लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में एक ऐसी वारदात हुई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक प्रिंसिपल साहब को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया है। घर में घुसकर गर्दन काटी गई और फिर हमलावर फरार हो गए। पुलिस अभी तक इस मामले में अलग-अलग मोर्चों पर जांच कर रही है, लेकिन अब उसकी सारी उम्मीदें मोबाइल फोन और ‘डंप डेटा’ पर टिकी हुई हैं। आज कुलदीप के शव का पोस्टमार्टम होना है, जिससे हत्या के कई और राज खुलने की उम्मीद है।
यह घटना सिर्फ एक कत्ल नहीं, बल्कि एक उलझी हुई पहेली है, जिसे सुलझाने में पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। शुरुआती जानकारी मिली है कि घर में दो लोग घुसे थे, जिन्होंने पहले प्रिंसिपल और उनके बेटे को बंधक बनाया, फिर उनके साथ मारपीट की और आखिरकार प्रिंसिपल साहब को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया।
पुलिस ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं, जिनकी गहराई से जांच की जा रही है।
पुलिस अब इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए प्रिंसिपल कुलदीप, उनके बेटे और कुछ अन्य संदिग्धों के कॉल डिटेल खंगाल रही है। सिर्फ यही नहीं, सूत्रों की मानें तो घटना वाली रात से ठीक पहले के डंप डेटा को भी उठाया जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि वारदात के समय कितने मोबाइल फोन घटनास्थल के आसपास एक्टिव थे।
इन नंबरों में से कुछ की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश भी की जा रही है, जो जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है।
पुलिस की जांच का दायरा और संदिग्ध
जांच अधिकारियों के हाथ 4 से 5 मोबाइल नंबरों की एक सूची लगी है, जिन पर बारीकी से काम किया जा रहा है। अब तक की जांच में पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड के पीछे किसी ‘अपने’ का हाथ हो सकता है।
यानी हत्यारे घर के जानकार या करीबी भी हो सकते हैं। मृतक कुलदीप का बेटा युवी इस घटना के बाद से ही गहरे सदमे में है और गुमसुम है।
उसके बयान और मानसिक स्थिति को समझते हुए पुलिस उससे संवेदनशीलता से पूछताछ कर रही है।
युवी ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि रविवार देर रात दो अनजान लोग उनके घर में घुस आए थे। उन्होंने पहले युवी और उसके पिता कुलदीप को बंधक बना लिया।
इसके बाद आरोपियों ने उन दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें अर्धनग्न कर दिया। युवी का आरोप है कि हमलावरों ने उनके पिता पर धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल का मुआयना और सुराग
पुलिस को मृतक कुलदीप के शरीर पर धारदार हथियार के कई निशान मिले हैं, खासकर उनकी गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें थीं, जो किसी नुकीली चीज से हमला किए जाने की तरफ इशारा करती हैं। मृतक कुलदीप की उम्र 50 साल थी और वह अपने घर में ही 'धालीवाल स्कूल' नाम से एक शिक्षण संस्थान चलाते थे, जहां 8वीं कक्षा तक की पढ़ाई करवाई जाती थी।
यह घटना रविवार देर रात लुधियाना के गांव जंडियाली में हुई। सूचना मिलते ही थाना जमालपुर की पुलिस और सीआईए स्टाफ की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी।
युवी ने जैसे ही शोर मचाया, आस-पास के पड़ोसी मौके पर पहुंच गए और उन्होंने तत्काल पुलिस को खबर दी। पुलिस के पहुंचने तक हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य पहलू
घटना के समय प्रिंसिपल कुलदीप की पत्नी वकालत की परीक्षा देने के लिए भोपाल गई हुई थीं। कुलदीप अपने बेटे युवी और पत्नी के साथ रहते थे।
पुलिस ने मृतक कुलदीप के भाई के बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। वारदात के बाद युवी ने बाहर आकर जोर-जोर से शोर मचाया था कि “मेरे पापा को मार दिया।
”
घटनास्थल पर शुरुआती जांच में लूटपाट का कोई संकेत नहीं मिला है। मृतक कुलदीप घर के फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे और बताया जा रहा है कि वह अर्धनग्न अवस्था में सो रहे थे।
पुलिस को आशंका है कि हत्या के बाद उन्हें किसी तिरपाल में लपेटकर नीचे लाया गया होगा। घर के बाहर एक स्कूटी खड़ी थी, जिसकी लाइट ऑन थी, और एक कार भी वहीं मौजूद थी।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंसिपल कुलदीप का उनकी पहली पत्नी से तलाक हो गया था और उन्होंने दूसरी शादी की थी। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी है, जिसे उनके भाई ने गोद ले रखा है।
पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों का कोई सुराग मिल सके। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस हर छोटे से छोटे पहलू पर गौर कर रही है, ताकि हत्यारों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में खड़ा किया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल की गहन जांच के बाद ही इस हत्या के पीछे का असली मकसद और अपराधी बेनकाब हो पाएंगे।

