कैमूर: बिहार के कैमूर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली सी बात, खाना बनाने में देरी, देखते ही देखते पति-पत्नी के बीच इतनी बड़ी खाई बन गई कि पति ने गुस्से में अपनी पत्नी को गोली मार दी। इतना ही नहीं, अपनी पत्नी की जान लेने के बाद उसने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या की कोशिश की, जिससे वो अब मौत और जिंदगी के बीच झूल रहा है।
मामला कैमूर के भगवानपुर थाना क्षेत्र के सोनहर गांव का है। यहां रीता देवी (36) और जय हिंद सिंह की शादी को पंद्रह साल हो चुके थे।
कहने को तो ये एक लंबा रिश्ता था, लेकिन पिछले करीब डेढ़ साल से दोनों के बीच रिश्ते में खटास और कलह बढ़ती जा रही थी। घर में अक्सर छोटे-मोटे झगड़े होते रहते थे, लेकिन किसी ने सोचा न था कि ये झगड़े कभी इतनी खूनी शक्ल ले लेंगे।
मंगलवार की सुबह भी कुछ ऐसी ही मामूली सी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। रीता देवी को कहीं बाहर काम पर जाना था, इसलिए खाना बनाने में थोड़ी देर हो रही थी।
बस यही बात पति जय हिंद सिंह को नागवार गुज़री। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि जय हिंद सिंह ने तैश में आकर अपनी लाइसेंसी पिस्टल उठाई और अपनी पत्नी रीता देवी पर दो गोलियां दाग दीं।
रीता को गोली लगने के बाद वो मौके पर ही गिर पड़ी और उसकी वहीं मौत हो गई। खून से लथपथ रीता की लाश घर के आंगन में पड़ी थी, और घर में मातम छा गया।
बेटे ने सुनाई खूनी सुबह की आपबीती
इस खौफनाक मंजर को जिसने अपनी आंखों से देखा, वो कोई और नहीं बल्कि रीता देवी और जय हिंद सिंह का बेटा अजीत कुमार था। अजीत ने जो बताया, वो दिल दहला देने वाला है।
उसने बताया कि, 'सुबह मां और पापा के बीच खाना बनाने को लेकर हल्की-फुल्की बहस हो रही थी। मां को बाहर जाना था और खाने में देरी हो रही थी, बस इसी बात से पापा नाराज़ हो गए।
' अजीत की आवाज़ में डर और सदमा साफ झलक रहा था।
अजीत ने आगे बताया, 'देखते ही देखते ये बात इतनी बढ़ गई कि पापा ने मां पर दो गोलियां चला दीं। मां वहीं ज़मीन पर गिर गईं और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई।
' इस घटना ने पूरे परिवार को अंदर तक हिला दिया। मां को ज़मीन पर बेजान पड़ा देखकर शायद जय हिंद सिंह को अपनी गलती का एहसास हुआ, या शायद उसे अपने किए पर पछतावा हुआ।
उसने वही पिस्टल उठाई जिससे उसने अपनी पत्नी की जान ली थी और इस बार उसने निशाना अपने सीने पर लगाया।
जय हिंद सिंह ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया। घर में गोलियों की आवाज़ और चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग दौड़े चले आए।
उन्होंने देखा कि रीता देवी का शव ज़मीन पर पड़ा है और जय हिंद सिंह भी खून से लथपथ है। आनन-फानन में घायल जय हिंद सिंह को सदर अस्पताल भभुआ ले जाया गया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत सोनहर गांव पहुंची। पुलिस ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया और सबसे पहले रीता देवी के शव को अपने कब्ज़े में लिया।
पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भभुआ भेजा। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असली वजह और समय का पता चल पाएगा।
घायल जय हिंद सिंह को भभुआ सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए वाराणसी के हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
फिलहाल वो डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी ज़िंदगी बचाने की जद्दोजहद जारी है।
पुलिस प्रशासन ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया कि घरेलू कलह इस वारदात की मुख्य वजह लग रही है, लेकिन वे किसी भी पहलू को नज़रअंदाज़ नहीं कर रहे हैं।
पुलिस अब इस मामले से जुड़े हर छोटे-बड़े तार को जोड़ने की कोशिश कर रही है। घटनास्थल से मिले सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जय हिंद सिंह के पास लाइसेंसी हथियार था तो उसका इस्तेमाल इस तरह क्यों किया गया और क्या हथियार का दुरुपयोग किया गया है। पूरी घटना की सच्चाई जानने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है, ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे की पूरी कहानी सामने आ सके और दोषियों को सज़ा मिल सके।

