भभुआ: बिहार के कैमूर जिले का भभुआ शहर, जहां एक किराए के मकान में पति-पत्नी अपनी ज़िंदगी की गाड़ी खींच रहे थे। दिन हमेशा की तरह चल रहा था, जब घर में अकेली मौजूद एक महिला के साथ वो हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। दोपहर का वक्त रहा होगा, जब घर का दरवाजा खटखटाया गया या शायद खुला ही रह गया। अचानक एक अजनबी शख्स उस कमरे में घुस आया, जहां वो महिला अकेली थी। उसने आते ही महिला को काबू करने की कोशिश की और सीधे दुष्कर्म के प्रयास में जुट गया। यह घटना बताती है कि कैसे कुछ पल में एक सामान्य दिन भयावह सपने में बदल सकता है।
महिला इस अचानक हमले से बुरी तरह सहम गई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी पूरी ताकत लगाकर आरोपी का विरोध करना शुरू किया।
इस दौरान आरोपी ने उसे बेरहमी से पीटा, उसके साथ छेड़छाड़ की, लेकिन महिला ने हार नहीं मानी। उसने अपनी जान बचाने के लिए पूरी ताकत से चिल्लाना शुरू कर दिया।
उसकी चीख-पुकार आसपास के घरों तक पहुंची, जिसने पूरे मोहल्ले को अलर्ट कर दिया। यह सिर्फ एक महिला की चीख नहीं थी, बल्कि अपनी अस्मत और जिंदगी बचाने की आखिरी कोशिश थी, जो रंग लाई।
वारदात का पूरा ब्यौरा: एक भयावह दोपहर
जिस वक्त ये वारदात हुई, महिला का पति घर पर नहीं था। वो अपनी रोजी-रोटी के लिए बाहर गया हुआ था।
महिला अपने किराए के कमरे में अकेली थी, शायद घर के काम निपटा रही होगी या थोड़ा आराम कर रही होगी। तभी अचानक एक अनजान युवक ने कमरे में जबरन घुसपैठ की।
उसका इरादा साफ था – महिला की इज़्ज़त लूटना। आरोपी ने महिला को अकेला देखकर सोचा होगा कि उसका रास्ता साफ है, लेकिन महिला ने अपनी हिम्मत और सूझबूझ से उसे गलत साबित कर दिया।
उसने हमलावर से लोहा लिया, अपनी पूरी ताकत से उसे दूर धकेलने की कोशिश की, और इस संघर्ष में उसे कई चोटें भी आईं। मारपीट के दौरान भी महिला लगातार मदद के लिए चीखती रही, जिसकी आवाज़ पड़ोसियों तक पहुंचने लगी।
यह संघर्ष कुछ मिनटों तक चला होगा, लेकिन महिला के लिए यह सदियों जैसा था। हर पल उसे अपनी जान और इज़्ज़त दांव पर लगी दिख रही थी।
बाइक छोड़ भागा हमलावर
महिला की चीख-पुकार जब आसपास के घरों तक पहुंची, तो सबसे पहले उसके पति ने सुनी। वो शायद पास ही कहीं थे और तुरंत दौड़कर अपने घर की तरफ भागे।
पति के पीछे-पीछे मोहल्ले के अन्य लोग भी जमा होने लगे। हर कोई यह जानने को उत्सुक था कि आखिर क्या हुआ है।
भीड़ को अपनी तरफ आता देख आरोपी घबरा गया। उसे लगा कि अब वो पकड़ा जाएगा।
अपनी पहचान उजागर होने और भीड़ के हाथों पिटने के डर से उसने मौके से भागने की कोशिश की। हड़बड़ी में वो अपनी बाइक (नंबर BR 45 C-1325) वहीं छोड़कर अंधेरे या गलियों का फायदा उठाकर फरार हो गया।
आरोपी की यह जल्दबाजी ही उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई, क्योंकि उसने अपनी पहचान का सबसे अहम सुराग मौके पर ही छोड़ दिया था।
पुलिस ने दर्ज की FIR; तलाश जारी
वारदात के बाद पीड़ित महिला और उसके पति गहरे सदमे में थे। महिला की हालत बेहद खराब थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत जुटाई और तुरंत स्थानीय पुलिस थाने पहुंचे।
वहां उन्होंने पूरी आपबीती सुनाई और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू की।
अपर थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।
बाइक नंबर एक महत्वपूर्ण सुराग है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुट गई हैं और जल्द से जल्द उसे पकड़ने का आश्वासन दिया गया है, ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिल सके और ऐसे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिला सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब कानून व्यवस्था को पुख्ता करके ही दिया जा सकता है।

