सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार देर शाम नेशनल हाईवे 227 पर मातम पसरा। सुतिहारा चौक के पास एक ऐसी घटना हुई, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां तो छीनी ही, साथ ही पूरे इलाके में गुस्से की आग भी सुलगा दी। एक तेज रफ्तार मालवाहक टेंपो और एक स्कॉर्पियो गाड़ी की आमने-सामने की भयंकर टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही सुतिहारा गांव के रहने वाले मनोज साह ने दम तोड़ दिया। उनके साथ टेंपो में सवार राजू साह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
ये खबर जैसे ही गांव में बिजली की तरह फैली, लोग सदमे में आ गए। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई।
मनोज साह के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था, और इस दर्दनाक मंजर ने ग्रामीणों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। रात ढलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सीतामढ़ी-सुरसंड पथ (NH-227) पर उतर आए और मृतक के लिए मुआवजे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम कर दिया।
उनका कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वो सड़क से नहीं हटेंगे।
रविवार देर रात से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन घंटों तक चला। सड़क पर बड़े-छोटे वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान थे, तो कुछ बीमार मरीजों को लेकर जा रहे थे, लेकिन जाम के कारण कहीं जा नहीं पा रहे थे।
ये सिर्फ एक सड़क जाम नहीं था, बल्कि ग्रामीणों के आक्रोश और न्याय की पुकार का एक ठोस प्रदर्शन था, जिसने पूरे इलाके की रफ्तार थाम दी थी।
रातभर जद्दोजहद; पुलिस बल तैनात, पर बात नहीं बनी
हालात बिगड़ते देख, प्रशासन ने फौरन एक्शन लिया। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
परिहार, सुरसंड, भिठ्ठा और पुपरी जैसे कई थानों की पुलिस टीमें भारी संख्या में मौके पर पहुंचीं। पुलिस के आला अधिकारी देर रात से ही ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश कर रहे थे।
वो लगातार ग्रामीणों से अपील कर रहे थे कि सड़क जाम हटा लिया जाए, ताकि आम लोगों को दिक्कत न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे।
लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए थे। उनका कहना था कि अब तक ऐसे कई हादसे हुए हैं, लेकिन उनके परिवारों को कभी उचित मुआवजा नहीं मिला और न ही दोषियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।
रात 1 बजे तक भी प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई थी। सीतामढ़ी-सुरसंड पथ पूरी तरह बाधित था और गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा था।
रात भर की जद्दोजहद के बावजूद, स्थिति जस की तस बनी हुई थी, और लोगों की उम्मीदें धुंधली पड़ती जा रही थीं।
सुबह SP साहब ने संभाला मोर्चा, तब जाकर खुला जाम
सोमवार की सुबह होते ही, जब मामला और गंभीर होता दिखा, तो सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रंजन खुद मौके पर पहुंचे। सुबह ठीक 8 बजे एसपी साहब ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने अपनी पूरी टीम और पुलिस जवानों के साथ सीधे ग्रामीणों के बीच जाकर उनसे बातचीत की। एसपी अमित रंजन ने मृतक मनोज साह के परिवार को न्याय दिलाने और इस पूरे मामले में दोषियों पर उचित और कड़ी कानूनी कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया।
उन्होंने ये भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी मुआवजा सहित अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
एसपी के ठोस और व्यक्तिगत आश्वासन के बाद, ग्रामीणों का गुस्सा कुछ शांत हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भरोसा जताया और आखिरकार लगभग 12 घंटे से चला आ रहा ये लंबा गतिरोध समाप्त हो गया।
ग्रामीणों ने सड़क से जाम हटा लिया और सीतामढ़ी-सुरसंड पथ पर यातायात फिर से बहाल हो सका। इस पूरे मामले में पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और घायल राजू साह के इलाज पर भी नजर रखी जा रही है।




































