जमुई: मंगलवार की सुबह किऊल-झाझा रेलखंड पर सफर कर रहे यात्रियों के लिए थोड़ी परेशानी वाली रही। मननपुर और जमुई स्टेशन के बीच अचानक ओवरहेड तार में कुछ ऐसी तकनीकी खराबी आई कि पटना से हावड़ा जाने वाली अपनी सुपरफास्ट वंदे भारत एक्सप्रेस समेत दो ट्रेनें घंटों लेट हो गईं। सोचिए, जो लोग अपनी सुबह की चाय की चुस्कियां लेकर मंजिल की ओर दौड़ने वाले थे, उन्हें अचानक बीच रास्ते में ब्रेक लग गया। पूरे रेल परिचालन पर ब्रेक लग गया और यात्रियों को धूप में, स्टेशन पर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
ये कोई मामूली बात नहीं थी, क्योंकि इस रेलखंड से रोज हजारों यात्री गुजरते हैं और यह बिहार के महत्वपूर्ण रेलमार्गों में से एक है। सुबह-सुबह, जब लोग अपने दफ्तरों, कामों या जरूरी मुलाकातों के लिए निकल रहे होते हैं, तब इस तरह की तकनीकी दिक्कत पूरे दिन की योजना पर पानी फेर देती है।
जिन ट्रेनों को समय पर चलना चाहिए था, वो अपनी जगह खड़ी हो गईं और यात्रियों की परेशानी बढ़ती चली गई।
किऊल-झाझा रेलखंड पर कैसे बिगड़ गई बात?
दरअसल, किऊल-झाझा रेलखंड पर मननपुर और जमुई स्टेशन के बीच लगे ओवरहेड तार में सुबह-सुबह ही तकनीकी गड़बड़ी पकड़ में आई। यह वही तार होता है, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों को बिजली मिलती है।
अगर इसमें कहीं भी कोई खराबी आ जाए, तो ट्रेनों का चलना लगभग नामुमकिन हो जाता है। मंगलवार को भी यही हुआ।
तार में खराबी की खबर फैलते ही रेल अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए क्योंकि उन्हें पता था कि इसका असर कितना बड़ा हो सकता है।
इस गड़बड़ी का सबसे बड़ा शिकार बनीं दो महत्वपूर्ण ट्रेनें। पहली थी पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, जिसे सुबह 9:50 बजे जमुई स्टेशन पहुंचना था।
लेकिन तार की खराबी के चलते यह लगभग डेढ़ घंटे की देरी से, सुबह 11:24 बजे जमुई पहुंची। सोचिए, एक ऐसी ट्रेन जो अपनी रफ्तार और समयबद्धता के लिए जानी जाती है, उसे भी मजबूरन थमना पड़ा।
दूसरी ट्रेन थी बक्सर-टाटानगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस। इसका निर्धारित समय सुबह 9:25 बजे था, लेकिन यह भी करीब दो घंटे विलंब से सुबह 11:30 बजे जमुई स्टेशन पहुंची।
इन दोनों ही ट्रेनों के यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें और स्टेशनों पर इंतजार
जब ट्रेनें रुकती हैं, तो इसका सबसे ज्यादा खामियाजा यात्रियों को ही भुगतना पड़ता है। वंदे भारत एक्सप्रेस को किऊल स्टेशन पर ही रोक दिया गया था।
यात्री खिड़कियों से बाहर झाँकते, बार-बार फोन चेक करते, पर खबर बस इतनी थी कि 'तार खराब है, मरम्मत चल रही है'। हर बीतते मिनट के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी।
किसे पता था कि उनकी सुबह की यात्रा इतनी लंबी और कष्टप्रद हो जाएगी।
उधर, मननपुर स्टेशन पर बक्सर-टाटानगर सुपरफास्ट के मुसाफ़िरों का भी यही हाल था। किसी को ऑफिस पहुंचना था, किसी को घर, तो किसी को जरूरी काम से जाना था – पर सब धरे के धरे रह गए।
स्टेशनों पर अनाउंसमेंट हो रही थी, लेकिन देरी का समय लगातार बढ़ रहा था, जिससे यात्रियों की निराशा भी बढ़ती जा रही थी। पानी और खाने-पीने की चीजों के लिए भी थोड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें आगे की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेनों या बसों का इंतजार करना पड़ेगा, जिससे उनका पूरा शेड्यूल ही गड़बड़ा गया।
रेलवे के तकनीशियन और मरम्मत का काम
जैसे ही ओवरहेड तार में तकनीकी खराबी की सूचना रेलवे नियंत्रण कक्ष तक पहुंची, तुरंत एक्शन लिया गया। रेलवे के तकनीशियन दौड़ते-भागते मौके पर पहुंचे।
यह काम बेहद पेचीदा और जोखिम भरा होता है, क्योंकि इसमें बिजली के तारों के साथ काम करना होता है। इन तकनीशियनों के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी थी – बिना देर किए इस खराबी को ठीक करना था ताकि लाखों यात्रियों की परेशानी खत्म हो सके और रेलमार्ग फिर से चालू हो सके।
वे तुरंत अपने काम में जुट गए, औजार लेकर, बड़ी सावधानी से उस तार को दुरुस्त करने में लग गए। उनकी मेहनत और फुर्ती का ही नतीजा था कि कुछ ही घंटों में आवश्यक तकनीकी कार्य पूरा कर लिया गया।
मरम्मत का काम पूरा होते ही, रेल परिचालन को सामान्य कर दिया गया और फिर से ट्रेनों की आवाजाही बहाल हो गई।
स्टेशन मास्टर ने क्या बताया?
इस पूरे मामले पर जमुई स्टेशन मास्टर नीतीश कुमार ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि "डाउन लाइन में ओवरहेड तार में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसकी वजह से पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और बक्सर-टाटानगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी दोनों ट्रेनें विलंबित हुईं।
" उन्होंने यह भी साफ किया कि "अब खराबी को पूरी तरह से ठीक कर दिया गया है और रेल परिचालन फिर से सामान्य पटरी पर लौट आया है।" तकनीशियनों की टीम ने बड़ी तत्परता से काम किया और स्थिति को नियंत्रण में ले आए।
उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी परेशानियों से निपटने के लिए रेलवे और भी मजबूत कदम उठाएगा ताकि यात्रियों को बेवजह की दिक्कतें न झेलनी पड़ें और ट्रेनें अपनी निर्धारित गति से चलती रहें।

