सीतामढ़ी: दिल्ली की तेज रफ्तार जिंदगी से कुछ पल चुराकर अपने घर, अपने गांव लौटते ही मनी कुमार ने सोचा होगा कि कुछ दिन सुकून के मिलेंगे. सीतामढ़ी के कोट बाजार में उनके अपने लोग, अपना माहौल होगा. लेकिन किसे पता था कि एक मामूली सी बात, एक छोटी सी कहासुनी उनके लिए जानलेवा बन जाएगी. दिल्ली में रहकर काम करने वाला यह नौजवान जब छुट्टी पर अपने घर आया, तो उसे क्या मालूम था कि यहीं उसकी जिंदगी पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है.
मामला पिछले कुछ घंटों का है, जिसने कोट बाजार इलाके को हिलाकर रख दिया है. मनी कुमार पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया गया है.
वो खून से लथपथ ज़मीन पर गिर पड़े और अब सदर अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं. एक छोटी सी कहासुनी कैसे इतना भयानक मोड़ ले सकती है, यह घटना उसकी एक दर्दनाक मिसाल है.
स्थानीय लोग अब भी सकते में हैं, सोच रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोस्ती-दुश्मनी के इस खेल में एक बेकसूर नौजवान इतना गंभीर रूप से घायल हो गया.
विवाद की रात और सुबह का खूनी हमला
मनी कुमार दिल्ली में मेहनत-मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का पेट पालते हैं. जैसे ही मौका मिला, वो अपने घर सीतामढ़ी के कोट बाजार लौट आए ताकि कुछ दिन अपनों के बीच बिता सकें.
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन बीती रात उनकी मुलाकात इलाके के ही बबलू कुमार से हुई. किसी बात को लेकर दोनों के बीच हल्की नोंकझोंक और कहासुनी हो गई.
अक्सर ऐसी बातें गली-मोहल्लों में होती रहती हैं, जहां दोस्त-यार कभी-कभी छोटी-छोटी बातों पर उलझ जाते हैं.
उस समय बात इतनी बढ़ी नहीं थी कि किसी बड़े खतरे का आभास होता. आसपास के लोग और परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे.
उन्होंने बीच-बचाव किया और समझा-बुझाकर दोनों को शांत कराया. लगा कि मामला शांत हो गया है, बात आई-गई हो गई.
मनी कुमार और उनके परिवार ने भी राहत की सांस ली होगी कि चलो, अब सब ठीक है. लेकिन यह उनकी गलतफहमी थी.
बबलू के मन में शायद कुछ और ही चल रहा था.
अंधेरे का फायदा उठाकर हुआ जानलेवा वार
रात के अंधेरे में जो गुस्सा पनपा था, वो सुबह की पहली किरण के साथ एक खूनी रूप ले चुका था. अहले सुबह, जब मनी कुमार शायद अपने घर के बाहर या आसपास थे, तभी बबलू कुमार अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंच गया.
उन्होंने आते ही मनी कुमार पर हमला कर दिया. इससे पहले कि मनी कुमार कुछ समझ पाते या संभल पाते, उन पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार होने लगे.
एक के बाद एक चाकू के हमले से मनी कुमार ज़मीन पर गिर पड़े.
घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला. मनी कुमार खून से लथपथ होकर वहीं ढेर हो गए.
हमलावर अपने काम को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए. आसपास के लोगों ने जब मनी कुमार को इस हालत में देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया.
हर तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए, लेकिन तब तक हमलावर बहुत दूर निकल चुके थे.
अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग
खून से लथपथ मनी कुमार को देखकर परिवारवालों के होश उड़ गए. पड़ोसी और रिश्तेदार तुरंत मदद के लिए आगे आए.
बिना वक्त गंवाए, उन्हें तत्काल सीतामढ़ी सदर अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया.
मनी कुमार की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है क्योंकि चाकू के घाव गहरे हैं और काफी खून बह चुका है.
अस्पताल के अंदर मनी कुमार जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं, वहीं बाहर उनके परिवार के लोग सदमे और चिंता में डूबे हुए हैं. उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि एक मामूली सी बहस इतनी बड़ी वारदात में बदल सकती है.
दिल्ली से छुट्टी पर आए बेटे की ये हालत देखकर मां-बाप का कलेजा फटा जा रहा है. उनकी एकमात्र उम्मीद अब डॉक्टरों और भगवान पर टिकी है कि मनी कुमार जल्द से जल्द ठीक हो जाएं.
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
इस पूरी घटना की जानकारी मिलने के बाद सीतामढ़ी नगर थाने की पुलिस भी हरकत में आ गई. नगर थानाध्यक्ष धनंजय चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें इस मामले में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही पीड़ित परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत या आवेदन मिलता है, पुलिस तुरंत इस पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी.
थानाध्यक्ष ने भरोसा दिलाया है कि आरोपितों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में संभावित सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश कर रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके.
यह घटना एक बार फिर इस बात पर ज़ोर देती है कि छोटी-मोटी कहासुनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए और पुलिस को ऐसी घटनाओं पर तुरंत ध्यान देना चाहिए ताकि वे बड़े अपराध में न बदलें.


