दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसका अंत बेहद दर्दनाक और रहस्यों से भरा है. एक 28 साल की शादीशुदा महिला अंजुम परवीन की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है. परिवारवालों का आरोप है कि उन्हें जबरन जहर पिलाकर मौत के घाट उतारा गया है, और इस मामले के तार उनके प्रेमी और उसके परिवार से जुड़ रहे हैं. ये सिर्फ एक मौत का मामला नहीं, बल्कि एक जटिल पारिवारिक रिश्ते और एक साल से चल रहे प्रेम प्रसंग की परतें खोलता है, जिसने पूरे गोबरसिट्ठा गांव को सकते में डाल दिया है.
ये वाकया हायाघाट थाना क्षेत्र के गोबरसिट्ठा गांव का है. अंजुम परवीन की शादी करीब दस साल पहले मो.
अनवर से हुई थी. उनके दो बच्चे भी थे, जिनकी दुनिया अब बिखर चुकी है.
कहानी में मोड़ तब आया जब अंजुम ने लगभग एक साल पहले अपने पति का घर छोड़कर मायके में रहना शुरू कर दिया. इसी दौरान उनकी मुलाकात गांव के ही मो.
चांद से हुई. धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, मुलाकातों का सिलसिला चला और यह रिश्ता एक प्रेम प्रसंग में बदल गया.
परिजनों के मुताबिक, अंजुम और चांद का यह रिश्ता गांव में किसी से छुपा नहीं था. कई बार उन्हें समझाया भी गया कि चांद से दूरी बनाए रखें, क्योंकि अंजुम शादीशुदा थीं और उनके बच्चे भी थे.
लेकिन, प्यार के इस जाल में दोनों इस कदर उलझे कि किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे. अब अंजुम की मौत के बाद सवालों का पहाड़ खड़ा हो गया है.
अंतिम मुलाकात और पिता के आरोप
मृतका अंजुम परवीन के पिता मो. इसराइल ने एक गंभीर आरोप लगाया है.
उनका कहना है कि मो. चांद उनकी बेटी को अपने घर बुलाकर ले गया था.
वहाँ पहले उसके साथ मारपीट की गई और फिर जबरन उसे जहर पिला दिया गया. इसराइल साहब का आरोप है कि यह पहली बार नहीं था, जब उन्होंने इस रिश्ते को लेकर चिंता जाहिर की हो.
उन्होंने बताया कि एक महीने पहले भी उन्होंने पुलिस को एक आवेदन दिया था, जिसमें अपनी बेटी और आरोपी चांद के बीच के संबंध की पूरी जानकारी दी गई थी. लेकिन, उनके मुताबिक उस समय इस मामले पर कोई खास कार्रवाई नहीं हुई, जिसका नतीजा अब अंजुम की मौत के रूप में सामने आया है.
अंजुम के भाई मो. कुल भी अपनी बहन की मौत को सामान्य मानने को तैयार नहीं हैं.
वे सीधे-सीधे मो. चांद पर इल्जाम लगाते हुए कहते हैं, "चांद ने मेरी बहन को जबरन जहर पिलाया है.
" कुल ने बताया कि जब अंजुम की तबीयत बिगड़ी, तो उन्हें तुरंत हायाघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. वहाँ हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) रेफर कर दिया गया, लेकिन शायद तब तक बहुत देर हो चुकी थी और गुरुवार को अंजुम ने दम तोड़ दिया.
मो. कुल ने ये भी बताया कि एक साल से दोनों की बातचीत चल रही थी और उन्होंने कई बार चांद को समझाया भी था कि वो अंजुम से दूर रहे, लेकिन वो नहीं माना.
अब अंजुम की मौत के बाद से आरोपी पक्ष के सभी लोग फरार बताए जा रहे हैं, जो शक की सुई को और गहरा करता है.
‘शादी के लिए दबाव और मां से मिलने की बात’
अंजुम के एक और भाई मो. आरजू ने भी इस कहानी की एक और परत खोली.
उन्होंने बताया कि चांद करीब एक साल से उनकी बहन से बात कर रहा था और बार-बार उस पर शादी करने का दबाव बना रहा था. आरजू ने भी चांद को समझाया था कि वो अंजुम से दूर रहे, क्योंकि वो शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं, लेकिन चांद टस से मस नहीं हुआ.
आरजू के मुताबिक, अंजुम ने उन्हें बताया था कि चांद उसे लगातार फोन करता है और शादी के लिए दबाव बनाता है. मो.
आरजू ने एक अहम जानकारी यह भी दी कि तीन दिन पहले अंजुम, चांद की मां से मिलने गई थी. अब सवाल ये है कि उस मुलाकात में क्या बात हुई थी और क्या उस मुलाकात का अंजुम की मौत से कोई संबंध है? ये सारे सवाल अब पुलिस की जांच के दायरे में हैं.
पति की पीड़ा: आंखों की रोशनी और पत्नी का साथ
इस पूरी दुखद कहानी में अंजुम के पति मो. अनवर की अपनी एक अलग ही पीड़ा है.
मो. अनवर को दिखाई नहीं देता है.
उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी करीब एक साल से उनके साथ नहीं रहती थी और अपने मायके में ही रह रही थी. मो.
अनवर की आंखों की रोशनी 2012 में चली गई थी. ऐसे में पत्नी का साथ छोड़ना और फिर उनकी संदिग्ध मौत, अनवर साहब के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं.
उनकी आँखों की रोशनी भले ही चली गई हो, लेकिन इस घटना ने उनके जीवन को और भी अंधकारमय कर दिया है.
पुलिस का बयान: आवेदन और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे मामले को लेकर हायाघाट थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार भारती ने बताया कि महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई. थानाध्यक्ष ने जानकारी दी कि अभी तक मृतका के परिवार की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है.
उन्होंने आश्वासन दिया कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है, जिससे मौत की असली वजह का खुलासा हो सके.
फिलहाल, पुलिस मामले की सच्चाई जानने के लिए जांच में जुटी है. पीड़ित पक्ष ने आरोपी मोहम्मद चांद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अंजुम के लिए न्याय की मांग की है.

