों का गुस्सा और मांग
ये लगातार हो रहे हादसे महज़ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि ये कई परिवारों का उजड़ना है। स्थानीय लोगों में इन घटनाओं को लेकर भारी गुस्सा और चिंता है।
उन्होंने प्रशासन और बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ज़िले में जर्जर विद्युत उपकरणों और खुले तारों का जाल बिछा हुआ है।
कई जगहों पर बिजली के तार इतने पुराने हो चुके हैं कि उनमें कभी भी फाल्ट हो सकता है। लोगों ने ज़ोर देकर कहा है कि बिजली विभाग को इन सभी जर्जर तारों और उपकरणों की तत्काल जांच करानी चाहिए और उन्हें ठीक कराना चाहिए।
उनकी मांग है कि सुरक्षा व्यवस्था को मज़बूत किया जाए और भविष्य में ऐसे भयानक हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। ये एक गंभीर मसला है, क्योंकि बिजली हमारे जीवन का अभिन्न अंग है, लेकिन अगर यही मौत का कारण बनने लगे तो चिंता स्वाभाविक है।
लोगों का सवाल है कि प्रशासन कब जागेगा और इन मासूमों की जानें बचाने के लिए क्या ठोस कदम उठाएगा, ताकि लखीमपुर खीरी में फिर कोई घर बिजली के झटके से न उजड़े।


