लुधियाना: पंजाब के लुधियाना से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने रिश्तों और भरोसे को तार-तार कर दिया है। जहां घर को सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, वहीं एक नाबालिग लड़की को अपने ही पड़ोसी की दरिंदगी का शिकार होना पड़ा। जिस वक्त माता-पिता घर से बाहर काम पर गए थे, उसी दौरान एक दरिंदे पड़ोसी ने 17 साल की बच्ची को हवस का शिकार बनाया। यह वारदात धांधरा रोड इलाके की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जब पीड़िता ने हिम्मत कर अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई और उन्होंने आरोपी से शिकायत करने की सोची, तो उन्हें इंसाफ की जगह ईंट-पत्थरों का जवाब मिला।
आरोपी सोनू कुमार ने अपने गुनाह को कबूल करने के बजाय पीड़िता के परिवार पर ही हमला बोल दिया, जिसमें उसकी दूसरी बहन बुरी तरह घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुटी है।
कैसे हुआ घिनौना कांड?
पीड़िता के पिता ने सदर पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी 17 वर्षीय बेटी के साथ यह घिनौनी वारदात 29, 30 और 31 मई को हुई। परिवार मेहनत-मजदूरी कर अपना गुजारा करता है और हर दिन की तरह उस दिन भी माता-पिता काम के सिलसिले में घर से बाहर गए हुए थे।
घर में उनकी नाबालिग बेटी अकेली थी। पड़ोसी सोनू कुमार ने इसी अकेलेपन का फायदा उठाया।
उसने डरा-धमकाकर लगातार तीन दिनों तक बच्ची के साथ संबंध बनाए। बच्ची इतनी डरी हुई थी कि शुरुआत में उसने किसी को कुछ नहीं बताया।
उसके मन में न जाने कितने सवाल और डर पनप रहे होंगे कि कहीं उसके परिवार को कोई नुकसान न पहुंचे, या कहीं समाज उसे गलत नजर से न देखे।
लेकिन कहते हैं ना, गुनाह ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता। लगातार तीन दिन तक हुई इस वहशियाना हरकत का असर बच्ची की सेहत पर पड़ने लगा।
उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिससे माता-पिता की चिंता बढ़ गई। जब उन्होंने अपनी बेटी से प्यार और भरोसे के साथ बात की, तो बच्ची ने आखिरकार हिम्मत जुटाई और अपने साथ हुई दरिंदगी की पूरी कहानी उन्हें बताई।
बेटी की आपबीती सुनकर माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। उनके सामने उनकी बेटी का दर्द और एक पड़ोसी का घिनौना चेहरा दोनों आ गए।
इंसाफ मांगने गए, तो मिली ईंट-पत्थर की चोट
अपनी बेटी के साथ हुए इस जघन्य अपराध का पता चलने पर पीड़ित माता-पिता ने ठान लिया कि वे इस दरिंदे को सबक सिखाएंगे। वे इंसाफ की आस में आरोपी सोनू कुमार के घर पहुंचे।
उन्हें लगा था कि शायद आरोपी अपनी गलती मान लेगा या कम से कम अपनी करनी पर शर्मिंदा होगा। लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
सोनू कुमार ने गलती मानने और माफी मांगने की बजाय, उल्टा पीड़ित परिवार पर ही हमला बोल दिया। उसने अंधाधुंध ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
इस अचानक हुए हमले में पीड़ित परिवार के सदस्य खुद को बचा भी नहीं पाए। पथराव में पीड़िता की दूसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह हमला सिर्फ शारीरिक नहीं था, बल्कि यह परिवार की न्याय की उम्मीदों पर भी एक बड़ा प्रहार था।
अपनी बेटी के लिए इंसाफ मांगने गए परिवार को खुद ही अस्पताल पहुंचना पड़ा। यह घटना दिखाती है कि कैसे कुछ लोग अपराध करने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते और उल्टा पीड़ित परिवार को ही डराने-धमकाने और उन पर हमला करने से भी पीछे नहीं हटते।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया मामला
इस पूरी घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पीड़ित पिता के बयानों के आधार पर आरोपी सोनू कुमार के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(2) (आपराधिक धमकी) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4 व 6 के तहत केस दर्ज किया गया है। पॉक्सो एक्ट नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में लगाया जाता है, जो यह सुनिश्चित करता है कि ऐसे मामलों में कड़ी से कड़ी सजा मिले।
पुलिस का कहना है कि आरोपी सोनू कुमार घटना के बाद से ही फरार है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसे उसके किए की सजा भुगतनी पड़ेगी। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दिखाता है कि हमें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए और भी ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
उम्मीद है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपी को पकड़कर न्याय दिलाएगी।




































