लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने लोगों को हिलाकर रख दिया है। अक्सर हम सुनते हैं कि समाज में कुछ लोग गलत राह पर चल पड़ते हैं, और जब कोई भला आदमी उन्हें टोकता या सुधारने की कोशिश करता है, तो वो उल्टा उसी के दुश्मन बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ लुधियाना के गांव ढोलणवाल में, जहां एक बुजुर्ग ने कुछ बदमाशों को उनकी लूटपाट और चोरी की हरकतों से बाज आने को कहा, तो उन्हें ये बात इतनी नागवार गुज़री कि उन्होंने उस भले आदमी को रास्ते में घेरकर बुरी तरह पीटा और जान से मारने की धमकी तक दे डाली।
ये कहानी है गांव कालेवाल के सरबजीत सिंह की, जिन्होंने सोचा था कि कुछ मीठे बोल और समझाइश शायद बिगड़े हुए नौजवानों को सही रास्ते पर ला सकती है। लेकिन उनकी ये कोशिश उन्हें इतनी भारी पड़ेगी, उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था।
पूरा इलाका अब इस बात से सहमा हुआ है कि अगर समाज में गलत को गलत कहने की भी हिम्मत न बची, तो ऐसे गुंडे और बदमाश कितने बेलगाम हो जाएंगे।
बदमाशों की दहशत और सरबजीत का हौसला
दरअसल, थाना कूमकलां इलाके में आने वाले गांव ढोलणवाल और आसपास के गांवों में पिछले कुछ समय से तीन लोगों का आतंक फैला हुआ था। इनके नाम थे गुलाब सिंह उर्फ गुलाबा, जंगा और बिल्ला।
ये तीनों इलाके में लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे, जिससे गांव वाले बेहद परेशान थे। शाम होते ही लोग घरों में दुबक जाते थे, बच्चों को बाहर खेलने भेजने से कतराते थे और बाजारों में भी लोग सावधानी से चलते थे।
हर तरफ एक अजीब सा डर और खौफ का माहौल था। इन तीनों ने पूरे इलाके की नाक में दम कर रखा था।
ये सब देखकर सरबजीत सिंह को बहुत बुरा लगता था। वो एक समझदार और सामाजिक व्यक्ति थे।
उन्हें लगा कि अगर कोई इन लड़कों को समझाए, तो शायद ये अपनी गलत आदतें छोड़ दें। उन्होंने सोचा कि क्यों न वो खुद ही इन लड़कों से बात करें।
यही सोचकर एक दिन सरबजीत सिंह ने इन तीनों आरोपियों को बुलाया और बड़े प्यार से उन्हें समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, "देखो भाइयों, तुम लोग जो ये लूटपाट और चोरी कर रहे हो, इससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
लोग परेशान हैं, डर के साए में जी रहे हैं। ये सब अच्छी बात नहीं है।
अपनी ये आदतें सुधार लो, कुछ अच्छा काम करो, ताकि गांव वाले भी चैन की सांस ले सकें।"
नसीहत दी तो रंजिश ठान ली
सरबजीत सिंह की ये बात सुनकर किसी को उम्मीद थी कि शायद वो शर्मिंदा होंगे या अपनी गलती मानेंगे, लेकिन हुआ ठीक उलटा। उनकी नसीहत इन बदमाशों को इतनी बुरी लगी कि वे एकदम भड़क गए।
उन्हें लगा कि एक आम आदमी उन्हें कैसे सुधारने की हिम्मत कर सकता है? ये बात उनके अहंकार पर चोट कर गई और उन्होंने उसी वक्त सरबजीत सिंह से रंजिश पाल ली। उस दिन तो उन्होंने कुछ नहीं किया, लेकिन उनके मन में सरबजीत सिंह के प्रति गुस्सा और बदला लेने की भावना घर कर गई थी।
अब वो बस सही मौके की तलाश में थे।
सरबजीत सिंह को शायद अंदाज़ा नहीं था कि उनकी भलाई की ये कोशिश उन पर ही भारी पड़ जाएगी। वो तो समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहते थे, लेकिन इन बदमाशों ने उनकी इस पहल को अपनी तौहीन समझ लिया।
कुछ दिन ऐसे ही बीत गए, लेकिन बदमाशों के मन में बदले की आग ठंडी नहीं हुई थी। वो लगातार सरबजीत सिंह पर नज़र रखे हुए थे, और जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने अपने नापाक इरादों को अंजाम दे डाला।
फौजी बाबे दी जगह के पास हमला
आखिरकार, वो दिन आ ही गया। 23 जून का दिन था।
सरबजीत सिंह अपने किसी काम से गांव ढोलणवाल में 'फौजी बाबे दी जगह' के पास से गुजर रहे थे। यह जगह गांव के लोगों के लिए जानी-पहचानी थी।
सरबजीत सिंह शायद आराम से अपनी धुन में जा रहे थे, उन्हें जरा भी अंदाज़ा नहीं था कि आगे क्या होने वाला है। तभी अचानक, गुलाब सिंह उर्फ गुलाबा, जंगा और बिल्ला, तीनों एक साथ उनके सामने आ गए।
उन्होंने तुरंत सरबजीत सिंह का रास्ता रोक लिया और उन्हें घेर लिया।
इससे पहले कि सरबजीत सिंह कुछ समझ पाते या कुछ बोल पाते, तीनों बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने सरबजीत सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट की।
उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। यह हमला इतना अचानक और बेरहमी से किया गया कि सरबजीत सिंह खुद का बचाव भी ठीक से नहीं कर पाए।
बदमाशों ने उन्हें तब तक पीटा, जब तक वे लगभग अधमरी हालत में न पहुंच गए। इसके बाद, जब उन्हें लगा कि उन्होंने अपना बदला ले लिया है, तो वे वहां से फरार होने लगे।
भागते हुए भी उन्होंने सरबजीत सिंह को जान से मारने की धमकियां दीं, ताकि वे दोबारा उन्हें टोकने या समझाने की हिम्मत न कर सकें। यह घटना गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई और लोग एक बार फिर इन बदमाशों की हरकतों से दहशत में आ गए।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपियों की तलाश जारी
इस गंभीर वारदात की जानकारी मिलते ही कूमकलां थाने की पुलिस हरकत में आई। सरबजीत सिंह की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तीनों आरोपियों – गुलाब सिंह उर्फ गुलाबा, जंगा और बिल्ला – के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये धाराएं 126(2), 118(1), 351(2), और 3(5) हैं, जो इस तरह के गंभीर अपराधों से संबंधित हैं।
पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच ASI गुरमीत सिंह को सौंपी है। ASI गुरमीत सिंह और उनकी टीम ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है और इन बदमाशों को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश कर रही है। गांव वाले और सरबजीत सिंह के परिवार के लोग भी पुलिस से जल्द से जल्द न्याय की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इस तरह की गुंडागर्दी पर लगाम लग सके और समाज में शांति और सुरक्षा का माहौल दोबारा बहाल हो सके।
पुलिस का कहना है कि आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे और कानून उन्हें उनके किए की सजा ज़रूर देगा।


