पटना: भैया! दिल्ली की हवा सिर्फ राजनीति में नहीं, अब पटना के स्वास्थ्य केंद्रों में भी बह रही है! जिस 'मोहल्ला क्लीनिक' मॉडल की चर्चा देश भर में हुई, उसी तर्ज पर अब अपने पटना को भी एक शानदार 'अर्बन हेल्थ सेंटर' की सौगात मिलने जा रही है। आज यानी बुधवार को पटना के दरियापुर भट्ठी में बने इस अत्याधुनिक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन होने वाला है।
ये कोई मामूली अस्पताल नहीं, बल्कि पटना का सबसे बड़ा और आधुनिक केंद्र बताया जा रहा है। इसका उद्घाटन बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा एक साथ करेंगे।
सोचिए, एक छत के नीचे सामान्य बीमारियों का मुफ्त इलाज, गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, और यहां तक कि एंटी-रेबीज वैक्सीन भी – सब कुछ फ्री! अब न प्राइवेट डॉक्टर की महंगी फीस की टेंशन, न दूर भागने की जहमत।
क्या कुछ मिलेगा इस नए हेल्थ सेंटर में?
दरियापुर भट्ठी: जहां दशकों के अतिक्रमण से मिली मुक्ति और बनी स्वास्थ्य की नई इमारत
बात सिर्फ इलाज की नहीं, इस केंद्र के बनने की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है। वार्ड संख्या 38 के दरियापुर भट्ठी रोड पर दशकों से कुछ जमीन पर अवैध कब्जा था।
मतलब, सरकारी जमीन, लेकिन लोग उसे अपना समझकर बैठे थे। पटना नगर निगम ने आखिरकार इस चार कट्ठा जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।
और फिर जो हुआ, वो एक मिसाल बन गया। बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत आने वाली BMSICL (बिहार मेडिकल सर्विसेज़ एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) ने 1.
16 करोड़ रुपये खर्च करके इस शानदार भवन को तैयार किया है।
तो अब अतिक्रमण की जगह पर खड़ा है स्वास्थ्य का ये मंदिर! इस नए अर्बन हेल्थ सेंटर में आपको मिलेंगी कुल 12 कमरे, 6 साफ-सुथरे शौचालय और एक बड़ा सा हॉल। सबसे बड़ी बात, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए यहां 6 बेड की व्यवस्था भी की गई है।
मतलब, अगर कभी कोई इमरजेंसी हो जाए, तो तुरंत राहत मिल सकेगी।
ये सेंटर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां अभी उपचुनाव होना है। ऐसे में इस क्षेत्र के डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों के लिए ये एक बड़ी राहत साबित होगा।
स्थानीय लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है।
सिर्फ आज नहीं, भविष्य की भी तैयारी
इस केंद्र में अभी तो बहुत कुछ शुरू हुआ है, लेकिन आगे की योजनाएं और भी बड़ी हैं। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही यहां पॉली क्लिनिक की सुविधा भी शुरू होगी, जिसमें एक ही छत के नीचे कई तरह के विशेषज्ञ डॉक्टर बैठेंगे।
इसके साथ ही, हाई-टेक अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी बहाल की जाएगी, ताकि गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों को जांच के लिए बाहर न भटकना पड़े।
सिर्फ इतना ही नहीं, आंखों की जांच के लिए आधुनिक मशीनें, और अगर आपको किसी और अस्पताल जाना पड़े, तो उसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी होगी। भविष्य में फिजियोथेरेपी विंग भी शुरू करने की योजना है।
मतलब, एक बार ये सेंटर पूरी तरह से ऑपरेशनल हो गया, तो इलाज के लिए पूरी सुविधाओं से लैस होगा।
कौन चलाएगा ये सब? डॉक्टरों और स्टाफ की हुई नियुक्ति
इतनी बड़ी और आधुनिक सुविधा को चलाने के लिए काबिल लोगों की भी तो जरूरत है! राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत इस केंद्र के संचालन के लिए दो डॉक्टर, डॉ. केएम अंशिका और डॉ.
निवेश कुमार, की नियुक्ति हो चुकी है। इनके साथ नर्स और अन्य जरूरी स्टाफ भी नियुक्त किए गए हैं, जो मरीजों की देखभाल करेंगे।
अब ये मत सोचिएगा कि ये सिर्फ वार्ड 38 वालों के लिए है। नहीं, जनाब! इसके आसपास के वार्ड 37, 39, 40 और 42 के लोग भी यहां आकर अपना इलाज करवा सकेंगे।
यानी एक सेंटर, और हजारों लोगों का फायदा!
पटना के स्वास्थ्य ढांचे में एक नई किरण
बिहार में अभी करीब 148 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं। इनमें से 33 तो अकेले पटना में ही हैं।
लेकिन सच्चाई ये है कि इनमें से ज़्यादातर केंद्र एक-दो कमरों वाले किराए के भवनों में चल रहे हैं। सरकारी भवनों में चलने वाले केंद्रों की संख्या सिर्फ नौ है।
ऐसे में वार्ड 38 में बना ये नया केंद्र, जिसे पूरी प्लानिंग के साथ तैयार किया गया है, एक ताज़ी हवा के झोंके जैसा है। ये दिखाता है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को भी बेहतर और आधुनिक बनाया जा सकता है।
एक और कदम: नंद नगर का 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर'
सिर्फ दरियापुर भट्ठी ही नहीं, पटना में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम कई मोर्चों पर चल रहा है। वार्ड संख्या 48 के पार्षद डॉ.
इंद्रदीप चंद्रवंशी ने बताया कि नंद नगर कॉलोनी में भी एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' के रूप में विकसित किया गया है।
पार्षद महोदय के मुताबिक, इस केंद्र के चालू होने से नंद नगर और नयागांव जैसी स्लम बस्तियों में रहने वाली करीब 10 हजार गरीब आबादी को सीधा फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर, इस केंद्र से एक लाख से ज़्यादा लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुसल्लहपुर और सैदपुर जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, और अब उन्हें भी मौसमी और सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए महंगे निजी डॉक्टरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
तो भैया, पटना में स्वास्थ्य सेवा का नया अध्याय लिखा जा रहा है। उम्मीद है कि ये पहल लोगों के जीवन में स्वस्थ और खुशहाल बदलाव लाएगी।

