मुंबई: बॉलीवुड में कई सितारे आए और गए, लेकिन एक शख्स ऐसा था जिसके सामने बड़े-बड़े सुपरस्टार्स की बोलती बंद हो जाती थी। बात हो रही है 'जानी' यानी राजकुमार की। वो अभिनेता जो अपनी अदाकारी से ज्यादा अपनी बेबाकी और रौबदार पर्सनैलिटी के लिए जाने जाते थे। एक ऐसा दौर था जब राजकुमार की फिल्म चले या न चले, वो अपनी फीस घटाने के बजाय बढ़ा देते थे। उनका मानना था कि फिल्म फ्लॉप हो सकती है, लेकिन उनका हुनर कभी फेल नहीं होता।
राजकुमार की हाजिरजवाबी ऐसी थी कि सामने वाला सोचता रह जाता था और वो अपना काम कर जाते थे। चाहे वो सलमान खान हों या रजनीकांत, हर कोई उनकी शख्सियत से प्रभावित भी था और थोड़ा सहमा हुआ भी।
उनके डायलॉग्स की गूंज आज भी सिनेमाघरों में सुनाई देती है। 'हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे, लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा'—ये महज डायलॉग नहीं, बल्कि राजकुमार के उस खौफ और रसूख की पहचान थे जो उन्होंने पर्दे और असल जिंदगी दोनों में कायम रखा था।
लेकिन इस रौबदार आवाज के पीछे एक ऐसा दर्द था जिसे उन्होंने दुनिया से छुपा कर रखा। गले के कैंसर ने उनकी उस आवाज को छीन लिया जिसने लाखों दिलों पर राज किया था।
1996 में जब उनका निधन हुआ, तो उन्होंने अपनी बीमारी को एक राज रखने की इच्छा जताई थी क्योंकि उनका मानना था कि मौत एक बेहद निजी मामला है। आज उनकी पुण्यतिथि पर उनके उन किस्सों को याद करना जरूरी है जो बताते हैं कि राजकुमार असल में कौन थे।
अमिताभ बच्चन के सूट को बताया पर्दा
60 के दशक में जब राजकुमार अपने करियर के चरम पर थे, तब उनकी चर्चा हर तरफ थी। लोग उनके अभिनय के दीवाने थे, लेकिन उनके बड़बोलेपन से थोड़ा डरते भी थे।
एक बार एक पार्टी में उनकी मुलाकात उस दौर के नए कलाकार अमिताभ बच्चन से हुई। अमिताभ ने एक शानदार विदेशी थ्री-पीस सूट पहना हुआ था।
राजकुमार उनके पास आए और बड़े प्यार से पूछा कि यह सूट कहां से सिलवाया है।
अमिताभ को लगा कि शायद राजकुमार उनके कपड़ों की तारीफ कर रहे हैं और वो खुशी-खुशी दर्जी का पता बताने ही वाले थे कि तभी राजकुमार ने एक ऐसा कमेंट किया जिसने अमिताभ को निरुत्तर कर दिया। उन्होंने सूट को ऊपर से नीचे तक देखा और बोले, "मुझे भी पर्दे सिलवाने हैं।
" इस तीखी टिप्पणी के बाद अमिताभ बच्चन के पास कहने को कुछ नहीं बचा और वो बस मुस्कुराकर वहां से खिसक लिए।
गोविंदा की शर्ट का बनाया रुमाल
राजकुमार का अंदाज़ हर किसी के साथ अलग था, लेकिन उनका बेबाकपन कभी कम नहीं हुआ। 1989 में फिल्म 'जंगबाज' के सेट पर उनकी मुलाकात गोविंदा से हुई।
एक दिन राजकुमार ने गोविंदा की शर्ट की तारीफ करते हुए कहा कि तुम्हारी शर्ट बहुत शानदार है। गोविंदा, जो उस समय करियर की शुरुआत कर रहे थे, अपने पसंदीदा सीनियर स्टार से तारीफ सुनकर गदगद हो गए।
उत्साह में आकर गोविंदा ने तुरंत अपनी शर्ट उतारकर राजकुमार को तोहफे में दे दी। गोविंदा को लगा कि राजकुमार उनकी दी हुई शर्ट पहनेंगे तो यह उनके लिए बहुत गर्व की बात होगी।
लेकिन दो दिन बाद जब उन्हें पता चला कि राजकुमार ने उस शर्ट को पहनना तो दूर, उसे काटकर रुमाल बना लिया है, तो गोविंदा का दिल टूट गया। यह दिलचस्प किस्सा डायरेक्टर मेहुल कुमार ने एक इंटरव्यू के दौरान साझा किया था।
बप्पी लाहिड़ी के गहनों पर लिया मज़ाक
राजकुमार का अंदाज सिर्फ एक्टर्स तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वो संगीतकारों और अन्य कलाकारों को भी अपने अंदाज में जवाब देते थे। जब बप्पी लाहिड़ी अपनी सोने की चेन और गहनों के लिए मशहूर थे, तब राजकुमार ने उनके गहनों को देखकर सरेआम उनका मजाक उड़ाया था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि भाई, इतने गहने पहन लिए हैं, अब बस मंगलसूत्र भी पहन लो।
राजकुमार की यही बेबाकी उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी। मिथुन चक्रवर्ती के बारे में भी उनका एक किस्सा मशहूर है, जब उन्होंने प्रोड्यूसर से कह दिया था कि "किस स्ट्रगलिंग एक्टर को उठा लाए हो?" उनकी यह अदा और बोलने का तरीका ही था कि लोग उनसे डरते भी थे और उनकी इज्जत भी करते थे।

