गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। वजीरगंज थाना क्षेत्र के चिलमपुर गांव में 27 जून की देर रात एक 35 साल के नौजवान, आजाद सिंह को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। यह सिर्फ एक कत्ल नहीं, बल्कि एक दिल दहला देने वाली कहानी है, जहां रिश्तों के धागे खून से सने और बदले की आग ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया। पुलिस के हाथ इस मामले में मुख्य आरोपी तो लग गया है, लेकिन उसका एक साथी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में गोंडा पुलिस की चार टीमें पिछले 48 घंटों से दिन-रात एक किए हुए हैं।
चिलमपुर गांव में जब इस वारदात का खुलासा हुआ तो इलाके में दहशत फैल गई। हर कोई हैरान था कि आखिर आजाद सिंह का कत्ल इतनी बेरहमी से क्यों किया गया।
शुरुआती जांच में जो कहानी सामने आई, उसने सबको चौंका दिया। यह मामला सिर्फ आपसी रंजिश का नहीं, बल्कि एक ऐसे रिश्ते का था, जिसने समाज की बंदिशें तोड़कर प्रेम विवाह किया था और जिसका खमियाजा आजाद सिंह को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी वारदात की जड़ में एक प्रेम संबंध और उसके बाद हुई शादी थी। मृतक आजाद सिंह ने आरोपी संदीप सिंह की सौतेली बहन से भागकर शादी कर ली थी।
इस बात को लेकर संदीप सिंह आजाद सिंह से गहरी रंजिश पाले हुए था। उसके दिल में बदले की ऐसी आग जल रही थी कि वह किसी भी कीमत पर आजाद सिंह को सबक सिखाना चाहता था।
वारदात की पृष्ठभूमि: प्रेम विवाह और बदले की आग
कहानी कुछ यूं है कि आजाद सिंह और संदीप सिंह की सौतेली बहन ने कुछ समय पहले समाज और परिवार की परवाह न करते हुए प्रेम विवाह कर लिया था। यह शादी संदीप सिंह को नागवार गुजरी।
उसे लगा कि इससे उसके परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल गई है। इसी बदले की भावना ने उसे इस जघन्य अपराध की ओर धकेला।
वह मौका तलाश रहा था कि कैसे आजाद सिंह को रास्ते से हटाया जाए। इसी ताक में उसने अपने एक साथी सुरेश विश्वकर्मा को इस साजिश में शामिल किया।
सुरेश विश्वकर्मा ही वह शख्स था जिसने 27 जून की रात आजाद सिंह को नवाबगंज से अपने साथ मोटरसाइकिल पर बैठाया और फिर उसे चिलमपुर गांव के पास वारदात वाली जगह पर ले गया।
आधी रात के करीब, जब गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था, संदीप सिंह ने आजाद सिंह पर हमला बोल दिया। आजाद सिंह शायद अनजान था कि जिस दोस्त के साथ वह जा रहा है, वह उसे मौत के कुएं तक ले जा रहा है और वहां उसका इंतजार कर रहा शख्स उसके खून का प्यासा है।
हमला और पोस्टमॉर्टम का चौंकाने वाला खुलासा
इस हमले की क्रूरता सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। आजाद सिंह की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने उन भयानक पलों की हकीकत बयां की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आजाद सिंह के गले पर एक या दो नहीं, बल्कि तीन से भी ज्यादा बार हंसिए से वार किए गए थे। हमलावरों ने उसके गले को बुरी तरह से काट डाला था।
इसके अलावा, उसके पेट पर भी कई वार के निशान मिले, जिससे यह साफ होता है कि हमलावर उसे किसी भी कीमत पर जिंदा नहीं छोड़ना चाहते थे। आजाद सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी संदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
इस खूनी वारदात के बाद गांव में तनाव का माहौल है। लोग सहमे हुए हैं और अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हैं।
पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी: दूसरे आरोपी की तलाश
गोंडा के पुलिस अधीक्षक (SP) विनीत जायसवाल ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फरार दूसरे आरोपी सुरेश विश्वकर्मा की गिरफ्तारी के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने तुरंत चार पुलिस टीमें गठित की हैं, जिन्हें सुरेश की तलाश में लगाया गया है।
ये टीमें पिछले 48 घंटों से लगातार सुरेश विश्वकर्मा के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। चाहे उसके रिश्तेदार हों, दोस्त हों या कोई अन्य परिचित, पुलिस हर जगह छानबीन कर रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि सुरेश विश्वकर्मा जल्द ही उनकी गिरफ्त में होगा। हालांकि, अभी तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
सुरेश अपना मोबाइल फोन बंद करके फरार चल रहा है, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। पुलिस उसकी कॉल डिटेल भी खंगाल रही है, ताकि उससे जुड़े और लोगों तक पहुंचा जा सके या उसके भागने के रास्ते का कोई सुराग मिल सके।
वजीरगंज थाना अध्यक्ष विपुल कुमार पांडे ने इस बात की पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी संदीप सिंह को वारदात के तुरंत बाद सोमवार देर शाम ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
थाना अध्यक्ष विपुल कुमार पांडे ने यह भी साफ किया है कि फरार सुरेश विश्वकर्मा को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा और इस मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि वे सुरेश के परिजनों और रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ कर रहे हैं ताकि उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
यह मामला रिश्तों की पेचीदगी, बदले की भावना और कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है, जिस पर पुलिस अपनी पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है।

