सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर आई है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सोचिए, एक मोस्ट वांटेड गैंगस्टर, जिस पर 25 हज़ार रुपये का इनाम घोषित था, वो पुलिस की नाक के नीचे से चकमा देकर फरार हो गया। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि परसौनी थाने से सामने आया असली किस्सा है, जहां प्रभु भगत नाम का एक शातिर अपराधी शौच जाने के बहाने रौशनदान तोड़कर फरार हो गया। अब पुलिस माथे पर हाथ धरे उसे ढूंढने के लिए पूरे जिले में छापेमारी कर रही है, लेकिन सवाल ये है कि आखिर इतनी सुरक्षा के बाद भी एक खूंखार अपराधी कैसे पुलिस को गच्चा दे गया?
मामला तब का है जब परिहार थाना पुलिस ने नए परसौनी थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव के रहने वाले महेंद्र भगत के बेटे प्रभु भगत को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी चल रही थी।
कागजी कार्रवाई पूरी होने वाली थी, और पुलिस शायद थोड़ी बेफिक्र थी कि आरोपी अब उनकी गिरफ्त में है। लेकिन अपराधी तो अपराधी होता है, वो हमेशा मौके की ताक में रहता है।
इसी बीच प्रभु भगत ने पुलिसकर्मियों से शौच जाने की बात कही। पुलिस ने उसे अभिरक्षा में शौचालय ले जाने का इंतजाम किया।
यही वो पल था, जिसका प्रभु भगत शायद इंतजार कर रहा था। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने बिना देर किए शौचालय के रौशनदान को तोड़ दिया और वहीं से कूदकर फरार हो गया।
पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते या प्रतिक्रिया देते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रभु भगत अंधेरे का फायदा उठाकर आंखों से ओझल हो चुका था।
उसकी फरारी की खबर जैसे ही पूरे पुलिस महकमे में फैली, हड़कंप मच गया। अब हर तरफ उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
कौन है प्रभु भगत: 25 हज़ार का इनामी और कई वारदातों का सरगना
प्रभु भगत सिर्फ एक गांजा तस्कर नहीं है, बल्कि सीतामढ़ी पुलिस की मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में उसका नाम टॉप पर आता है। उस पर सिर्फ 25 हज़ार रुपये का इनाम ही नहीं है, बल्कि उसके आपराधिक रिकॉर्ड इतने संगीन हैं कि सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रभु भगत हत्या, लूट और रंगदारी जैसे करीब एक दर्जन गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी है। उसे सुपारी लेकर हत्याएं करवाने और वारदातों को अंजाम देने के लिए कुख्यात माना जाता है।
उसका नाम सुनते ही इलाके में खौफ का माहौल छा जाता है। कई सालों से वह अपराध की दुनिया में सक्रिय है और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही थी, लेकिन अब उसकी फरारी ने पुलिस की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है।
पहले भी जा चुका है जेल: अपराध की दुनिया में वापसी
ये पहली बार नहीं है जब प्रभु भगत पुलिस के हत्थे चढ़ा था। दिलचस्प बात ये है कि उसे इसी साल 1 जुलाई 2024 को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
लंबे समय तक जेल में रहने के बाद वह हाल ही में बाहर आया था। ऐसा लगा था कि शायद जेल में रहने के बाद उसने अपराध की दुनिया से तौबा कर ली होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
जेल से बाहर आते ही वह फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया और पुराने धंधों में लिप्त पाया गया।
गांजा मामले में उसकी यह दूसरी गिरफ्तारी थी। पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ा तो सोचा कि अब जाकर उसे न्यायिक हिरासत में भेजकर उसके अपराधों पर लगाम लगाई जाएगी।
लेकिन, प्रभु भगत ने एक बार फिर पुलिस को चकमा दे दिया। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले ही उसने अपनी आजादी की राह ढूंढ ली और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए फरार हो गया।
पुलिस की फजीहत और अब आगे क्या?
प्रभु भगत जैसे एक इनामी और खूंखार अपराधी का पुलिस हिरासत से फरार हो जाना, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह दिखाता है कि अपराधियों के मंसूबे कितने बुलंद हैं और वे पुलिस के हाथों से भी कैसे निकल भागने का दम रखते हैं।
अब पूरे सीतामढ़ी जिले में उसकी तलाश में सघन छापेमारी शुरू कर दी गई है। जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं और आसपास के थानों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पुलिस अधिकारी अब इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर प्रभु भगत कैसे फरार होने में कामयाब रहा और इसमें किसकी लापरवाही थी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधियों को हल्के में लेना कितना भारी पड़ सकता है।
पुलिस अब अपनी साख बचाने और फरार अपराधी को जल्द से जल्द दोबारा गिरफ्तार करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। यह देखना होगा कि पुलिस कब तक इस शातिर अपराधी को दोबारा अपनी गिरफ्त में ले पाती है और अपनी फजीहत का दाग धो पाती है।

