पटना: बिहार की राजधानी पटना से सटे दनियावां बाजार में एक ऐसी वारदात हुई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। देर रात चोरों ने एक मोबाइल शोरूम को निशाना बनाया और गैस कटर से लोहे के शटर और ग्रिल को चीरते हुए भीतर दाखिल हो गए। नतीजा? दुकान के मालिक जब सुबह पहुंचे, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। करीब 40 लाख रुपये का सामान, जिसमें नगदी, महंगे आईफोन, लैपटॉप और टीवी तक शामिल थे, चोर अपने साथ ले उड़े। अब सवाल यही है कि क्या पटना में चोरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं बचा?
यह घटना दनियावां थाना क्षेत्र के दनियावां बाजार में हुई, वो भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ठीक पीछे गैलेक्सी टावर में बने 'नेहा मोबाइल कॉर्नर' में। दुकान के मालिक सुरेंद्र कुमार ने बताया कि वो हर दिन की तरह सोमवार रात करीब 11 बजे अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे।
लेकिन रात के अंधेरे में, करीब 1 बजे के बाद, 4 से 5 शातिर चोरों की टोली ने पूरी तैयारी के साथ धावा बोल दिया। उनके पास गैस कटर जैसा अत्याधुनिक औजार था, जिससे उन्होंने देखते ही देखते दुकान का मजबूत शटर और लोहे की ग्रिल काटकर एक बड़ा छेद बना दिया।
चोरी का तरीका और सामान का नुकसान
चोर इतने प्रोफेशनल थे कि उन्होंने बिना किसी आहट के अपना काम अंजाम दिया। गैस कटर से ग्रिल काटना कोई आसान काम नहीं होता, लेकिन उन्होंने इसे बखूबी अंजाम दिया।
अंदर घुसते ही चोरों ने सबसे पहले दुकान के तिजोरी को खंगाला, जिसमें करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की नकदी रखी हुई थी। इसके बाद उन्होंने शोरूम और गोदाम में रखे एक-एक कीमती सामान पर हाथ साफ किया।
चोरी हुए सामानों में लेटेस्ट मॉडल के आईफोन, वीवो के महंगे स्मार्टफोन, 10 पीस एचपी कंपनी के लैपटॉप, कई टीवी और यहां तक कि बैटरियां भी शामिल थीं। जब इन सारे सामानों का अनुमान लगाया गया, तो उनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह किसी भी छोटे या मध्यम व्यापारी के लिए एक बहुत बड़ा झटका है।
सुबह हुआ वारदात का खुलासा और पुलिस का पहुंचना
मंगलवार की सुबह जब एक परिचित ने सुरेंद्र कुमार को फोन कर बताया कि उनकी दुकान का शटर कटा हुआ है, तो सुरेंद्र कुमार के होश उड़ गए। वो तुरंत दुकान पर पहुंचे और जो मंजर उन्होंने देखा, उससे उनका दिल बैठ गया।
शटर कटा हुआ था और अंदर पूरा सामान बिखरा पड़ा था। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी नंबर 112 पर फोन करके पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उनकी मौजूदगी में दुकान को खोला गया। अंदर का हाल देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।
तिजोरी खाली थी और महंगे फोन, लैपटॉप, टीवी गायब थे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच का मोर्चा
वारदात की गंभीरता को देखते हुए फतुहा के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर माया कुमारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और जांच के निर्देश दिए।
इस बड़े मामले में साक्ष्य जुटाने के लिए पटना से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए, जिनकी जांच से चोरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया, जिसने आसपास के इलाकों में चोरों के संभावित रास्ते और ठिकानों का पता लगाने की कोशिश की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान
एसडीपीओ संजीव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। उन्हें उम्मीद है कि इन फुटेज से चोरों की पहचान और उनके भागने का रास्ता पता चल पाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि शुरुआती तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूत्रों से उन्हें पता चला है कि इस चोरी में 4 से 5 चोर शामिल थे। पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं और वे लगातार छापेमारी कर रही हैं।
एसडीपीओ ने विश्वास दिलाया कि पुलिस जल्द ही सभी अपराधियों को गिरफ्तार कर लेगी और चोरी हुआ शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया जाएगा। यह घटना एक बार फिर पटना में सुरक्षा व्यवस्था और रात में गश्त की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
दुकान मालिक और स्थानीय लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चोरों की जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद लगाए बैठे हैं।




































