जमुई: बिहार के जमुई जिले में एक शादी वाले घर में उस वक्त मातम पसर गया, जब खुशियों से गुलजार आंगन अचानक खून और चीख-पुकार से भर उठा। घटना रविवार रात की है, जब झाझा थाना क्षेत्र के दादपुर गांव में एक परिवार अपनी बेटी की शादी की तैयारियों में डूबा था। शादी 1 जुलाई को होनी थी, लेकिन इससे पहले ही 10 से 15 नकाबपोश बदमाशों ने घर में धावा बोल दिया। उनके हाथों में तलवारें थीं, धारदार हथियार थे और साथ ही पिस्टल भी। जो भी सामने आया, उस पर तलवार से वार किया गया और गहने लूटने की कोशिश में फायरिंग भी हुई। इस खूनी खेल में परिवार की एक महिला, बेबी देवी (35), को गोली लगने से मौत हो गई, जबकि दुल्हन की मां सहित 6 लोग घायल हो गए।
हमलावर अचानक रात के अंधेरे में घुसे और घर में कहर बरपाना शुरू कर दिया। ये हमला इतना भयावह था कि पूरे परिवार की रूह कांप उठी।
दुल्हन की मां सुहागा देवी को भी पैर में गोली लगी है। गंभीर रूप से घायल हुए अन्य लोगों में काजल कुमारी, कोमल कुमारी और सुबोध कुमार शामिल हैं।
घायलों को पहले झाझा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेबी देवी, सुहागा देवी, काजल कुमारी, कोमल कुमारी और सुबोध कुमार को जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन अफसोस, बेबी देवी की जान नहीं बचाई जा सकी।
शादी की खुशियों पर जमीन विवाद का ग्रहण
इस पूरे मामले की जड़ में जो सच्चाई सामने आई, वो और भी चौंकाने वाली है। दुल्हन काजल कुमारी के चाचा उमेश यादव ने बताया कि 1 जुलाई को उनके छोटे भाई दिनेश की बेटी की शादी थी।
रविवार की रात पूरा परिवार छत पर सोया हुआ था। अचानक उनके बड़े भाई वासुदेव यादव ने घर का दरवाजा खोला और उनके साथ 15 नकाबपोश बदमाश घर के अंदर घुस गए।
यह बात किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती, जहां परिवार का ही सदस्य दुश्मनों के लिए घर का दरवाजा खोल दे।
दुल्हन काजल कुमारी ने खुद इस दिल दहला देने वाली वारदात की कहानी सुनाई। उसने बताया कि जब उसकी चाची और मां ने बदमाशों को गहने लूटने से रोका, तो अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इसी गोलीबारी में उसकी चाची बेबी देवी की मौके पर ही मौत हो गई और मां सुहागा देवी के पैर में गोली लग गई। गोली चलने और चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के ग्रामीण और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी बदमाश अपनी बाइक से फरार हो चुके थे।
आरोप बड़े चाचा पर, पुलिस की जांच जारी
शुरुआत में यह लूटपाट का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे परतें उधड़ीं, एक और भयावह सच सामने आया। दुल्हन के एक और चाचा, दिनेश यादव ने सीधे-सीधे अपने बड़े भाई वासुदेव यादव पर हमले का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि यह हमला जमीन बंटवारे के विवाद को लेकर करवाया गया है। परिवारजनों ने वासुदेव यादव, सुभाष यादव और मनोज यादव समेत कई अन्य लोगों को पहचान लिया है, जो इस वारदात में शामिल थे।
परिजनों के मुताबिक, वासुदेव यादव वैसे तो उनके घर से दूर योगियाटीला गांव में रहते हैं, लेकिन इस घटना को अंजाम देने के लिए वो अपने साथियों के साथ पिछले पांच दिन से यहीं रह रहे थे, ताकि मौका मिलते ही अपनी साजिश को अंजाम दे सकें।
इस खौफनाक वारदात की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। बाद में झाझा थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची।
सब-इंस्पेक्टर (SI) दीपक कुमार ने अस्पताल जाकर घायलों और उनके परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इस घटना ने एक बार फिर रिश्तों में पनपते लालच और विवाद के गंभीर परिणामों को उजागर कर दिया है। एक शादी वाले घर में खुशियों की जगह मौत और मातम ने ले ली, और इसकी वजह कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि परिवार का ही एक सदस्य निकला।
पुलिस अब मामले की तह तक जाने और दोषियों को सजा दिलाने में जुटी है।

