बुलंदशहर: गुरुवार की सुबह अनूपशहर के मोरीगेट मुख्य बाज़ार में जब लोग अपनी दुकानों के शटर उठा रहे थे और दिन की चहल-पहल शुरू हो रही थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में यहां चीख-पुकार मच जाएगी। यह एक आम सुबह थी, लेकिन उस पल ने इसे ख़ौफ़नाक बना दिया, जब एक कपड़ा व्यापारी ने अपनी ही दुकान के भीतर खुद को गोली मारकर हमेशा के लिए खामोश कर लिया। सुबह 9 बजे के करीब हुई इस घटना ने पूरे बाजार को सन्न कर दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदारों और पड़ोसियों की सांसें अटक गईं। लोगों को लगा कुछ अनहोनी हुई है, लेकिन जब तक वे दुकान का शटर उठाकर अंदर पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दुकान के फर्श पर 45 साल के नदीम, जिनका नाम इलाके में जाना-पहचाना था, खून से लथपथ पड़े थे। उनके पास ही एक तमंचा पड़ा था, जो इस खूनी मंजर की गवाही दे रहा था।
इस दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स को हिलाकर रख दिया। नदीम, जो चार बच्चों के पिता थे और जिनके घर में अभी तीन महीने पहले ही दो बच्चों की शादी की खुशियां गूंजी थीं, अचानक इस तरह दुनिया से चले जाएंगे, ये किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
यह खबर सुनते ही उनके परिवार और रिश्तेदार रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। उनकी चीख-पुकार से पूरा बाजार गमगीन हो गया।
यह सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि एक रहस्य भी है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि नदीम ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
तीन महीने पहले ही उन्होंने अपने बड़े बेटे उजैफ (24) और बेटी अजमी (22) की शादी धूम-धाम से की थी। घर में अभी भी शादियों की रौनक फीकी नहीं पड़ी थी, ऐसे में नदीम का यह कदम पूरे परिवार के लिए एक गहरा सदमा बनकर आया है।
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है, लेकिन फिलहाल आत्महत्या के कारणों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
मोरीगेट बाज़ार में सन्नाटा: क्या हुआ उस सुबह?
अनूपशहर का मोरीगेट मुख्य बाजार, जो आमतौर पर ग्राहकों की भीड़ और व्यापारियों की आवाज़ों से गुलजार रहता है, उस गुरुवार को एक पल में खामोश हो गया। मोहल्ला मीरा के रहने वाले नदीम पुत्र हसमुद्दीन की इस बाजार में कपड़े की दुकान थी।
उनके चार भाई भी इसी बाजार में रेडीमेड का काम करते हैं, यानी पूरा परिवार यहीं से जुड़ा हुआ था। पड़ोसियों ने बताया कि नदीम रोजाना की तरह सुबह करीब 9 बजे अपनी दुकान पर आए।
उन्होंने दुकान का एक शटर उठाया और अंदर चले गए। अंदर जाते ही उन्होंने शटर पूरी तरह नीचे गिरा दिया।
और इसके ठीक अगले ही पल, अंदर से एक जोरदार गोली की आवाज गूंज उठी, जिसने सबकी रूह कंपा दी।
आवाज सुनते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर सहम गए। सभी तुरंत नदीम की दुकान की तरफ दौड़े।
उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका हुई। जब पड़ोसियों ने हिम्मत करके शटर उठाया और अंदर झांका, तो जो नजारा उन्होंने देखा, वह दिल दहला देने वाला था।
नदीम खून से लथपथ फर्श पर पड़े थे और उनके पास ही एक तमंचा पड़ा था। उन्हें देखते ही आसपास के लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
देखते ही देखते बाजार में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस खबर की सूचना जैसे ही नदीम के परिवार वालों को मिली, वे रोते-बिलखते मौके पर पहुंच गए।
पुलिस को भी इसकी जानकारी दी गई और कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस दल भी घटनास्थल पर पहुंच गया।
पुलिस की छानबीन और फॉरेंसिक टीम का दखल
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मुस्तैद हो गया। सीओ शशांक श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने घटनास्थल को सील किया और सबसे पहले फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच कर बारीकी से जांच-पड़ताल की।
उन्होंने घटनास्थल से महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं, जो इस मामले की गुत्थी सुलझाने में मददगार हो सकते हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके।
सीओ शशांक श्रीवास्तव ने मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का ही लग रहा है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
नदीम की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज से घटना के समय की पूरी स्थिति साफ हो सकेगी और शायद कुछ अहम सुराग मिल सकें।
फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने परिजनों से तहरीर मिलने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार अभी गहरे सदमे में है, जिसके चलते वे ठीक से बात भी नहीं कर पा रहे हैं।
घर में खुशियों का माहौल, फिर भी क्यों ली जान?
नदीम चार बच्चों के पिता थे – दो बेटे उजैफ (24) और अजीम (14), और दो बेटियां अजमी (22) और ईरा (15)। परिवार वालों के रुंधे गले से निकली बातें बताती हैं कि अभी करीब तीन महीने पहले ही नदीम ने बड़े बेटे उजैफ और बेटी अजमी की शादी की थी।
घर में शहनाइयों की गूंज और खुशियों का माहौल अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था। रिश्तेदार आते-जाते रहते थे और खुशियां मनाई जा रही थीं।
ऐसे वक्त में नदीम का खुद को गोली मार लेना परिवार के साथ-साथ पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सवाल बन गया है।
कोई नहीं समझ पा रहा है कि इतनी बड़ी खुशियों के बीच, जब परिवार में सब ठीक चल रहा था, तो नदीम ने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठा लिया। क्या कोई आर्थिक परेशानी थी, या कोई निजी तनाव, या कोई और अनकही बात? ये सारे सवाल अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं।
नदीम के अचानक चले जाने से उनका हंसता-खेलता परिवार बिखर गया है और उनके बच्चों का भविष्य भी अधर में लटक गया है। जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं होती और आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने नहीं आती, तब तक यह मामला एक अनसुलझी पहेली ही बना रहेगा, जो अनूपशहर के मोरीगेट बाजार की शांति को भंग कर गया है।
पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि जल्द से जल्द इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके।


